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संगोष्ठी में हिंदी भाषा के महत्व पर चर्चा
Updated Thu, 14 Sep 2017 10:32 PM IST
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संगोष्ठी में हिंदी भाषा के महत्व पर चर्चा
कादीपुर। स्थानीय सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज झारखंड में हिंदी दिवस पर एक संगोष्ठी हुई। प्रधानाचार्य रवींद्र मोहन मिश्र ने कहा कि हिंदी हमारी मातृभाषा है। हिंदी विश्व में बोली जाने वाली भाषाओं में पांचवें स्थान पर है। हृदय नारायण त्रिपाठी ने कहा कि हिंदी को राष्ट्रभाषा के रूप में प्रतिष्ठित करने का कार्य हिंदी प्रेमी डिजिटल इंडिया के माध्यम से कर सकते हैं। हिंदी में एप बनाकर अन्य भाषाआें का हिंदी में रूपांतरण कर इसे प्रतिष्ठित किया जा सकता है। रेखा सिंह ने कहा कि हमें अंग्रेजी से आपत्ति नहीं हैं लेकिन मातृभाषा हिंदी से प्रेम है। हम आज हिंदी दिवस पर हिंदी को राष्ट्रभाषा के रूप प्रतिष्ठित कराने का संकल्प लें। संगोष्ठी को हरिगोविंद शुक्ल, सुभाषचंद्र त्रिपाठी, नीरज पांडेय, श्रीश सिंह आदि ने संबोधित किया।
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कादीपुर। स्थानीय सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज झारखंड में हिंदी दिवस पर एक संगोष्ठी हुई। प्रधानाचार्य रवींद्र मोहन मिश्र ने कहा कि हिंदी हमारी मातृभाषा है। हिंदी विश्व में बोली जाने वाली भाषाओं में पांचवें स्थान पर है। हृदय नारायण त्रिपाठी ने कहा कि हिंदी को राष्ट्रभाषा के रूप में प्रतिष्ठित करने का कार्य हिंदी प्रेमी डिजिटल इंडिया के माध्यम से कर सकते हैं। हिंदी में एप बनाकर अन्य भाषाआें का हिंदी में रूपांतरण कर इसे प्रतिष्ठित किया जा सकता है। रेखा सिंह ने कहा कि हमें अंग्रेजी से आपत्ति नहीं हैं लेकिन मातृभाषा हिंदी से प्रेम है। हम आज हिंदी दिवस पर हिंदी को राष्ट्रभाषा के रूप प्रतिष्ठित कराने का संकल्प लें। संगोष्ठी को हरिगोविंद शुक्ल, सुभाषचंद्र त्रिपाठी, नीरज पांडेय, श्रीश सिंह आदि ने संबोधित किया।