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Sultanpur News: अधिशासी अभियंता द्वितीय के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी
Tue, 04 Mar 2025 12:35 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Tue, 04 Mar 2025 12:35 AM IST
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सुल्तानपुर। जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष रामलखन सिंह चंद्रौल ने आदेश का पालन न करने पर मध्यांचल विद्युत वितरण निगम दरियापुर के अधिशासी अभियंता द्वितीय अरुण कुमार के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। आयोग ने गिरफ्तारी वारंट एसपी के पास भेजने का आदेश देते हुए मामले में अगली सुनवाई के लिए 22 मार्च की तिथि तय की है।
यह मामला लंभुआ तहसील क्षेत्र के बेला मोहन गांव निवासी चेत बहादुर सिंह की ओर से दायर परिवाद से जुड़ा है। चेत बहादुर सिंह ने नलकूप का कनेक्शन लेने के लिए विद्युत निगम में आवेदन किया था। इसके लिए 125 रुपये सर्वे फीस और 5,937 रुपये प्रतिभूति फीस मार्च, 2008 में जमा किया था। विद्युतकर्मियों ने सर्वे करने के बाद कनेक्शन आवंटित कर दिया था और तीन दिन में खंभे से नलकूप तक कनेक्शन देने का आश्वासन दिया था।
कनेक्शन के लिए चेत बहादुर कई दिनों तक इंतजार करते रहे। आरोप है कि कनेक्शन नहीं जोड़ने के बाद भी विद्युत निगम ने 10,828 रुपये बकाया बिल का वसूली नोटिस भेज दिया था। फर्जी बकाया बिल का समाधान न होने पर चेत बहादुर ने जिला उपभोक्ता आयोग की शरण ली थी।
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25 अगस्त, 2008 को आयोग ने वसूली नोटिस रद्द कर दो माह में सर्वे व प्रतिभूति फीस वापस लौटाने के साथ ही परिवादी को पांच हजार रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश विद्युत निगम को दिया था। इस आदेश का पालन न होने पर परिवादी चेत बहादुर ने दोबारा आयोग की शरण ली है।
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यह मामला लंभुआ तहसील क्षेत्र के बेला मोहन गांव निवासी चेत बहादुर सिंह की ओर से दायर परिवाद से जुड़ा है। चेत बहादुर सिंह ने नलकूप का कनेक्शन लेने के लिए विद्युत निगम में आवेदन किया था। इसके लिए 125 रुपये सर्वे फीस और 5,937 रुपये प्रतिभूति फीस मार्च, 2008 में जमा किया था। विद्युतकर्मियों ने सर्वे करने के बाद कनेक्शन आवंटित कर दिया था और तीन दिन में खंभे से नलकूप तक कनेक्शन देने का आश्वासन दिया था।
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कनेक्शन के लिए चेत बहादुर कई दिनों तक इंतजार करते रहे। आरोप है कि कनेक्शन नहीं जोड़ने के बाद भी विद्युत निगम ने 10,828 रुपये बकाया बिल का वसूली नोटिस भेज दिया था। फर्जी बकाया बिल का समाधान न होने पर चेत बहादुर ने जिला उपभोक्ता आयोग की शरण ली थी।
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25 अगस्त, 2008 को आयोग ने वसूली नोटिस रद्द कर दो माह में सर्वे व प्रतिभूति फीस वापस लौटाने के साथ ही परिवादी को पांच हजार रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश विद्युत निगम को दिया था। इस आदेश का पालन न होने पर परिवादी चेत बहादुर ने दोबारा आयोग की शरण ली है।