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जिले को भी मिली फैमिली कोर्ट की सौगात
Sultanpur
Updated Thu, 05 Dec 2013 05:43 AM IST
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सुल्तानपुर। वैवाहिक मुकदमों के त्वरित निस्तारण के लिए हाईकोर्ट ने जिले में फैमिली कोर्ट खोलने की मंजूरी दे दी है। एडीजे चतुर्थ संजीव यादव को फैमिली कोर्ट का प्रधान न्यायाधीश बनाया गया है। फैमिली कोर्ट को 28 फरवरी 2014 तक स्वीकृति मिली है। हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल की ओर से भेजा गया आदेश बुधवार को दीवानी न्यायालय के प्रशासनिक कार्यालय पहुंचा। जिले में फैमिली कोर्ट खुलने से वादकारियों को राहत मिलेगी। विवाह संबंधी विवादों को आपसी सुलह समझौते से हल कराने और ऐसे मुकदमों के त्वरित निस्तारण के लिए शासन ने सुल्तानपुर-अमेठी समेत 63 जिलों में फैमिली कोर्ट खोलने का निर्णय लिया था। शासन ने पारिवारिक न्यायालय के पदों का सृजन किया था। 23 मई 2013 को प्रमुख सचिव न्याय एसके पांडेय ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के महानिबंधक को भेजे पत्र में इसकी जानकारी दी थी। पत्र में कहा गया था कि प्रदेश के 12 जिलों में 16 फैमिली कोर्ट चल रही हैं। शेष 63 जिलों में उच्चतर न्यायिक सेवा संवर्ग (एचजेएस) के 63 पद सृजित कर वैवाहिक मुकदमों की सुनवाई फैमिली कोर्ट में की जाएगी। फैमिली कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश द्वारा कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से 28 फरवरी 2014 तक पारिवारिक न्यायालय के पद सृजन की स्वीकृति दी गई है। हाईकोर्ट ने सुल्तानपुर-अमेठी समेत 63 जिलों में फैमिली कोर्ट की मंजूरी प्रदान कर दी है। हाईकोर्ट के प्रभारी रजिस्ट्रार जनरल दिनेश सिंह की ओर से दो दिसंबर को भेजा गया आदेश बुधवार को दीवानी न्यायालय पहुंचा। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि एडीजे चतुर्थ संजीव यादव को फैमिली कोर्ट का प्रधान न्यायाधीश बनाया गया है।
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