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रिटायर्ड रोडवेज कर्मी समेत आठ अभियुक्तों को 10 वर्ष की कैद
Updated Wed, 04 Oct 2017 10:47 PM IST
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रिटायर्ड रोडवेज कर्मी समेत
आठ को 10 साल की कैद
क्रासर
गैर इरादतन हत्या का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
सुल्तानपुर। गैर इरादतन हत्या के मामले में बुधवार को एडीजे चतुर्थ विनय कुमार सिंह ने रिटायर्ड रोडवेज कर्मी शोभनाथ समेत आठ अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कारावास व 20-20 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। कोर्ट ने सह अभियुक्तों रामनयन व उमेश पाल को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। मामला कोतवाली देहात थाने के ग्राम खुशियालपुर मौजा उतुरी का है।
गांव निवासी रमाशंकर मिश्र का 25 वर्षीय पुत्र सत्यानंद मिश्र उर्फ साजन 28 फरवरी 2010 को कोतवाली देहात थाने के उदयपुर गांव में क्रिकेट प्रतियोगिता में शामिल होने गया था। रात करीब 1:35 बजे गांव के ही शोभनाथ तिवारी व अन्य आरोपियों ने महंगू के घर के पास चोर कहते हुए सत्यानंद मिश्र को घसीटकर पकड़ लिया था। आरोपियों ने लाठी-डंडा व ईंट-पत्थर से मारकर सत्यानंद की हत्या कर दी थी। पुलिस ने मृतक युवक के पिता रमाशंकर मिश्र की तहरीर पर रिटायर्ड रोडवेज कर्मी शोभनाथ तिवारी, शीतला प्रसाद मिश्र, पिंटू, कृष्णमुरारी, धनंजय, उमाकांत मिश्र, संजय मिश्र व रामसजीवन पाल के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। आरोपी शोभनाथ तिवारी परिवहन निगम मुख्यालय लखनऊ में भंडार अधीक्षक के पद से 31 जुलाई 2004 को सेवानिवृत्त हो गए थे। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) रमेशचंद्र सिंह ने घटना को साबित करने के लिए 11 गवाहों को कोर्ट में पेश किया। बुधवार को एडीजे चतुर्थ विनय कुमार सिंह ने रिटायर्ड रोडवेज कर्मी शोभनाथ तिवारी, शीतला प्रसाद मिश्र, पिंटू, कृष्णमुरारी, धनंजय, उमाकांत मिश्र, संजय मिश्र व रामसजीवन पाल को सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया।
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आठ को 10 साल की कैद
क्रासर
गैर इरादतन हत्या का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
सुल्तानपुर। गैर इरादतन हत्या के मामले में बुधवार को एडीजे चतुर्थ विनय कुमार सिंह ने रिटायर्ड रोडवेज कर्मी शोभनाथ समेत आठ अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कारावास व 20-20 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। कोर्ट ने सह अभियुक्तों रामनयन व उमेश पाल को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। मामला कोतवाली देहात थाने के ग्राम खुशियालपुर मौजा उतुरी का है।
गांव निवासी रमाशंकर मिश्र का 25 वर्षीय पुत्र सत्यानंद मिश्र उर्फ साजन 28 फरवरी 2010 को कोतवाली देहात थाने के उदयपुर गांव में क्रिकेट प्रतियोगिता में शामिल होने गया था। रात करीब 1:35 बजे गांव के ही शोभनाथ तिवारी व अन्य आरोपियों ने महंगू के घर के पास चोर कहते हुए सत्यानंद मिश्र को घसीटकर पकड़ लिया था। आरोपियों ने लाठी-डंडा व ईंट-पत्थर से मारकर सत्यानंद की हत्या कर दी थी। पुलिस ने मृतक युवक के पिता रमाशंकर मिश्र की तहरीर पर रिटायर्ड रोडवेज कर्मी शोभनाथ तिवारी, शीतला प्रसाद मिश्र, पिंटू, कृष्णमुरारी, धनंजय, उमाकांत मिश्र, संजय मिश्र व रामसजीवन पाल के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। आरोपी शोभनाथ तिवारी परिवहन निगम मुख्यालय लखनऊ में भंडार अधीक्षक के पद से 31 जुलाई 2004 को सेवानिवृत्त हो गए थे। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) रमेशचंद्र सिंह ने घटना को साबित करने के लिए 11 गवाहों को कोर्ट में पेश किया। बुधवार को एडीजे चतुर्थ विनय कुमार सिंह ने रिटायर्ड रोडवेज कर्मी शोभनाथ तिवारी, शीतला प्रसाद मिश्र, पिंटू, कृष्णमुरारी, धनंजय, उमाकांत मिश्र, संजय मिश्र व रामसजीवन पाल को सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया।
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