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पीएम आवास योजना के तहत 4
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सुल्तानपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत इस बार 4811 गरीबों को पक्की छत मिलेगी। शासन से लक्ष्य मिलने के बाद चयनित लाभार्थियों का पंजीकरण व जियो टैगिंग की प्रक्रिया शुरू हो गई है। आवास बनाने के लिए प्रत्येक लाभार्थी को एक लाख 20 हजार रुपये दिए जाएंगे।
आवास विहीन गरीबों को छत मुैया कराने के लिए शुरू प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत चालू वित्तीय वर्ष का लक्ष्य शासन ने तय कर दिया है। चालू वर्ष में जिले में 4811 लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना से लाभान्वित किया जाएगा।
स्थाई पात्रता सूची में शामिल पात्रों को योजना का लाभ देने के लिए ग्राम्य विकास विभाग ने ब्लॉकवार लक्ष्य का बंटवारा कर दिया है।
लक्ष्य का बंटवारा करते हुए परियोजना निदेशक ने खंड विकास अधिकारियों को स्थाई पात्रता सूची में शामिल पात्रों का नाम ऊपर से चयनिचत करते हुए उनका पंजीकरण कराने का निर्देश दिया है।
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पंजीकरण के साथ ही पात्रों की जियो टैगिंग करने को भी कहा गया है। पंजीकरण व जियो टैगिंग का कार्य पूरा होने के बाद उसकी स्वीकृति करके पात्रों को प्रधानमंत्री आवास निर्माण की धनराशि तीन किस्तों में लाभार्थियों के बैंक खाते में भेजी जाएगी। प्रत्येक लाभार्थी को आवास निर्माण के लिए एक लाख 20 हजार रुपये मिलेंगे।
त लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक 98 आवासों का निर्माण पूरा नहीं हो सका है। नए वर्ष का लक्ष्य आवंटित करने के साथ ही ग्राम्य विकास विभाग ने पिछले वर्ष के लंबित 98 आवासों का निर्माण कार्य भी पूरा कराने का निर्देश खंड विकास अधिकारियों को दिया है।
बीते वित्तीय वर्ष में पीएम आवास की धनराशि लेने के बाद भी 286 लाभार्थियों ने अभी तक आवास का निर्माण नहीं शुरू कराया। बीते वित्तीय वर्ष के आवास का निर्माण शुरू नहीं होने पर ग्राम्य विकास विभाग ने लाभार्थियों पर शिकंजा कस दिया है।
ग्राम्य विकास विभाग ने लाभार्थियों से धनराशि वसूली के लिए आरसी जारी की है। विभाग के मुताबिक लाभार्थियों से धनराशि की वसूली तहसीलों से कराई जाएगी। आरसी अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व को भेज दी गई है।
ग्राम्य विकास के परियोजना निदेशक डॉ. शिवाकांत द्विवेदी ने बताया कि चालू वर्ष के आवास निर्माण के लिए खंड विकास अधिकारियों को पंजीकरण व जियो टैगिंग करने का निर्देश दिया गया है। पंजीकरण व जियो टैगिंग के बाद पहली किस्त लाभार्थियों को भेजी जाएगी।
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आवास विहीन गरीबों को छत मुैया कराने के लिए शुरू प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत चालू वित्तीय वर्ष का लक्ष्य शासन ने तय कर दिया है। चालू वर्ष में जिले में 4811 लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना से लाभान्वित किया जाएगा।
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स्थाई पात्रता सूची में शामिल पात्रों को योजना का लाभ देने के लिए ग्राम्य विकास विभाग ने ब्लॉकवार लक्ष्य का बंटवारा कर दिया है।
लक्ष्य का बंटवारा करते हुए परियोजना निदेशक ने खंड विकास अधिकारियों को स्थाई पात्रता सूची में शामिल पात्रों का नाम ऊपर से चयनिचत करते हुए उनका पंजीकरण कराने का निर्देश दिया है।
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पंजीकरण के साथ ही पात्रों की जियो टैगिंग करने को भी कहा गया है। पंजीकरण व जियो टैगिंग का कार्य पूरा होने के बाद उसकी स्वीकृति करके पात्रों को प्रधानमंत्री आवास निर्माण की धनराशि तीन किस्तों में लाभार्थियों के बैंक खाते में भेजी जाएगी। प्रत्येक लाभार्थी को आवास निर्माण के लिए एक लाख 20 हजार रुपये मिलेंगे।
त लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक 98 आवासों का निर्माण पूरा नहीं हो सका है। नए वर्ष का लक्ष्य आवंटित करने के साथ ही ग्राम्य विकास विभाग ने पिछले वर्ष के लंबित 98 आवासों का निर्माण कार्य भी पूरा कराने का निर्देश खंड विकास अधिकारियों को दिया है।
बीते वित्तीय वर्ष में पीएम आवास की धनराशि लेने के बाद भी 286 लाभार्थियों ने अभी तक आवास का निर्माण नहीं शुरू कराया। बीते वित्तीय वर्ष के आवास का निर्माण शुरू नहीं होने पर ग्राम्य विकास विभाग ने लाभार्थियों पर शिकंजा कस दिया है।
ग्राम्य विकास विभाग ने लाभार्थियों से धनराशि वसूली के लिए आरसी जारी की है। विभाग के मुताबिक लाभार्थियों से धनराशि की वसूली तहसीलों से कराई जाएगी। आरसी अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व को भेज दी गई है।
ग्राम्य विकास के परियोजना निदेशक डॉ. शिवाकांत द्विवेदी ने बताया कि चालू वर्ष के आवास निर्माण के लिए खंड विकास अधिकारियों को पंजीकरण व जियो टैगिंग करने का निर्देश दिया गया है। पंजीकरण व जियो टैगिंग के बाद पहली किस्त लाभार्थियों को भेजी जाएगी।