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हत्या आरोपी ससुर को आजीवन कारावास
Updated Fri, 18 Aug 2017 11:15 PM IST
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हत्यारे ससुर को आजीवन
कारावास, ननद बरी
अमर उजाला ब्यूरो
सुल्तानपुर। हत्या के मामले में एडीजे प्रथम श्यामजीत यादव ने शुक्रवार को आरोपी ससुर को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास व 25 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोप साबित नहीं होने पर आरोपी ननद को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है। मामला मुसाफिरखाना कोतवाली क्षेत्र के निजामुद्दीनपुर गांव का है।
गांव निवासी इस्माइल के पुत्र इसरार की शादी घटना से करीब छह वर्ष पूर्व धम्मौर थाने के मुकुनपुर गांव निवासी नसीम खां की पुत्री अख्तरी निशां के साथ हुई थी। आरोप है कि 11 मार्च 2009 को ससुरालीजनों ने अख्तरी निशां की धारदार हथियार से मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने मृतका के पिता नसीम खां की तहरीर पर आरोपी पति इसरार, ससुर इस्माइल व ननद कौसर जहां के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। घटना के तीन-चार दिनों बाद पति इसरार की नदी में डूबने से मौत हो गई थी। पुलिस ने केस की विवेचना पूरी करने के बाद आरोपी ससुर इस्माइल व ननद कौसर जहां के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील गोरखनाथ शुक्ल ने सात गवाहों को पेश किया था। शुक्रवार को एडीजे प्रथम श्यामजीत यादव ने आरोपी ससुर इस्माइल को दोषी मानते हुए सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया है। कोर्ट ने आरोपी ननद कौसर जहां को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है।
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कारावास, ननद बरी
अमर उजाला ब्यूरो
सुल्तानपुर। हत्या के मामले में एडीजे प्रथम श्यामजीत यादव ने शुक्रवार को आरोपी ससुर को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास व 25 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोप साबित नहीं होने पर आरोपी ननद को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है। मामला मुसाफिरखाना कोतवाली क्षेत्र के निजामुद्दीनपुर गांव का है।
गांव निवासी इस्माइल के पुत्र इसरार की शादी घटना से करीब छह वर्ष पूर्व धम्मौर थाने के मुकुनपुर गांव निवासी नसीम खां की पुत्री अख्तरी निशां के साथ हुई थी। आरोप है कि 11 मार्च 2009 को ससुरालीजनों ने अख्तरी निशां की धारदार हथियार से मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने मृतका के पिता नसीम खां की तहरीर पर आरोपी पति इसरार, ससुर इस्माइल व ननद कौसर जहां के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। घटना के तीन-चार दिनों बाद पति इसरार की नदी में डूबने से मौत हो गई थी। पुलिस ने केस की विवेचना पूरी करने के बाद आरोपी ससुर इस्माइल व ननद कौसर जहां के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील गोरखनाथ शुक्ल ने सात गवाहों को पेश किया था। शुक्रवार को एडीजे प्रथम श्यामजीत यादव ने आरोपी ससुर इस्माइल को दोषी मानते हुए सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया है। कोर्ट ने आरोपी ननद कौसर जहां को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है।
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