{"_id":"69405b4e865359396808289c","slug":"application-could-not-be-started-under-rte-sultanpur-news-c-103-1-slp1004-146373-2025-12-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sultanpur News: आरटीई के तहत नहीं शुरू हो सका आवेदन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sultanpur News: आरटीई के तहत नहीं शुरू हो सका आवेदन
विज्ञापन
सुल्तानपुर। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों में गरीब व वंचित वर्ग के बच्चों के मुफ्त दाखिले की प्रक्रिया इस बार तय समय पर शुरू नहीं हो सकी है। पोर्टल अपडेट होने से अभिभावक आवेदन को लेकर परेशान हैं।
जिले में 860 निजी विद्यालयों ने बेसिक शिक्षा परिषद के पोर्टल पर पंजीकरण किया है। अभी तक 1990 बच्चे आरटीई के तहत पढ़ाई कर रहे हैं। आवेदन प्रक्रिया एक दिसंबर से शुरू होनी थी, लेकिन इस बार देरी हो रही है। सितंबर में जारी शासनादेश में आरटीई प्रवेश प्रक्रिया को लेकर कुछ संशोधन किए गए थे। इन्हीं संशोधनों के अनुसार पोर्टल में आवश्यक तकनीकी बदलाव किए जा रहे हैं। इस बार आरटीई प्रवेश प्रक्रिया में एक अतिरिक्त चरण भी जोड़ा गया है। सभी चरण पूरे होने के बाद यदि सीटें खाली रह जाती हैं, तो उन पर भी बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा। इससे अधिक से अधिक पात्र बच्चों को निजी स्कूलों में निशुल्क शिक्षा का लाभ मिल सकेगा।
लग सकता है एक हफ्ते का समय
बेसिक शिक्षा अधिकारी उपेंद्र गुप्ता ने बताया कि आरटीई पोर्टल में शासन स्तर पर अपडेट किया जा रहा है। अपडेट पूरा होते ही आवेदन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। उन्होंने बताया कि इस बार अभिभावकों को केवल एक बार ही आवेदन करने का मौका मिलेगा। पहले की तरह एक ही बच्चे के लिए दो-तीन या उससे अधिक आवेदन नहीं किए जा सकेंगे। जिले के सभी निजी स्कूलों की प्री-प्राइमरी या कक्षा एक की कुल सीटों के 25 प्रतिशत पर आरटीई के तहत प्रवेश दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में 860 निजी विद्यालयों ने बेसिक शिक्षा परिषद के पोर्टल पर पंजीकरण किया है। अभी तक 1990 बच्चे आरटीई के तहत पढ़ाई कर रहे हैं। आवेदन प्रक्रिया एक दिसंबर से शुरू होनी थी, लेकिन इस बार देरी हो रही है। सितंबर में जारी शासनादेश में आरटीई प्रवेश प्रक्रिया को लेकर कुछ संशोधन किए गए थे। इन्हीं संशोधनों के अनुसार पोर्टल में आवश्यक तकनीकी बदलाव किए जा रहे हैं। इस बार आरटीई प्रवेश प्रक्रिया में एक अतिरिक्त चरण भी जोड़ा गया है। सभी चरण पूरे होने के बाद यदि सीटें खाली रह जाती हैं, तो उन पर भी बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा। इससे अधिक से अधिक पात्र बच्चों को निजी स्कूलों में निशुल्क शिक्षा का लाभ मिल सकेगा।
विज्ञापन
लग सकता है एक हफ्ते का समय
बेसिक शिक्षा अधिकारी उपेंद्र गुप्ता ने बताया कि आरटीई पोर्टल में शासन स्तर पर अपडेट किया जा रहा है। अपडेट पूरा होते ही आवेदन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। उन्होंने बताया कि इस बार अभिभावकों को केवल एक बार ही आवेदन करने का मौका मिलेगा। पहले की तरह एक ही बच्चे के लिए दो-तीन या उससे अधिक आवेदन नहीं किए जा सकेंगे। जिले के सभी निजी स्कूलों की प्री-प्राइमरी या कक्षा एक की कुल सीटों के 25 प्रतिशत पर आरटीई के तहत प्रवेश दिया जाएगा।
विज्ञापन