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Sultanpur News: 200 करोड़ के निवेश के प्रस्ताव

Wed, 14 Dec 2022 11:48 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 14 Dec 2022 11:48 PM IST
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200 crore investment proposal
सुल्तानपुर। प्रदेश सरकार की ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के जरिए उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश का केंद्र बनाने की चल रही कोशिशों के बीच जिले के कई उद्यमी निवेश के लिए आगे आए हैं। शासन की ओर से जिले को पांच सौ करोड़ रुपये निवेश करने का लक्ष्य दिया गया है। इसके सापेक्ष अभी तक जिले के उद्यमियों ने दो सौ करोड़ रुपये निवेश करने का प्रस्ताव दे दिया है।
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जिला उद्यम एवं प्रोत्साहन केंद्र दिसंबर माह के अंत तक निर्धारित लक्ष्य को हासिल करने की कवायद में लगा है। पांच सौ करोड़ के निवेश से करीब पांच हजार लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
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ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 के जरिए एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था वाला राज्य बनाने के लिए सरकार प्रदेश को ब्रांड यूपी के रूप में विकसित कर रही है। इसके तहत शासन की ओर से जिले को पांच सौ करोड़ रुपये निवेश कराने का लक्ष्य दिया गया है। लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक जिले के विभिन्न क्षेत्रों के उद्यमियों ने दो सौ करोड़ रुपये निवेश करने का प्रस्ताव जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र को दे दिया है।
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उद्यमियों ने यह प्रस्ताव बैंकों के माध्यम से दिए हैं। बरौंसा क्षेत्र के धर्मदेव शुक्ल ने छह करोड़ रुपये का प्रस्ताव फ्लोर मिल के लिए दिया है। गिरीशचंद्र ने 50 करोड़ रुपये का और पंकज सिंह ने एक करोड़ रुपये का प्रस्ताव प्लाईवुड के लिए दिया है। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष व व्यापारी प्रवीण कुमार अग्रवाल ने राइस मिल के विस्तारीकरण के लिए चार करोड़ रुपये का प्रस्ताव दिया है।
व्यापारी भानु प्रकाश ने आयरन स्टील के लिए एक करोड़ रुपये का प्रस्ताव जिला उद्यम एवं प्रोत्साहन केंद्र को दिया है। इसी तरह कई अन्य उद्यमियों ने निवेश के लिए प्रस्ताव दिए हैं। जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र की ओर से इस बात के प्रयास किए जा रहे हैं कि दिसंबर माह के अंत तक निर्धारित पांच सौ करोड़ रुपये निवेश करने का प्रस्ताव तैयार कर लिया जाए।
जिले के विभाजन के बाद तकरीबन सभी कल-कारखाने अमेठी में चले गए थे। वर्तमान समय में कल-कारखानों के नाम पर जिले में सहकारी क्षेत्र की एकमात्र चीनी मिल है। यह मिल भी करीब डेढ़ अरब के घाटे में चल रही है। यहां काम करने वाले कर्मचारियों को साल-साल भर वेतन नहीं मिल पाता है। इन्वेस्टर समिट के जरिए पांच सौ करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य अगर पूरा हुआ तो करीब पांच हजार लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।

जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र के उपायुक्त अनूप कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि निर्धारित पांच सौ करोड़ निवेश करने के लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक दो सौ करोड़ रुपये का प्रस्ताव मिल गया है। लक्ष्य हासिल करने का प्रयास चल रहा है। इसके लिए उद्यमियों व व्यापारी संगठनों के साथ बैठकें की जा रही हैं। दिसंबर के अंत तक लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा। इन प्रस्तावों पर सरकार और उद्यमियों के बीच एमओयू (मेमोरंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) हस्ताक्षरित होगा।
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