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बंद हैं कई धान क्रय केंद्र
Sultanpur
Updated Tue, 28 Oct 2014 05:31 AM IST
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सुल्तानपुर। शासन की धान खरीद रफ्तार बढ़ाने की तमाम कोशिशें जिले में रंग नहीं दिखा पा रही हैं। पांच खरीद एजेंसियों के सहयोग से खुले 28 क्रय केंद्रों में आधे बंद पड़े हैं। जो खुले हैं, वहां इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन, नमी मापक यंत्र, बोरे व अन्य संसाधनों का अभाव है। स्वीकृत केंद्रों पर किसानों के बैठने व पेयजल का प्रबंध न होने से इनका रुझान प्राइवेट मिलों की तरफ देखा जा रहा है।
जिला खाद्य एवं विपणन, यूपी कोऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड, पीसीएफ, उप्र सहकारी संघ, स्टेट एग्रो व भारतीय खाद्य निगम एजेंसियां अभिलेखों में अक्तूबर के पहले सप्ताह में ही धान क्रय केंद्रों को दुरुस्त कर चुकी हैं। हालांकि शहर समेत लंभुआ, जयसिंहपुर, कादीपुर तहसीलों में दो तिहाई से अधिक केंद्रों पर आवश्यक संसाधन भी नहीं पहुंच पाए हैं। यहां नमी मापक यंत्र, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन, बोरों की उपलब्धता मांग के अनुरूप नहीं है। दूरदराज के पीसीएफ केंद्रों के अभी तक अस्तित्व में नहीं आने की बात किसानों की तरफ से कही जा रही है। अव्यवस्था के चलते बड़े काश्तकार व किसानों का सरकारी मशीनरी से मोह भंग होने लगा है।
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जिला खाद्य एवं विपणन, यूपी कोऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड, पीसीएफ, उप्र सहकारी संघ, स्टेट एग्रो व भारतीय खाद्य निगम एजेंसियां अभिलेखों में अक्तूबर के पहले सप्ताह में ही धान क्रय केंद्रों को दुरुस्त कर चुकी हैं। हालांकि शहर समेत लंभुआ, जयसिंहपुर, कादीपुर तहसीलों में दो तिहाई से अधिक केंद्रों पर आवश्यक संसाधन भी नहीं पहुंच पाए हैं। यहां नमी मापक यंत्र, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन, बोरों की उपलब्धता मांग के अनुरूप नहीं है। दूरदराज के पीसीएफ केंद्रों के अभी तक अस्तित्व में नहीं आने की बात किसानों की तरफ से कही जा रही है। अव्यवस्था के चलते बड़े काश्तकार व किसानों का सरकारी मशीनरी से मोह भंग होने लगा है।
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