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Sultanpur News: रुक रुक कर बरसे बदरा, गिरा तापमान, धान की फसल को नुकसान

Wed, 29 Oct 2025 11:51 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर Updated Wed, 29 Oct 2025 11:51 PM IST
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Badra rains intermittently, temperature drops, damage to paddy crop
अलीगंज क्षेत्र में खेत में काटी गई धान की भीगी फसल को निहारता किसान। 
सुल्तानपुर। बेमौसम बारिश ने जिले के लोगों को ठंड का एहसास करा दिया है। बुधवार को दिन भर आसमान में बादल छाए रहे और रुक-रुककर बूंदाबांदी होती रही। धान कटाई के बीच तीन दिन से हो रही बारिश होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
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खेत में पकी खड़ी धान की फसल बारिश से प्रभावित हो रही है। किसानों ने खेत में काटकर छोड़ी गई फसल को बचाने के लिए ढेर बनाकर उसे पन्नी तिरपाल से ढंकने की व्यवस्था में जुटे हैं।
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कृषि विभाग के मुताबिक जिले में खरीफ सीजन में 1,27,370 हेक्टेयर में किसानों ने धान की खेती की है। धान की किसानों ने पखवाड़ा भर पहले कटाई शुरू कर दी थी। बीते तीन दिन से मौसम के करवट लेने और बारिश होने से धान की कटाई का काम बंद हो गया है। किसानों का कहना है कि यदि बारिश का दौर यूं ही जारी रही, तो धान की फसल को भारी नुकसान हो सकता है। काफी हद तक धान की फसल खेतों में गिरी पड़ी है।
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बारिश के साथ बाली में नमी होने से रंग काला हो जाएगा। पक चुकी धान दोबारा से अंकुरित हो सकती है। धान का रंग काला हो जाने पर उसका दाम भी ठीक नहीं मिलता है।

किसान बोले-बारिश से फायदा कम, नुकसान अधिक
किसान राजकुमार शर्मा ने बताया कि पांच बीघे में धान की फसल तैयार है। बारिश से डर लग रहा है। यदि हवा के साथ बारिश होती है तो फसल गिर जाएगी, और मशीन से कटाई कराना मुश्किल हो जाएगा। श्याम बहादुर यादव ने कहा कि तीन बीघा धान की फसल खेत में खड़ी है। दो-चार दिन बारिश होती रही तो धान की फसल गिर जाएगी और काफी नुकसान होगा। जितेंद्र कुमार तिवारी ने बताया कि 16 बीघे में धान की फसल पककर तैयार है। कटाई के लिए मौसम साफ होने का इंतजार है। दूधनाथ यादव, दिनेश श्रीवास्तव, संजय पांडेय, दिनेश गुप्ता, महेंद्र शर्मा, कैलाश पांडेय आदि किसानों का कहना है कि बारिश से फायदा कम और नुकसान अधिक है।

सब्जी की खेती करने वाले किसान चिंतित
बेमौसम बारिश से सब्जी की खेती करने वाले किसान चिंतित हैं। चंद्रशेखर उपाध्याय ने बताया कि बारिश से गोभी के पत्तों में कीड़े लगने की आशंका बढ़ जाती है। शिमला मिर्च की फसल में रोग लगेगा। किसान नंदकिशोर और जयसिंह नारायण तिवारी ने बताया कि टमाटर व खीरा की फसल में भी बारिश से नुकसान है।

हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार
आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के मौसम पर्यवेक्षक डॉ. अमरनाथ मिश्र ने बताया कि बुधवार को अधिकतम तापमान 29.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 1.7 डिग्री कम रहा। न्यूनतम तापमान 21.0 डिग्री सेल्सियस रहा। इसमें 4.0 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। उत्तरी-पूर्वी हवा की गति 3.0 किमी. प्रति घंटा रही। आगामी 24 घंटे में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है।

रबी सीजन में फसल बोआई का लक्ष्य
रबी सीजन में गेहूं 1,16,114, जौ 1618, मक्का 57, चना 3500, मटर 6000, मसूर 6001, तोरिया 2957, राई/सरसों 8632 व अलसी 215 हेक्टेयर में बोआई का लक्ष्य है। जिला कृषि अधिकारी सदानंद चौधरी ने बताया कि गेहूं और जौ को छोड़कर करीब 65 फीसदी फसलों की बोआई हो चुकी है। गेहूं और जौ की बोआई का उपयुक्त समय 15 नवंबर से 15 दिसंबर तक होता है।


गेहूं की बोआई के लिए फायदेमंद होगी बारिश
कृषि विज्ञान केंद्र बरासिन के कृषि वैज्ञानिक सौरभ वर्मा ने बताया कि बारिश से धान की फसल को नुकसान के साथ सरसों, मटर, चना और आलू के लिए लाभदायक है। गेहूं की बोआई के लिए बारिश किसानों के लिए फायदेमंद साबित होगी।
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