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Sultanpur News: बिना फिटनेस के सड़कों पर दौड़ रहे 113 स्कूली वाहन

Mon, 06 Apr 2026 11:38 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 06 Apr 2026 11:38 PM IST
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113 school vehicles running on the roads without fitness
विद्यालय में खड़ी स्कूली बसें। - फोटो : विद्यालय में खड़ी स्कूली बसें।
सुल्तानपुर। नए शैक्षिक सत्र की शुरुआत के साथ जहां स्कूलों में रौनक लौट आई है, वहीं बच्चों की सुरक्षा एक गंभीर सवाल बनकर सामने खड़ी है। हर सुबह मासूम बच्चे हंसते-मुस्कुराते स्कूल के लिए घर से निकलते हैं, लेकिन उनका यह सफर सुरक्षित नहीं है। स्कूली बच्चों की आवाजाही के लिए इस्तेमाल हो रहे वाहनों की स्थिति चिंताजनक है। परिवहन विभाग के आंकड़े बताते हैं कि बड़ी संख्या में बसें और वैन बिना फिटनेस प्रमाणपत्र के ही सड़कों पर दौड़ रही हैं। इन वाहनों में बैठकर हजारों बच्चे रोज अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं।
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जिले में पंजीकृत करीब 320 विद्यालयों में 60 हजार से अधिक बच्चे पढ़ाई करते हैं। ये सभी बच्चे स्कूली वाहनों से आते-जाते हैं। इन सभी विद्यालयों में कुल 1423 स्कूली वाहन संचालित होते हैं। इनमें से 113 वाहनों की फिटनेस समाप्त हो चुकी है। 1099 स्कूली वाहनों के फिटनेस प्रमाणपत्र हैं। इसके बाद भी जमीनी स्तर पर स्थिति में खास सुधार नहीं दिख रहा है।
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नियमों की अनदेखी, बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़
सुरक्षा मानकों को नजरअंदाज करते हुए ई रिक्शा, ऑटो और निजी वाहनों से भी बच्चों को स्कूल पहुंचाया जा रहा है। इनमें ओवरलोडिंग आम बात है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी खराब है, जहां बिना किसी वैध दस्तावेज के वाहन धड़ल्ले से चल रहे हैं।
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134 स्कूली वाहनों का हुआ था चालान
पिछले साल अभियान के तहत 134 स्कूली वाहनों का चालान किया गया था। हालांकि, यह संख्या समस्या के मुकाबले बेहद कम है। औसतन प्रतिदिन दो से भी कम कार्रवाई होना यह दर्शाता है कि नियमों का पालन सुनिश्चित कराने में ढिलाई बरती जा रही है।
जिम्मेदारी तय करना जरूरी
विशेषज्ञों का मानना है कि केवल प्रशासनिक कार्रवाई से समस्या का समाधान संभव नहीं है। स्कूल प्रबंधन, अभिभावकों और वाहन संचालकों को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना अब विकल्प नहीं बल्कि जरूरी हो गया है।

150 वाहन पोर्टल पर हुए अपलोड
एआरटीओ प्रशासन अलका शुक्ला ने बताया कि अनफिट वाहनों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि एक अप्रैल से अब तक 150 स्कूली वाहनों को विभाग के पोर्टल पर अपलोड कराया गया है।
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