{"_id":"5957e73b4f1c1b472e8b4d4f","slug":"111498933051-sultanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एडवाइजरी जीएसटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एडवाइजरी जीएसटी
Updated Sat, 01 Jul 2017 11:47 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुरानी दरों पर बिके सस्ते हुए सामान
व्यवसायियों ने जीएसटी में महंगी हुई वस्तुओं के दाम बढ़ाए
रोजमर्रा के सामानों की होती रही बिक्री
अमर उजाला ब्यूरो
सुल्तानपुर। जीएसटी का जिले में पहले दिन मिला-जुला असर रहा। बाजार में टैक्स वाले सामानों की बिक्री में मंदी रही जबकि रोजमर्रा की जरूरतों के सामानों की खरीद पर कोई खास असर नहीं दिखा। टैक्स घटने के बाद सस्ते हुए सामानों का लाभ पहले दिन उपभोक्ताओं को नहीं मिल सका। दुकानदार पुराने ही रेट पर सामानों की बिक्री करते रहे। जीएसटी से जिन वस्तुओं के दाम बढ़ गए हैं उनके मूल्य बाजारों में जरूर बढ़ा दिए गए।
बाजार रोजाना की तरह शनिवार को भी गुलजार रहे। अधिकतर उपभोक्ता जीएसटी से बेफिक्र नजर आए लेकिन अधिकतर व्यापारी जीएसटी को लेकर सशंकित हैं। वे जीएसटी को अच्छा तो मान रहे लेकिन इंस्पेक्टर राज दोबारा आने का डर उन्हें सता रहा है। जीएसटी की जद में आने वाले सामानों के दाम बाजारों में शनिवार से ही बढ़ गए लेकिन जो सामान सस्ते हुए बाजार में वे पुरानी दरों पर ही बिके। इसमें साबुन, तेल, मिल्स पाउडर, सिल्क कपड़े, हेलमेट, फल सब्जियां आदि शामिल हैं।
वाहन, कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक सामानों की बिक्री रही प्रभावित
जीएसटी लागू होते ही शनिवार को वाहनों, कपड़ों, इलेक्ट्रॉनिक्स समेत कई वस्तुओं के दाम बढ़ गए। मूल्य में बढ़ोतरी पर कपड़े आदि के प्रिंट रेट पर जीएसटी की दर जोड़कर व्यापारियों ने सामानों की बिक्री की। दाम बढ़ने से शनिवार को इन व्यवसायों की बिक्री ठंडी रही। व्यवसायियों ने दुकानें खोल रखीं थी लेकिन बिक्री कम रही। किचन व अन्य रोजाना की जरूरतों के सामानों पर कोई खास असर नहीं रहा। इन सामानों की बिक्री रोजाना की तरह होती रही।
विज्ञापन
व्यापारियों ने बंद किए ऑफर
थोक कपड़ा व्यवसायी दिलीप कुमार का कहना है कि जीएसटी अच्छा है, बशर्ते सरकार को यह ध्यान रखना होगा कि इंस्पेक्टर राज न आने पाए। पहली बार कपड़ा टैक्स के दायरे में आने से व्यवसाय पर प्रभाव पड़ा है। ऑटो मोबाइल्स के प्रोपराइटर मिर्जा सगीर बेग ने बताया कि वाहनों पर टैक्स बढ़ने का असर पहले दिन जबरदस्त रहा। एजेंसी पर सन्नाटा रहा। शनिवार को छूट भी नहीं दी गई थी। इलेक्टॉनिक सामानों के विक्रेता राजेंद्र अग्रवाल ने बताया कि शुक्रवार तक सामानों की बिक्री पर छूट दी गई थी। शनिवार से टैक्स बढ़ने व छूट खत्म होने से व्यापार बहुत प्रभावित रहा। तीन से पांच प्रतिशत तक टैक्स बढ़ा है। शहर के कंक्रीट व्यवसायी प्रियेश अग्रवाल ने बताया कि व्यवसाय पर थोड़ा-बहुत प्रभाव पड़ा है। महीने-दो महीने में लोग जागरूक हो जाएंगे तो व्यवसाय सामान्य हो जाएगा।
ग्राहकों ने कहा-दुकानदारों ने कम नहीं किए दाम
लंभुआ निवासी कुंवर बहादुर सिंह का कहना है कि जीएसटी लागू होने के बाद जिन सामानों के दाम बढ़ गए हैं उनका दुकानदारों ने मूल्य बढ़ा दिया है लेकिन सस्ते हुए सामानों का दाम नहीं घटाया। इस पर अंकुश लगना चाहिए। जयसिंहपुर निवासी राहुल मिश्रा ने बताया कि तेल, साबुन, डिटर्जेंट पाउडर, माचिस आदि पुरानी दरों पर ही मिला है जबकि यह सामान आज से सस्ता होना चाहिए था। शास्त्रीनगर निवासी ज्योति सिंह ने बताया कि सब्जियों का दाम तो पूर्व की तरह है। कहीं कोई फर्क सस्ते सामानों पर नहीं पड़ा है। सिरवारा रोड निवासी शशि मिश्रा ने कहा कि बाजार में सस्ते हुए सामानों के दाम नहीं घटाए गए हैं। जिनका दाम बढ़ गया है, दुकानदारों ने उसे बढ़ा दिया है। प्रशासन को इस पर अंकुश लगाना पड़ेगा।
वाणिज्य कर विभाग ने मनाया जीएसटी दिवस
जीएसटी लागू होने पर शनिवार को वाणिज्य कर विभाग में वस्तु एवं सेवा कर दिवस का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अमरनाथ राय ने कहा कि एक कर प्रणाली के दायरे में पूरा देश आ गया। एक कर प्रणाली से राष्ट्र की उन्नति होगी। उपायुक्त कौशलेस ने व्यापारियों से सहयोग मांगा। असिस्टेंट कमिश्नर नवीनचंद्र ने जीएसटी के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर जिला उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष रवींद्र त्रिपाठी को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। इस मौके पर अनूप श्रीवास्तव, जयप्रकाश, वासुदेव, सत्यनारायण मोदनवाल, श्यामजी कसौंधन शामिल रहे।
विज्ञापन
व्यवसायियों ने जीएसटी में महंगी हुई वस्तुओं के दाम बढ़ाए
रोजमर्रा के सामानों की होती रही बिक्री
अमर उजाला ब्यूरो
सुल्तानपुर। जीएसटी का जिले में पहले दिन मिला-जुला असर रहा। बाजार में टैक्स वाले सामानों की बिक्री में मंदी रही जबकि रोजमर्रा की जरूरतों के सामानों की खरीद पर कोई खास असर नहीं दिखा। टैक्स घटने के बाद सस्ते हुए सामानों का लाभ पहले दिन उपभोक्ताओं को नहीं मिल सका। दुकानदार पुराने ही रेट पर सामानों की बिक्री करते रहे। जीएसटी से जिन वस्तुओं के दाम बढ़ गए हैं उनके मूल्य बाजारों में जरूर बढ़ा दिए गए।
बाजार रोजाना की तरह शनिवार को भी गुलजार रहे। अधिकतर उपभोक्ता जीएसटी से बेफिक्र नजर आए लेकिन अधिकतर व्यापारी जीएसटी को लेकर सशंकित हैं। वे जीएसटी को अच्छा तो मान रहे लेकिन इंस्पेक्टर राज दोबारा आने का डर उन्हें सता रहा है। जीएसटी की जद में आने वाले सामानों के दाम बाजारों में शनिवार से ही बढ़ गए लेकिन जो सामान सस्ते हुए बाजार में वे पुरानी दरों पर ही बिके। इसमें साबुन, तेल, मिल्स पाउडर, सिल्क कपड़े, हेलमेट, फल सब्जियां आदि शामिल हैं।
विज्ञापन
वाहन, कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक सामानों की बिक्री रही प्रभावित
जीएसटी लागू होते ही शनिवार को वाहनों, कपड़ों, इलेक्ट्रॉनिक्स समेत कई वस्तुओं के दाम बढ़ गए। मूल्य में बढ़ोतरी पर कपड़े आदि के प्रिंट रेट पर जीएसटी की दर जोड़कर व्यापारियों ने सामानों की बिक्री की। दाम बढ़ने से शनिवार को इन व्यवसायों की बिक्री ठंडी रही। व्यवसायियों ने दुकानें खोल रखीं थी लेकिन बिक्री कम रही। किचन व अन्य रोजाना की जरूरतों के सामानों पर कोई खास असर नहीं रहा। इन सामानों की बिक्री रोजाना की तरह होती रही।
विज्ञापन
व्यापारियों ने बंद किए ऑफर
थोक कपड़ा व्यवसायी दिलीप कुमार का कहना है कि जीएसटी अच्छा है, बशर्ते सरकार को यह ध्यान रखना होगा कि इंस्पेक्टर राज न आने पाए। पहली बार कपड़ा टैक्स के दायरे में आने से व्यवसाय पर प्रभाव पड़ा है। ऑटो मोबाइल्स के प्रोपराइटर मिर्जा सगीर बेग ने बताया कि वाहनों पर टैक्स बढ़ने का असर पहले दिन जबरदस्त रहा। एजेंसी पर सन्नाटा रहा। शनिवार को छूट भी नहीं दी गई थी। इलेक्टॉनिक सामानों के विक्रेता राजेंद्र अग्रवाल ने बताया कि शुक्रवार तक सामानों की बिक्री पर छूट दी गई थी। शनिवार से टैक्स बढ़ने व छूट खत्म होने से व्यापार बहुत प्रभावित रहा। तीन से पांच प्रतिशत तक टैक्स बढ़ा है। शहर के कंक्रीट व्यवसायी प्रियेश अग्रवाल ने बताया कि व्यवसाय पर थोड़ा-बहुत प्रभाव पड़ा है। महीने-दो महीने में लोग जागरूक हो जाएंगे तो व्यवसाय सामान्य हो जाएगा।
ग्राहकों ने कहा-दुकानदारों ने कम नहीं किए दाम
लंभुआ निवासी कुंवर बहादुर सिंह का कहना है कि जीएसटी लागू होने के बाद जिन सामानों के दाम बढ़ गए हैं उनका दुकानदारों ने मूल्य बढ़ा दिया है लेकिन सस्ते हुए सामानों का दाम नहीं घटाया। इस पर अंकुश लगना चाहिए। जयसिंहपुर निवासी राहुल मिश्रा ने बताया कि तेल, साबुन, डिटर्जेंट पाउडर, माचिस आदि पुरानी दरों पर ही मिला है जबकि यह सामान आज से सस्ता होना चाहिए था। शास्त्रीनगर निवासी ज्योति सिंह ने बताया कि सब्जियों का दाम तो पूर्व की तरह है। कहीं कोई फर्क सस्ते सामानों पर नहीं पड़ा है। सिरवारा रोड निवासी शशि मिश्रा ने कहा कि बाजार में सस्ते हुए सामानों के दाम नहीं घटाए गए हैं। जिनका दाम बढ़ गया है, दुकानदारों ने उसे बढ़ा दिया है। प्रशासन को इस पर अंकुश लगाना पड़ेगा।
वाणिज्य कर विभाग ने मनाया जीएसटी दिवस
जीएसटी लागू होने पर शनिवार को वाणिज्य कर विभाग में वस्तु एवं सेवा कर दिवस का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अमरनाथ राय ने कहा कि एक कर प्रणाली के दायरे में पूरा देश आ गया। एक कर प्रणाली से राष्ट्र की उन्नति होगी। उपायुक्त कौशलेस ने व्यापारियों से सहयोग मांगा। असिस्टेंट कमिश्नर नवीनचंद्र ने जीएसटी के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर जिला उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष रवींद्र त्रिपाठी को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। इस मौके पर अनूप श्रीवास्तव, जयप्रकाश, वासुदेव, सत्यनारायण मोदनवाल, श्यामजी कसौंधन शामिल रहे।