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एडवायजरी- चायनीज मांझा
Updated Wed, 07 Jun 2017 11:48 PM IST
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बाजार में धड़ल्ले से
बिक रहे चाइनीज मंझे
क्रासर
चपेट में आने से कई हो चुके घायल
नहीं हुई पतंग विक्रेताओं की जांच
फोटो संख्या- 39
अमर उजाला ब्यूरो
सुल्तानपुर। हाईकोर्ट व एनजीटी की रोक के बाद भी जिले में चायनीज मंझे की बिक्री जारी है। जिले में चायनीज मंझे की चपेट में आने से कई लोग घायल हो चुके हैं। इसके बाद भी खतरनाक मंझों की बिक्री पर रोक नहीं लग पा रही है। देसी मंझा की तुलना में चायनीज सस्ता होने से इसकी बिक्री ज्यादा हो रही है। फिलहाल मुख्य सचिव के पतंग विक्रेताओं के जांच के आदेश का अनुपालन अभी तक नहीं शुरू हुआ है।
शहर स्थित गभडिय़ा ओवर ब्रिज पर पिछले वर्ष चायनीज मांझे की चपेट में आने से एक युवक घायल हो गया था। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके पहले भी जिले के विभिन्न हिस्सों में कुछ घटनाएं चायनीज मंझे की चपेट में आने से हो चुकी हैं। कई लोगों के घायल होने व हाईकोर्ट की रोक के बाद भी जिले में चायनीज मंझों की बिक्री पर रोक नहीं लग पा रही है। बाजारों में धड़ल्ले से चायनीज मंझे बिक रहे हैं।
इनसेट
दुकानदार बता रहे काफी मजबूत
शहर के मुरारीदास की गली, चौक समेत अन्य कई स्थानों पर पतंग व मंझे की बिक्री की जाती है। बुधवार को शहर में पतंग की दुकानों पर कोई भी जांच पुलिस व प्रशासन के स्तर पर नहीं की गई। एक पतंग विक्रेता ने बताया कि चाइनीज मंझा मजबूत होता है। ये बहुत सस्ता भी होता है। पतंगबाजी में सबसे ज्यादा क्रेज पतंग काटने और पेंच लडने में होता है। देश में सबसे ज्यादा मंझा बरेली में बनता है। वहां से पूरे देश में जाता है।
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इनसेट
होगी जांच
अपर जिलाधिकारी प्रशासन बीडी सिंह का कहना है कि इसकी जांच कराई जाएगी। जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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बिक रहे चाइनीज मंझे
क्रासर
चपेट में आने से कई हो चुके घायल
नहीं हुई पतंग विक्रेताओं की जांच
फोटो संख्या- 39
अमर उजाला ब्यूरो
सुल्तानपुर। हाईकोर्ट व एनजीटी की रोक के बाद भी जिले में चायनीज मंझे की बिक्री जारी है। जिले में चायनीज मंझे की चपेट में आने से कई लोग घायल हो चुके हैं। इसके बाद भी खतरनाक मंझों की बिक्री पर रोक नहीं लग पा रही है। देसी मंझा की तुलना में चायनीज सस्ता होने से इसकी बिक्री ज्यादा हो रही है। फिलहाल मुख्य सचिव के पतंग विक्रेताओं के जांच के आदेश का अनुपालन अभी तक नहीं शुरू हुआ है।
शहर स्थित गभडिय़ा ओवर ब्रिज पर पिछले वर्ष चायनीज मांझे की चपेट में आने से एक युवक घायल हो गया था। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके पहले भी जिले के विभिन्न हिस्सों में कुछ घटनाएं चायनीज मंझे की चपेट में आने से हो चुकी हैं। कई लोगों के घायल होने व हाईकोर्ट की रोक के बाद भी जिले में चायनीज मंझों की बिक्री पर रोक नहीं लग पा रही है। बाजारों में धड़ल्ले से चायनीज मंझे बिक रहे हैं।
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दुकानदार बता रहे काफी मजबूत
शहर के मुरारीदास की गली, चौक समेत अन्य कई स्थानों पर पतंग व मंझे की बिक्री की जाती है। बुधवार को शहर में पतंग की दुकानों पर कोई भी जांच पुलिस व प्रशासन के स्तर पर नहीं की गई। एक पतंग विक्रेता ने बताया कि चाइनीज मंझा मजबूत होता है। ये बहुत सस्ता भी होता है। पतंगबाजी में सबसे ज्यादा क्रेज पतंग काटने और पेंच लडने में होता है। देश में सबसे ज्यादा मंझा बरेली में बनता है। वहां से पूरे देश में जाता है।
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होगी जांच
अपर जिलाधिकारी प्रशासन बीडी सिंह का कहना है कि इसकी जांच कराई जाएगी। जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।