{"_id":"5dffa1148ebc3e878f25c0d4","slug":"70-tb-data-will-reveal-the-poll-of-mischievous-elements-sultanpur-news-lko499156231","type":"story","status":"publish","title_hn":"70 टीबी डाटा से पुलिस खोलेगी शरारतीतत्वों की पोल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
70 टीबी डाटा से पुलिस खोलेगी शरारतीतत्वों की पोल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुल्तानपुर। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में जुमे की नमाज के बाद शहर में हुए बवाल की घटना में इंटरनेट सेवा का शरारती तत्वों ने इस्तेमाल किया था।
डीएम की रोक के बावजूद इंटरनेट सेवा बहाल पाए जाने पर पुलिस प्रशासन ने एयरटेल और आइडिया कंपनी का 70 टीबी डाटा लेकर लखनऊ जांच के लिए भेजा है।
पुलिस के मुताबिक प्रतिबंध के बावजूद जारी इंटरनेट सेवा से ही शहर में तनाव की स्थिति पैदा हुई थी। शरारती तत्वों ने इसका उपयोग किया था। लखनऊ जांच में भेजा गया 70 टीबी डाटा से उन्हें चिह्नित करते हुए पुलिस शरारती तत्वों को गिरफ्तार करेगी।
नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में जिले में बवाल की मिली खुफिया रिपोर्ट की इनपुट के बाद डीएम सी. इंदुमती ने जिले में बृहस्पतिवार की रात 11 बजे से सभी कंपनियों के इंटरनेट सेवा को बंद करने का आदेश दिया था।
डीएम का आदेश मिलते ही बीएसएनएल ने बृहस्पतिवार की रात 12 बजकर 10 मिनट पर अपनी इंटरनेट सेवा पूरी तरह से बंद कर दिया था। इसी क्रम में जियो ने भी अपने ग्राहकों के लिए इंटरनेट सेवा बंद कर दी थी, जबकि एयरटेल और आइडिया ने अपनी इंटरनेट सेवा नहीं बंद की थी।
विज्ञापन
दूसरे दिन शुक्रवार की सुबह करीब साढ़े 10 बजे तक एयरटेल कंपनी की इंटरनेट सेवा चालू थी, जबकि आइडिया कंपनी की इंटरनेट सेवा शुक्रवार की दोपहर बाद करीब तीन बजे तक सेवा चलती रही।
जुमे की नमाज के बाद शहर में शुरु हुए बवाल को पुलिस ने किसी तरह से काबू कर लिया था। इंटरनेट सेवा पूरी तरह से ठप रहने के बाद एक स्थान पर सैकड़ों की संख्या में लोगों के होने की पुलिस ने जांच की तो इसमें बड़ा खुलासा हुआ।
पुलिस ने पड़ताल शुरू की तो पता चला कि रोक के बावजूद एयरटेल और आइडिया का इंटरनेट रहा। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी के आदेश पर पुलिस ने एयरटेल और आइडिया कंपनी की बृहस्पतिवार की रात 12 बजे से शुक्रवार की शाम तक का 70 टीबी डाटा लेकर उसे लखनऊ पुलिस मुख्यालय जांच के लिए भेजा है।
पुलिस की मानें तो 70 टीबी डाटा की जांच से शरारती तत्वों तक पहुंचा जा सकेगा। इसके साथ ही बवाल को भड़काने में लगे लोगों को भी चिह्नित किया जा सकेगा।
नागरिकता संशोधन कानून के विरोध को देखते हुए जिले में गड़बड़ी के इनपुट के बाद बंद की गई इंटरनेट सेवा 46 घंटे बाद बहाल कर दी गई। डीएम के आदेश पर बृहस्पतिवार की रात 12 बजे से बंद की गई इंटरनेट सेवा शनिवार की रात नौ बजे चालू कर दी गई। इंटरनेट सेवा बहाल होने से लोगों ने राहत की सांस ली।
विज्ञापन
डीएम की रोक के बावजूद इंटरनेट सेवा बहाल पाए जाने पर पुलिस प्रशासन ने एयरटेल और आइडिया कंपनी का 70 टीबी डाटा लेकर लखनऊ जांच के लिए भेजा है।
पुलिस के मुताबिक प्रतिबंध के बावजूद जारी इंटरनेट सेवा से ही शहर में तनाव की स्थिति पैदा हुई थी। शरारती तत्वों ने इसका उपयोग किया था। लखनऊ जांच में भेजा गया 70 टीबी डाटा से उन्हें चिह्नित करते हुए पुलिस शरारती तत्वों को गिरफ्तार करेगी।
नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में जिले में बवाल की मिली खुफिया रिपोर्ट की इनपुट के बाद डीएम सी. इंदुमती ने जिले में बृहस्पतिवार की रात 11 बजे से सभी कंपनियों के इंटरनेट सेवा को बंद करने का आदेश दिया था।
विज्ञापन
डीएम का आदेश मिलते ही बीएसएनएल ने बृहस्पतिवार की रात 12 बजकर 10 मिनट पर अपनी इंटरनेट सेवा पूरी तरह से बंद कर दिया था। इसी क्रम में जियो ने भी अपने ग्राहकों के लिए इंटरनेट सेवा बंद कर दी थी, जबकि एयरटेल और आइडिया ने अपनी इंटरनेट सेवा नहीं बंद की थी।
विज्ञापन
दूसरे दिन शुक्रवार की सुबह करीब साढ़े 10 बजे तक एयरटेल कंपनी की इंटरनेट सेवा चालू थी, जबकि आइडिया कंपनी की इंटरनेट सेवा शुक्रवार की दोपहर बाद करीब तीन बजे तक सेवा चलती रही।
जुमे की नमाज के बाद शहर में शुरु हुए बवाल को पुलिस ने किसी तरह से काबू कर लिया था। इंटरनेट सेवा पूरी तरह से ठप रहने के बाद एक स्थान पर सैकड़ों की संख्या में लोगों के होने की पुलिस ने जांच की तो इसमें बड़ा खुलासा हुआ।
पुलिस ने पड़ताल शुरू की तो पता चला कि रोक के बावजूद एयरटेल और आइडिया का इंटरनेट रहा। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी के आदेश पर पुलिस ने एयरटेल और आइडिया कंपनी की बृहस्पतिवार की रात 12 बजे से शुक्रवार की शाम तक का 70 टीबी डाटा लेकर उसे लखनऊ पुलिस मुख्यालय जांच के लिए भेजा है।
पुलिस की मानें तो 70 टीबी डाटा की जांच से शरारती तत्वों तक पहुंचा जा सकेगा। इसके साथ ही बवाल को भड़काने में लगे लोगों को भी चिह्नित किया जा सकेगा।
नागरिकता संशोधन कानून के विरोध को देखते हुए जिले में गड़बड़ी के इनपुट के बाद बंद की गई इंटरनेट सेवा 46 घंटे बाद बहाल कर दी गई। डीएम के आदेश पर बृहस्पतिवार की रात 12 बजे से बंद की गई इंटरनेट सेवा शनिवार की रात नौ बजे चालू कर दी गई। इंटरनेट सेवा बहाल होने से लोगों ने राहत की सांस ली।