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4000 बच्चों को भारी पड़ेगी स्कूलों की लापरवाही

Mon, 21 Aug 2017 10:48 PM IST
Updated Mon, 21 Aug 2017 10:48 PM IST
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4000 बच्चों को भारी पड़ेगी स्कूलों की लापरवाही
4000 बच्चों को भारी
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पड़ेगी स्कूलों की लापरवाही
क्रासर
स्कूलों ने नहीं दिया निशुल्क यूनिफॉर्म के लिए मांगपत्र
तीन दिन में मांग पत्र नहीं देने पर लैप्स होगी धनराशि
अमर उजाला ब्यूरो
गौरीगंज। जिले के राजकीय हाईस्कूल व इंटर कॉलेज के साथ वित्तीय सहायता प्राप्त स्कूलों में कक्षा आठ तक की पढ़ाई करने वाले चार हजार छात्र-छात्राओं पर स्कूलों की लापरवाही भारी पड़ सकती है। इन स्कूलों ने बीएसए की ओर से तय डेडलाइन बीतने के बावजूद अभी तक बच्चों को निशुल्क यूनिफॉर्म के लिए मांगपत्र भेजकर धन की मांग नहीं की है। बीएसए ने तीन दिन में मांग पत्र नहीं मिलने पर आवंटित धनराशि लैप्स करने का अल्टीमेटम दिया है।

परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में अध्ययनरत कक्षा एक से आठ तक के सभी बच्चों के साथ जिले के राजकीय हाईस्कूल व इंटर कॉलेज के साथ वित्तीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों में कक्षा छह से आठ तक की पढ़ाई करने वाले प्रत्येक बच्चे को शासन की ओर से दो सेट निशुल्क यूनिफॉर्म उपलब्ध कराई जाती है। इसके लिए प्रति छात्र विद्यालयों को 400 रुपये (वितरण के पहले 300 व वितरण की रिपोर्ट मिलने के बाद 100 रुपये) उपलब्ध आवंटित किए जाते हैं। इस वर्ष जिले में अध्ययनरत एक लाख 69 हजार 645 बच्चों को निशुल्क यूनिफार्म देने के लिए विभाग ने छह करोड़ 78 लाख 85 हजार रुपये की मांग शासन से की थी। विभाग की मांग पर शासन ने पहली किस्त 300 रूपये प्रति छात्र की दर से पांच करोड़ 89 लाख 35 रुपये बीते दिनों बेसिक शिक्षा महकमे को आवंटित किए थे। धन मिलने के बाद विभाग ने परिषदीय विद्यालयों के साथ ही बेसिक शिक्षा विभाग व माध्यमिक शिक्षा विभाग से संचालित राजकीय/एडेड विद्यालयों से मांगपत्र देने को कहा था। इसके लिए 31 जुलाई की डेडलाइन तय की गई थी। डेडलाइन के भीतर मांगपत्र मिल जाए इसके लिए कई बार रिमाइंडर भी भेजा गया। बावजूद इसके अब तक 28 स्कूलों (इन स्कूलों में कुल 4,000 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं) ने मांगपत्र नहीं भेजा। डेडलाइन बीतने के साथ ही कई रिमाइंडर के बावूजद विद्यालयों की ओर से मांग पत्र नहीं देने से नाराज बीएसए राजकुमार पंडित ने सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यानकों से तीन दिन में मांग पत्र कार्यालय में जमा करने का आदेश दिया है।
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