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इंजेक्शन से विद्युत मीटर को किया जा रहा इंजेक्ट
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सुल्तानपुर। पावर कॉर्पोरेशन को विद्युत बिलों में चपत लगाने का शातिरों ने नायाब तरीका निकाला है। गोरखधंधे में शामिल शातिरों की टीम उपभोक्ताओं के विद्युत मीटर को इंजेक्शन से तेजाब डाल कर खराब कर दे रहे हैं।
मीटर खराब होने के बाद उसे गैंग के लोग बदलकर रीडिंग को खत्म करके पावर कॉर्पोरेशन को लाखों के राजस्व की चपत लगा रहे हैं। सूचना पर सख्त हुए विद्युत वितरण इंजीनियरों की छानबीन में मामला प्रकाश में आया है।
जिले में खासकर शहर में बिजली बिलों के बकाएदारों के मीटर में गड़बड़ी कर उसे बदलने का खेल करीब दो साल से चल रहा है। एक बार मामला पकड़े जाने के बाद विद्युत वितरण के अधिकारियों की रोक के बाद भी भी शहर में मीटर बदलने का खेल चालू रहा।
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इसमें निगम से जुड़े कुछ कर्मियों की मिलीभगत से एक शातिर गैंग पहले उपभोक्ताओं के घरों में लगे मीटर को इंजेक्शन से तेजाब डालकर उसे खराब कर रहा है। इंजेक्शन से तेजाब डालने से मीटर की रीडिंग उड़ जा रही है।
रीडिंग उड़ाकर उसी की आड़ में शातिरों की गैंग मीटर को बदल दे रही है। मीटर बदलने से उपभोक्ताओं की उपभोग की गई बिजली का पता नहीं चल पा रहा है। इसका फायदा शातिर गैंग के लोग व निगम कर्मियों से मिलीभगत करके उठा रहे हैं।
वे उपभोक्ताओं की रीडिंग उड़ाने के बाद मीटर बदलकर हजारों रुपये की वसूली कर रहे हैं। इस गोरखधंधे में प्रतिमाह कई लाख की चपत पावर कॉर्पोरेशन को लग रही है। लगातार मीटर खराब दिखाकर उसे बदलने के चल रहे धंधे पर संदेह होने पर जब वितरण मंडल ने इसकी छानबीन कराई तो मामला प्रकाश में आया है।
बताया जा रहा है कि इस धंधे से पावर कॉर्पोरेशन को अभी तक लाखों की चपत लग चुकी है। प्रकरण प्रकाश में आने के बाद वितरण मंडल जांच के लिए जयपुर (राजस्थान) भेजे गए रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है।
जांच से जुड़े इंजीनियरों के मुताबिक इसमें निगम समेत बाहर के भी कई लोग घेरे में आएंगे। फिलहाल वितरण मंडल के अधिकारी लगातार इस पर नजर बनाए हुए हैं।
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मीटर खराब होने के बाद उसे गैंग के लोग बदलकर रीडिंग को खत्म करके पावर कॉर्पोरेशन को लाखों के राजस्व की चपत लगा रहे हैं। सूचना पर सख्त हुए विद्युत वितरण इंजीनियरों की छानबीन में मामला प्रकाश में आया है।
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जिले में खासकर शहर में बिजली बिलों के बकाएदारों के मीटर में गड़बड़ी कर उसे बदलने का खेल करीब दो साल से चल रहा है। एक बार मामला पकड़े जाने के बाद विद्युत वितरण के अधिकारियों की रोक के बाद भी भी शहर में मीटर बदलने का खेल चालू रहा।
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इसमें निगम से जुड़े कुछ कर्मियों की मिलीभगत से एक शातिर गैंग पहले उपभोक्ताओं के घरों में लगे मीटर को इंजेक्शन से तेजाब डालकर उसे खराब कर रहा है। इंजेक्शन से तेजाब डालने से मीटर की रीडिंग उड़ जा रही है।
रीडिंग उड़ाकर उसी की आड़ में शातिरों की गैंग मीटर को बदल दे रही है। मीटर बदलने से उपभोक्ताओं की उपभोग की गई बिजली का पता नहीं चल पा रहा है। इसका फायदा शातिर गैंग के लोग व निगम कर्मियों से मिलीभगत करके उठा रहे हैं।
वे उपभोक्ताओं की रीडिंग उड़ाने के बाद मीटर बदलकर हजारों रुपये की वसूली कर रहे हैं। इस गोरखधंधे में प्रतिमाह कई लाख की चपत पावर कॉर्पोरेशन को लग रही है। लगातार मीटर खराब दिखाकर उसे बदलने के चल रहे धंधे पर संदेह होने पर जब वितरण मंडल ने इसकी छानबीन कराई तो मामला प्रकाश में आया है।
बताया जा रहा है कि इस धंधे से पावर कॉर्पोरेशन को अभी तक लाखों की चपत लग चुकी है। प्रकरण प्रकाश में आने के बाद वितरण मंडल जांच के लिए जयपुर (राजस्थान) भेजे गए रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है।
जांच से जुड़े इंजीनियरों के मुताबिक इसमें निगम समेत बाहर के भी कई लोग घेरे में आएंगे। फिलहाल वितरण मंडल के अधिकारी लगातार इस पर नजर बनाए हुए हैं।