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दीपावली नजदीक आते ही सक्रिय हुए मिलावटखोर

Tue, 10 Oct 2017 11:03 PM IST
Updated Tue, 10 Oct 2017 11:03 PM IST
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दीपावली नजदीक आते ही सक्रिय हुए मिलावटखोर
दीपावली नजदीक आते ही
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सक्रिय हुए मिलावटखोर
क्रासर-
कानपुर मंडी से पहुंचने लगा नकली खोवा

अमर उजाला ब्यूरो
सुल्तानपुर। दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही जिले में मिलावट खोर सक्रिय हो गए हैं। रोजाना कानपुर मंडी से मिलावटी खोवा और मिठाई की खेप जिले में पहुंच रही है। संबंधित महकमा अभी तक मिलावट खोरों के खिलाफ अभियान नहीं शुरू कर सका है।
त्योहार नजदीक आते ही खाद्य पदार्थ में मिलावट करने वाले सक्रिय हो जाते हैं। दूध, खोवा, घी, मक्खन, तेल, मिठाई में मुनाफा कमाने के लिए मिलावट खोरी की जाती है। मिलावट खोर खाद्य पदार्थ में यूरिया, डिटर्जेंट, सोडा, स्टार्च, हाइड्रोजन पैरॉक्साइड, फॉर्मेलिन समेत कई नुकसान करने वाली चीजों की मिलावट करते हैं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीमें त्योहार के मद्देनजर सक्रिय होने का दावा करती हैं। बावजूद इसके प्रत्येक वर्ष रोडवेज की बसों में मिलावटी खोवा भारी मात्रा में बरामद किया जाता है, लेकिन मिलावटखोर बच निकलते हैं।
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फेल हो जाता लीवर व गुर्दा : डॉ. एएन सिंह
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एएन सिंह बताते हैं कि यदि खाद्य पदार्थ में यूरिया, डिटर्जेंट, सोडा, स्टॉर्च, हाइड्रोजन पैरॉक्साइड, फॉर्मेलिन आदि की मिलावट की जाती है तो लीवर, गुर्दा खराब हो सकता है। पेट की घातक बीमारियां जन्म लेती हैं।
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ऐसे करें मिलावट की पहचान
दूध का परीक्षण
1. यूरिया परीक्षण-एक परखनली में 5 मिली दूध में 5 मिली पैरा डाई मिथाइल एमिनो बेन्जल्डिहाइड का घोल डालकर हिलाने पर यदि पीला रंग तुरंत आता है तो यूरिया मिलाने की पुष्टि होती है। (यदि दूध हल्का मटमैला हो जाता है तो दूध में प्राकृतिक यूरिया का रंग होगा)।
2. फॉर्मेलिन का परीक्षण-एक परखनली में 5 मिली दूध में दो से पांच बूंद फ्लोरोग्लूसिनॉल डाल कर हिलाएं। फिर दो से पांच बूंद सोडियम हाइड्रॉक्साइड का घोल डालकर हिलाएं। यदि दूध का रंग गुलाबी हो जाता है तो दूध में फॉमेलीन की मिलावट है।
3. डिटर्जेंट का परीक्षण-एक परखनली में 5 मिली दूध में दो बूंद ब्रोनोकिसॉल पर्पल का घोल डालकर हिलाने पर यदि दूध का रंग हल्का नीला हो जाता है तो दूध में डिटर्जेंट के मिलाए जाने की पुष्टि होती है।

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खोवा का परीक्षण
1. शुगर का परीक्षण-एक परखनली में दो ग्राम खोवा लें और उसमें पांच मिली पानी तथा पांच मिली सांद्र हाइड्रोक्लोरिक एसिड डालकर हिलाएं। दो मिली रिसार्सिनॉल घोल डालकर गर्म करें यदि खोवा में लाल रंग आता है तो शुगर मिलाने की पुष्टि होती है।
(2) यूरिया (3) फॉर्मेलिन (4) डिटर्जेंट (5) सोया एवं (6) स्टार्च का परीक्षण-इन सभी परीक्षण को उपरोक्त दूध परीक्षण विधि के अनुसार परीक्षण करें।
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तेल का परीक्षण
1. आर्जीमोन ऑयल का परीक्षण-एक परखनली में पांच मिली ऑयल एवं पांच मिली नाइट्रिक अम्ल की डालकर सावधानी से हिलाए तो एसिड तल में हल्का लाल भूरा रंग आता है, तो आर्जीमोन ऑयल की मिलावट की पुष्टि होती है।



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सजा का प्रावधान
खाद्य पदार्थ में मिलावट खोरी करने वालों पर कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है। अधिवक्ता रूद्र प्रताप सिंह उर्फ मदन ने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत खाद्य पदार्थ में मिलावट खोरी करना गंभीर अपराध की श्रेणी में है। मिलावटखोरी करने वालों को अपराध की गंभीरता के अनुरूप तीन माह से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा से दंडित किया जाता है। इसके आलावा ऐसे अपराध में शामिल लोगों पर जुर्माना भी किया जाता है।
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