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Sultanpur News: फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर पुलिस की नौकरी हथियाने वाले के खिलाफ अर्जी
Fri, 24 Oct 2025 11:25 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Fri, 24 Oct 2025 11:25 PM IST
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सुल्तानपुर। फर्जी जाति प्रमाणपत्र और कूटरचित अभिलेख लगाकर ट्रैफिक उप निरीक्षक की नौकरी हथियाने वाले आरोपी समेत तीन लोगों के खिलाफ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नवनीत सिंह की अदालत में शुक्रवार को अर्जी दी गई। अदालत ने मामले में उच्चाधिकारियों को 10 नवंबर तक अपनी रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।
कोतवाली नगर के नई कॉलोनी पुलिस लाइन निवासी वादी पंकज कुमार ने सीजेएम कोर्ट में अर्जी दी है। आरोप के मुताबिक कूरेभार थाने के राघवपुर-ईरूल निवासी आरोपी राम प्रताप ने अनुसूचित जाति का व्यक्ति होने के बावजूद अनुसूचित जनजाति का फर्जी जाति प्रमाण पत्र व अन्य दस्तावेज विभाग में देकर यातायात विभाग में उप निरीक्षक पद की नौकरी हासिल कर ली। वादी के आरोप के मुताबिक, उन्होंने जब इस फर्जीवाड़े की शिकायत विभाग में की तो जांच कराई गई और मामला सही भी पाया गया, लेकिन कोर्ट में कार्यवाही लंबित कर व विभागीय उच्चाधिकारियो का सहारा लेकर आरोपी राम प्रताप बचता चला आ रहा है। पंकज के मुताबिक, उनकी अर्जी पर ही सीजेएम कोर्ट के आदेश पर फर्जी जाति प्रमाण पत्र लगाकर होमगार्ड की नौकरी हथियाने वाले अच्छेलाल के खिलाफ गंभीर धाराओं में कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ है, जिसकी जांच चल रही है।
आरोप के मुताबिक अच्छेलाल की तरह ही फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर उनके भाई राम प्रताप भी यातायात विभाग में नौकरी कर रहे हैं और कार्रवाई से बचे हैं। तत्कालीन तहसीलदार व नगर कोतवाल से शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं करने का आरोप है। नतीजतन वादी पंकज कुमार को अदालत की शरण लेनी पड़ी। संवाद
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कोतवाली नगर के नई कॉलोनी पुलिस लाइन निवासी वादी पंकज कुमार ने सीजेएम कोर्ट में अर्जी दी है। आरोप के मुताबिक कूरेभार थाने के राघवपुर-ईरूल निवासी आरोपी राम प्रताप ने अनुसूचित जाति का व्यक्ति होने के बावजूद अनुसूचित जनजाति का फर्जी जाति प्रमाण पत्र व अन्य दस्तावेज विभाग में देकर यातायात विभाग में उप निरीक्षक पद की नौकरी हासिल कर ली। वादी के आरोप के मुताबिक, उन्होंने जब इस फर्जीवाड़े की शिकायत विभाग में की तो जांच कराई गई और मामला सही भी पाया गया, लेकिन कोर्ट में कार्यवाही लंबित कर व विभागीय उच्चाधिकारियो का सहारा लेकर आरोपी राम प्रताप बचता चला आ रहा है। पंकज के मुताबिक, उनकी अर्जी पर ही सीजेएम कोर्ट के आदेश पर फर्जी जाति प्रमाण पत्र लगाकर होमगार्ड की नौकरी हथियाने वाले अच्छेलाल के खिलाफ गंभीर धाराओं में कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ है, जिसकी जांच चल रही है।
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आरोप के मुताबिक अच्छेलाल की तरह ही फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर उनके भाई राम प्रताप भी यातायात विभाग में नौकरी कर रहे हैं और कार्रवाई से बचे हैं। तत्कालीन तहसीलदार व नगर कोतवाल से शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं करने का आरोप है। नतीजतन वादी पंकज कुमार को अदालत की शरण लेनी पड़ी। संवाद
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