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जांच में फंसीं कोइरीपुर नपा अध्यक्ष
Sultanpur
Updated Sun, 08 Dec 2013 05:43 AM IST
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सुल्तानपुर। उम्र का फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर नगर पंचायत अध्यक्ष का चुनाव लड़ने वाली चेयरमैन कोइरीपुर जांच में फंस गई हैं। तहसीलदार लंभुआ की जांच में उनका स्कूल व ग्राम पंचायत विकास अधिकारी से जारी जन्मतिथि प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया है। एसडीएम को भेजी रिपोर्ट में तहसीलदार ने जांच में सहयोग नहीं करने का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच की सिफारिश की है। इस प्रकरण से कोइरीपुर नगर पंचायत में खलबली मची है।
कोइरीपुर नगर पंचायत की चेयरमैन रुबीना बानो ने कम उम्र होते हुए भी फर्जी जन्मतिथि प्रमाण पत्र लगाकर चुनाव लड़ा था। चुनाव लड़ने के लिए उन्होंने अपने मायके प्रतापगढ़ जनपद के शिवगढ़ ब्लॉक के केवराकलां स्थित प्राथमिक विद्यालय से जारी टीसी व ग्राम विकास अधिकारी से जारी जन्मतिथि प्रमाण पत्र लगाया था। नगर पंचायत के मोहल्ला कंचन नगर निवासी राकेश अग्रहरि की शिकायत पर तहसीलदार लंभुआ द्वारा की गई जांच में दोनों प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए हैं। तहसीलदार ने अपनी 12 पेज की जांच रिपोर्ट में विद्यालय से जारी टीसी (स्थानांतरण प्रमाण पत्र) व ग्राम विकास अधिकारी की ओर से जारी जन्मतिथि प्रमाण पत्र फर्जी करार दिया है। जांच रिपोर्ट के मुताबिक नामांकन में जो टीसी प्राथमिक विद्यालय केवराकलां की लगाई गई है वह स्कूल से जारी ही नहीं हुई है। इसकी पुष्टि के लिए तहसीलदार ने तत्कालीन प्रधानाध्यापक रामलाल का बयान भी दाखिल किया है। नामांकन में प्रतापगढ़ के केवराकलां के ग्राम विकास अधिकारी की ओर से जारी जन्मतिथि प्रमाण पत्र को भी तहसीलदार ने फर्जी करार दिया है। एसडीएम राम विलास ने कहा कि जांच रिपोर्ट मिलते ही कार्रवाई होगी।
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कोइरीपुर नगर पंचायत की चेयरमैन रुबीना बानो ने कम उम्र होते हुए भी फर्जी जन्मतिथि प्रमाण पत्र लगाकर चुनाव लड़ा था। चुनाव लड़ने के लिए उन्होंने अपने मायके प्रतापगढ़ जनपद के शिवगढ़ ब्लॉक के केवराकलां स्थित प्राथमिक विद्यालय से जारी टीसी व ग्राम विकास अधिकारी से जारी जन्मतिथि प्रमाण पत्र लगाया था। नगर पंचायत के मोहल्ला कंचन नगर निवासी राकेश अग्रहरि की शिकायत पर तहसीलदार लंभुआ द्वारा की गई जांच में दोनों प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए हैं। तहसीलदार ने अपनी 12 पेज की जांच रिपोर्ट में विद्यालय से जारी टीसी (स्थानांतरण प्रमाण पत्र) व ग्राम विकास अधिकारी की ओर से जारी जन्मतिथि प्रमाण पत्र फर्जी करार दिया है। जांच रिपोर्ट के मुताबिक नामांकन में जो टीसी प्राथमिक विद्यालय केवराकलां की लगाई गई है वह स्कूल से जारी ही नहीं हुई है। इसकी पुष्टि के लिए तहसीलदार ने तत्कालीन प्रधानाध्यापक रामलाल का बयान भी दाखिल किया है। नामांकन में प्रतापगढ़ के केवराकलां के ग्राम विकास अधिकारी की ओर से जारी जन्मतिथि प्रमाण पत्र को भी तहसीलदार ने फर्जी करार दिया है। एसडीएम राम विलास ने कहा कि जांच रिपोर्ट मिलते ही कार्रवाई होगी।
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