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Sultanpur News: प्लास्टिक कचरे का लगा पहाड़, निस्तारण बेहाल

Fri, 16 Oct 2026 12:35 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर Updated Fri, 16 Oct 2026 12:35 AM IST
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A mountain of plastic waste has piled up; disposal efforts are in a sorry state
 शहर से सटे अलहदादपुर में लगा कचरे का ढेर। स्रोत-ग्रामीण
सुल्तानपुर। शहर में लगने वाली प्रचार सामग्री के कचरे को नगर पालिका परिसर के वीर सावरकर पार्क में इकट्ठा किया जा रहा है। अस्थायी रूप से एक डंपिंग स्थल बनाकर यहां पर होर्डिंग्स के कचरे का ढेर जमा किया जा रहा है। इसे हटाने के लिए नगर पालिका के पास कोई कार्ययोजना नहीं है। नगर पालिका का कर विभाग होर्डिंग्स के कचरे के निस्तारण के लिए मौन है।
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शहर में करीब 650 से अधिक होर्डिंग्स व बड़ी संख्या में यूनीपोल पर प्रचार सामग्री लगाई गई है। समय बीतने के साथ खराब हो चुकी प्रचार सामग्री को लाकर नगर पालिका में फेंका जा रहा है। कर विभाग के राजस्व निरीक्षक प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि फर्म के साथ प्रचार सामग्री लगाने व हटाने का अनुबंध किया गया है। पोल से उतारी जाने वाली पुरानी होर्डिंग्स नगर पालिका के वीर सावरकर पार्क में रखवा दी गई है। फर्म की ओर से इसका निस्तारण करवाया जाएगा।
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डंपिंग ग्राउंड में जमा कई टन कचरे से बढ़ी परेशानी
फोटो संख्या- 02

शहर के पास अलहदादपुर में स्थापित नगर पालिका के कूड़ा निस्तारण इकाई पर करीब 45,359.24 क्विंटल कूड़ा डंप है। इसमें प्लास्टिक सहित अन्य सूखा कचरा, गीला कचरा, सैनिटरी नैपकिन अपशिष्ट, मेडिकल कचरा व मलबा पड़ा है। अलहदादपुर में जमा कचरे की वजह से फैल रहे प्रदूषण से सौरमऊ, नरायनपुर, कैलाशनगर व आसपास के लोग काफी परेशान हैं। इसमें बड़ी मात्रा में प्लास्टिक का कचरा भी शामिल है। सीएंडडीएस की ओर से इसका निस्तारण नहीं कराया जा सका है।
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नुकसान दायक है होर्डिंग्स का कचरा
सुल्तानपुर। चुनाव, त्योहार या विज्ञापन के बाद शहरों में फटे-पुराने होर्डिंग्स, फ्लेक्स और बैनर अक्सर कूड़े में फेंक दिए जाते हैं। केएनआई के पर्यावरण विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि ज्यादातर होर्डिंग्स पॉली विनाइल क्लोराइड (पीवीसी) से बने होते हैं। इसे जलाने पर डाइऑक्सिन और फ्यूरान जैसी खतरनाक गैसें निकलती हैं। ये गैसें विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से सबसे खतरनाक कार्सिनोजेनिक तत्वों में गिनी जाती हैं। इनका धुआं लंबे समय तक हवा में रहता है और सांस के जरिये फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है।

खराब होर्डिंग्स को किया जाए रिसाइकिल
मेडिकल कॉलेज की फिजिशियन व सीएमएस डॉ. एसी गुप्ता ने बताया कि कि कचरे में पड़े फ्लेक्स से निकलने वाले सूक्ष्म कण खतरनाक होते हैं। इससे आंखों में जलन, अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और त्वचा रोग तेजी से बढ़ रहे हैं। गर्भवती महिलाओं और बच्चों पर इसका असर सबसे ज्यादा होता है। इसे जलाने से निकलने वाले धुएं के संपर्क में रहने से फेफड़ों के कैंसर का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। होर्डिंग्स को जलाने की बजाय रिसाइकिल किया जाए।



रिसाइकिल के लिए भेजा जाएगा कचरा
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी लाल चंद्र सरोज ने बताया कि डंपिंग ग्राउंड में पड़े कचरे के निस्तारण के लिए सीएंडडीएस से लगातार पत्राचार किया जा रहा है। नगर पालिका परिसर में पड़े होर्डिंग्स के कचरे को जल्द ही रिसाइकिल के लिए भेजा जाएगा।
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