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आशा बौद्ध को भारी पड़ी प्रियंका से मुलाकात
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प्रियंका से मिलने पर आशा कार्यकर्ता बर्खास्त
गौरीगंज। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संघ की जिलाध्यक्ष आशा बौद्ध को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी से मिलना और कार्यकर्ताओं से कांग्रेस के पक्ष में मतदान करने के लिए उत्साहित करना भारी पड़ा।
इसे आदर्श आचार संहिता व कर्मचारी नियमावली उल्लंघन का मामला मानते हुए डीपीओ ने आशा बौद्ध की सेवा समाप्त कर दी है।
अमेठी तहसील के भीमी गांव की रहने वाली आशा बौद्ध गांव के ही आंगनबाड़ी केंद्र-3 पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रूप में तैनाती है। वे आशा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संघ की जिलाध्यक्ष भी हैं।
आरोप है कि आशा बौद्ध ने पिछले 19 अप्रैल को कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी से मुलाकात की और बाद में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को कांग्रेस के पक्ष में मतदान करने के लिए उत्साहित किया।
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जानकारी मिलने के बाद सीडीपीओ भेटुआ ने इस मामले को आदर्श आचार संहिता व कर्मचारी नियमावली का उल्लंघन मानते हुए नोटिस जारी की थी। आशा बौद्ध का जवाब मिलने के बाद सीडीपीओ संतुष्ट नहीं हुईं और उन्होंने पूरे मामले में अपनी रिपोर्ट जिला कार्यक्रम अधिकारी को दी।
रिपोर्ट मिलने के बाद डीपीओ सरोजनी देवी ने आशा बौद्ध की मानदेय सहित सेवा समाप्त कर दी है। डीपीओ की इस कार्रवाई से आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों में हड़कंप मचा है।
गौरीगंज। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संघ की जिलाध्यक्ष आशा बौद्ध को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी से मिलना और कार्यकर्ताओं से कांग्रेस के पक्ष में मतदान करने के लिए उत्साहित करना भारी पड़ा।
इसे आदर्श आचार संहिता व कर्मचारी नियमावली उल्लंघन का मामला मानते हुए डीपीओ ने आशा बौद्ध की सेवा समाप्त कर दी है।
अमेठी तहसील के भीमी गांव की रहने वाली आशा बौद्ध गांव के ही आंगनबाड़ी केंद्र-3 पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रूप में तैनाती है। वे आशा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संघ की जिलाध्यक्ष भी हैं।
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आरोप है कि आशा बौद्ध ने पिछले 19 अप्रैल को कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी से मुलाकात की और बाद में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को कांग्रेस के पक्ष में मतदान करने के लिए उत्साहित किया।
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जानकारी मिलने के बाद सीडीपीओ भेटुआ ने इस मामले को आदर्श आचार संहिता व कर्मचारी नियमावली का उल्लंघन मानते हुए नोटिस जारी की थी। आशा बौद्ध का जवाब मिलने के बाद सीडीपीओ संतुष्ट नहीं हुईं और उन्होंने पूरे मामले में अपनी रिपोर्ट जिला कार्यक्रम अधिकारी को दी।
रिपोर्ट मिलने के बाद डीपीओ सरोजनी देवी ने आशा बौद्ध की मानदेय सहित सेवा समाप्त कर दी है। डीपीओ की इस कार्रवाई से आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों में हड़कंप मचा है।