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Sultanpur News: उच्च जोखिम वाली 216 महिलाएं चिह्नित
Tue, 18 Aug 2026 12:26 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Tue, 18 Aug 2026 12:26 AM IST
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सुल्तानपुर। जिले में सोमवार को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान कुल 949 गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच की गई, जिनमें से 216 उच्च जोखिम वाली महिलाएं चिह्नित की गईं। 66 महिलाओं को खून की कमी के लिए आयरन सुक्रोज और एफसीएम दिया गया।
यह अभियान प्रत्येक माह की 1, 9, 16 और 24 तारीख को आयोजित होता है। इसका मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण और निशुल्क प्रसव पूर्व जांच सेवाएं उपलब्ध कराना है। इससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार होता है।
पीएमएसएमए दिवस पर सभी निर्धारित राजकीय स्वास्थ्य संस्थानों पर विशेष जांच की जाती हैं। इनमें पंजीकरण, सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण, रक्तचाप, वजन, हीमोग्लोबिन, रक्त व मूत्र की जांच शामिल है। एचआईवी, सिफलिस और आवश्यकतानुसार अल्ट्रासाउंड तथा चिकित्सकीय परामर्श भी दिया जाता है।
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अभियान के तहत उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान पर विशेष जोर दिया जाता है। चिह्नित महिलाओं की लाइन लिस्टिंग, नियमित फॉलोअप और आवश्यकतानुसार उच्च चिकित्सा संस्थान में रेफरल सुनिश्चित किया जाता है, ताकि गर्भावस्था और प्रसव के दौरान संभावित जटिलताओं को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. भारत भूषण ने सभी गर्भवती महिलाओं से अपील की है कि वे निकटतम सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर निशुल्क जांच कराएं। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया।
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यह अभियान प्रत्येक माह की 1, 9, 16 और 24 तारीख को आयोजित होता है। इसका मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण और निशुल्क प्रसव पूर्व जांच सेवाएं उपलब्ध कराना है। इससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार होता है।
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पीएमएसएमए दिवस पर सभी निर्धारित राजकीय स्वास्थ्य संस्थानों पर विशेष जांच की जाती हैं। इनमें पंजीकरण, सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण, रक्तचाप, वजन, हीमोग्लोबिन, रक्त व मूत्र की जांच शामिल है। एचआईवी, सिफलिस और आवश्यकतानुसार अल्ट्रासाउंड तथा चिकित्सकीय परामर्श भी दिया जाता है।
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अभियान के तहत उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान पर विशेष जोर दिया जाता है। चिह्नित महिलाओं की लाइन लिस्टिंग, नियमित फॉलोअप और आवश्यकतानुसार उच्च चिकित्सा संस्थान में रेफरल सुनिश्चित किया जाता है, ताकि गर्भावस्था और प्रसव के दौरान संभावित जटिलताओं को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. भारत भूषण ने सभी गर्भवती महिलाओं से अपील की है कि वे निकटतम सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर निशुल्क जांच कराएं। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया।