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बंद पड़े जिला मुख्यालय के एटीएम
Updated Fri, 14 Jul 2017 12:48 AM IST
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बंद पड़े जिला मुख्यालय के
एटीएम, कार्डधारक परेशान
क्रासर
भटकने को मजबूर खाताधारक
फोटो संख्या-23/24/25
अमर उजाला ब्यूरो
गौरीगंज। पिछले नवंबर में हुई नोटबंदी का असर अमेठी में कम होने का नाम नहीं ले रहा है। खेती-किसानी के समय जिले में विभिन्न बैंकों के एटीएम धनाभाव में जहां शोपीस बन कर रह गए वहीं आम लोगों को धन की निकासी के लिए बैंकों का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
जिला मुख्यालय सहित पूरे जिले में विभिन्न बैंकों की ओर से स्थापित एटीएम धनाभाव के चलते शोपीस बन कर रह गए हैं। आलम यह है कि जिला मुख्यालय पर स्थापित एक्सिस बैंक, यूनियन बैंक, सेंट्रल बैंक, इलाहाबाद बैंक व बीओबी सहित करीब सभी बैंकों के एटीएम लगातार कैशलेस रहते हैं। एटीएम में धन नहीं होने के कारण किसानों को धान की रोपाई के लिए आवश्यक खाद, बीज व मजदूरी देने के लिए बैंकों की परिक्रमा करने को मजबूर होना पड़ रहा है। अग्रणी जिला प्रबंधक मनमोहन शुक्ल ने जिले की बैंकों के पास कैश कम होने की बात स्वीकार की। कहा कि आरबीआई के अफसरों से बात हुई है। जल्द ही कैश की कमी समाप्त हो जाएगी और हालात सामान्य हो जाएंगे।
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एटीएम, कार्डधारक परेशान
क्रासर
भटकने को मजबूर खाताधारक
फोटो संख्या-23/24/25
अमर उजाला ब्यूरो
गौरीगंज। पिछले नवंबर में हुई नोटबंदी का असर अमेठी में कम होने का नाम नहीं ले रहा है। खेती-किसानी के समय जिले में विभिन्न बैंकों के एटीएम धनाभाव में जहां शोपीस बन कर रह गए वहीं आम लोगों को धन की निकासी के लिए बैंकों का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
जिला मुख्यालय सहित पूरे जिले में विभिन्न बैंकों की ओर से स्थापित एटीएम धनाभाव के चलते शोपीस बन कर रह गए हैं। आलम यह है कि जिला मुख्यालय पर स्थापित एक्सिस बैंक, यूनियन बैंक, सेंट्रल बैंक, इलाहाबाद बैंक व बीओबी सहित करीब सभी बैंकों के एटीएम लगातार कैशलेस रहते हैं। एटीएम में धन नहीं होने के कारण किसानों को धान की रोपाई के लिए आवश्यक खाद, बीज व मजदूरी देने के लिए बैंकों की परिक्रमा करने को मजबूर होना पड़ रहा है। अग्रणी जिला प्रबंधक मनमोहन शुक्ल ने जिले की बैंकों के पास कैश कम होने की बात स्वीकार की। कहा कि आरबीआई के अफसरों से बात हुई है। जल्द ही कैश की कमी समाप्त हो जाएगी और हालात सामान्य हो जाएंगे।
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