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पानी छोड़ते ही हवा हुआ 828 किमी नहर की सिल्ट सफाई का दावा

Sat, 19 Dec 2020 09:44 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 19 Dec 2020 09:44 PM IST
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As soon as you release water, water becomes a claim for cleaning silt in three crores
सुल्तानपुर। सिंचाई का प्रमुख साधन मानी जाने वाली नहरों का पानी ही किसानों की फसल के लिए आफत बन गया है। नहर में पानी छोड़े जाते ही नहर विभाग के 828 किमी सिल्ट सफाई के दावे की पोल खुल गई है। इस बार सिल्ट सफाई का विभाग ने तीन करोड़ का बजट बनाया है।
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लेकिन जमीनी हकीकत एकदम उलट है। सिल्ट सफाई के अभाव में माइनरों में पानी पहुंचते ही उफान मारता पानी कमजोर पटरियों को ध्वस्त करने लगा है। पटरियां कटने से माइनरों का पानी तबाही मचा रहा है।
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रबी के सीजन में जिले के भदैंया ब्लॉक के किसानों के लिए नहर का पानी अभिशाप साबित हुआ है। पिछले तीन दिनों में करीब पांच स्थानों पर नहर की पटरी में कटान हो चुकी है। कटान से करीब 700 बीघा फसल जलमग्न हो गई है। खेतों में बोई गई चना, मटर, गेहूं, सरसों की फसल चौपट हो गई है।
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किसानों का कहना है कि सिल्ट सफाई का कार्य सही ढंग से कराया गया होता तो कटान नहीं होती। रबी की फसल की सिंचाई के लिए सिंचाई विभाग की ओर से जिले में करीब 828 किमी के दायरे में नहर की सिल्ट सफाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया था।
इसके लिए करीब तीन करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। जनपद में सिंचाई खंड-16, सिंचाई खंड व सिंचाई खंड-49 के अंतर्गत सिल्ट सफाई का कार्य नवंबर महीने में ही शत-प्रतिशत पूरा कराने का दावा किया जा रहा है लेकिन भौतिक धरातल पर स्थिति बिल्कुल उलट है।
कई स्थानों पर नहरों व माइनरों की पटरियों की सिल्ट सफाई का कार्य अभी पूरा नहीं हो सका है। ऐसे में जब नहरों में पानी छोड़ा गया तो जगह-जगह कटान होने लगी। अमर उजाला ने सिल्ट सफाई की पड़ताल की तो ग्रामीण क्षेत्र के कई स्थानों पर नहर व माइनर की पटरियों पर हुई सिल्ट सफाई की खामियां सामने आ गईं।
सिंचाई खंड -49 के अंतर्गत कुड़वार विकास खंड के नहर से कई माइनर जुड़ी हैं। इसमें कोटा व सोहगौली माइनर में सिल्ट सफाई का कार्य नहीं करवाया गया है। यहां पर कई वर्षों से टेल तक पानी नहीं पहुंच पाता है।
जयसिंहपुर तहसील क्षेत्र के अंतर्गत सिंचाई खंड-16 के अंतर्गत नहर व माइनर का संचालन किया जा रहा है। क्षेत्र के पीढ़ी-महमूदपुर माइनर में पेड़-पौधे उग आए हैं। यहां पर सिल्ट की सफाई नहीं कराई गई। वहीं, सेमरी माइनर में भी सिल्ट सफाई का कार्य नहीं कराया गया है। ग्रामीण बताते हैं कि कई साल से यहां पानी नहीं आया है।

भदैंया। विकास खंड क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों पर हुई नहर कटान में सिंचाई खंड की ओर से कटान स्थल को बांधने का कार्य शनिवार को भी जारी रहा। दिन भर लोग पटरी को बांधने में जुटे रहे। जेई मारकंडेय पाल ने बताया कि देर शाम तक कटान को बांध दिया गया।
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