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सहायता राशि न मिलने पर ग्रामीणों ने शव रखकर लगाया जाम
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सहायता राशि न मिलने पर ग्रामीणों ने शव रखकर लगाया जाम
अमेठी। गयासपुर गांव में सड़क दुर्घटना में हुई दो मौतों के बाद सहायता राशि न मिलने पर बुधवार की सुबह ग्रामीणों ने सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू किया। एसडीएम के समझाने पर करीब ढाई घंटे बाद लोग शांत हुए।
बाजार शुकुल थाना क्षेत्र के गयासपुर निवासी पवन कुमार यादव (19) पुत्र बृजलाल मंगलवार की सुबह करीब 10 बजे घर के बाहर खड़ा था। पवन के पास ही गांव का सूरजचंद (35) पुत्र सहीराम रैदास और गांव की माता देई (65) भी खड़ी थी। तभी तेज रफ्तार अनियंत्रित कार ने तीनों को रौंद दिया।
दुर्घटना में पवन यादव और सूरजचंद की मौत हो गई थी। दुर्घटना के बाद नाराज ग्रामीणों ने गांव के बाहर सड़क जामकर प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान पहुंचे एसडीएम मुसाफिरखाना देवी दयाल वर्मा ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलाए जाने की बात कही थी। तब जाकर लोगों ने प्रदर्शन समाप्त किया था। मंगलवार को सहायता राशि न मिलने से ग्रामीण आक्रोशित थे।
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बुधवार को जब शव का पोस्टमॉर्टम होकर गांव पहुंचा तो ग्रामीणों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। गांव के बाहर सड़क पर शव रखकर लोगों ने जाम लगा दिया। प्रदर्शन के बाद मौके पर पहुंचे एसडीएम ने लोगों को जानकारी दी कि लेखपाल को राहत राशि दी गई है। एक घंटे में उन्हें मिल जाएगी। एसडीएम के जानकारी देने के बाद करीब ढाई घंटे बाद लोग शांत हो गए।
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अमेठी। गयासपुर गांव में सड़क दुर्घटना में हुई दो मौतों के बाद सहायता राशि न मिलने पर बुधवार की सुबह ग्रामीणों ने सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू किया। एसडीएम के समझाने पर करीब ढाई घंटे बाद लोग शांत हुए।
बाजार शुकुल थाना क्षेत्र के गयासपुर निवासी पवन कुमार यादव (19) पुत्र बृजलाल मंगलवार की सुबह करीब 10 बजे घर के बाहर खड़ा था। पवन के पास ही गांव का सूरजचंद (35) पुत्र सहीराम रैदास और गांव की माता देई (65) भी खड़ी थी। तभी तेज रफ्तार अनियंत्रित कार ने तीनों को रौंद दिया।
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दुर्घटना में पवन यादव और सूरजचंद की मौत हो गई थी। दुर्घटना के बाद नाराज ग्रामीणों ने गांव के बाहर सड़क जामकर प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान पहुंचे एसडीएम मुसाफिरखाना देवी दयाल वर्मा ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलाए जाने की बात कही थी। तब जाकर लोगों ने प्रदर्शन समाप्त किया था। मंगलवार को सहायता राशि न मिलने से ग्रामीण आक्रोशित थे।
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बुधवार को जब शव का पोस्टमॉर्टम होकर गांव पहुंचा तो ग्रामीणों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। गांव के बाहर सड़क पर शव रखकर लोगों ने जाम लगा दिया। प्रदर्शन के बाद मौके पर पहुंचे एसडीएम ने लोगों को जानकारी दी कि लेखपाल को राहत राशि दी गई है। एक घंटे में उन्हें मिल जाएगी। एसडीएम के जानकारी देने के बाद करीब ढाई घंटे बाद लोग शांत हो गए।