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किसानों को कारोबारी बनाने का झांसा देकर 10 लाख की ठगी
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सुल्तानपुर। उर्वरक समेत खेती में प्रयोग किए जाने वाले उत्पाद बेचने के लिए लाइसेंस देने के नाम पर किसानों से करीब 10 लाख रुपये की ठगी करने का मामला प्रकाश में आया है। मोतिगरपुर व जयसिंहपुर क्षेत्र के कई किसानों से ठगी करने के बाद कथित कंपनी के जालसाज फरार हो गए हैं। जालसाजों का मोबाइल नंबर स्विफ ऑफ हो गया है।
पीड़ित किसानों ने मुकदमा दर्ज कराने के लिए स्थानीय थाने का कई दिनों तक चक्कर काटा लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बुधवार को ठगी के शिकार किसानों ने एएसपी से न्याय की गुहार लगाई। एएसपी ने थानाध्यक्ष को जांच के आदेश दिए हैं।
बुधवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुुंचे मोतिगरपुर थाने के बेलहरी गांव निवासी रौनक सिंह, जयसिंहपुर कोतवाली क्षेत्र के महमूदपुर गांव निवासी अवधेश कुमार वर्मा, सदरपुर गांव के अखंड प्रताप सिंह और कालीगंज गांव निवासी गुड्डू यादव ने दिए गए प्रार्थनापत्र में कहा है कि उनके पास बीते सप्ताह चार पहिया वाहन से कुछ लोग आए थे।
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इन लोगों ने अपने को एक कंपनी का कर्मचारी बताकर कुछ उत्पाद दिखाया था। साथ ही कुछ उत्पाद इस्तेमाल करने के लिए दिया था। इन उत्पादों में जिंक, सल्फर व जायम शामिल है। इनका प्रयोग करने पर खेती में अच्छा असर दिखाई पड़ा था।
कंपनी में शामिल लोग जयसिंहपुर कोतवाली क्षेत्र के बरौसा चौराहे पर स्थित मकान में रह रहे थे। कंपनी में शामिल लोगों ने किसानों से लखनऊ व मुरादाबाद फोन करके कंपनी के लोगों से बात कराई थी।
किसानों से 1,54,500 रुपये की सिक्योरिटी राशि व 15,500 रुपये लाइसेंस के नाम पर रुपये देने की बात कही गई थी। ठगी का शिकार हुए अवधेश कुमार वर्मा ने बताया कि उनसे 1,70,000 रुपये, रौनक सिंह से 1,80,000 रुपये, अखंड प्रताप सिंह से 1,80,000 रुपये और गुड्डू यादव से 2,20,000 रुपये ले लिया गया है।
इसी तरह से कई अन्य किसानों से 1,40,000 रुपये से लेकर 1,50,000 रुपये लेनेे की जानकारी मिली है। जालसाजों ने किसानों के आधार कार्ड, पडैन कार्ड व बैंक पासबुङक की फोटो कॉपी भी ले लिया है।
उन्होंने बताया कि कथित कंपनी में शामिल लोगों ने कहा था कि उत्पाद बेचने के लिए गोदाम देने पर साढ़े आठ हजार रुपये प्रतिमाह ेवेतन व सामान की बिक्री पर आठ प्रतिशत कमीशन दिया जाएगा। गोदाम नहीं देने पर सामान की बिक्री होने पर दो से लेकर पांच प्रतिशत तक कमीशन मिलेगा।
पीड़ित किसानों के मुताबिक कंपनी में शामिल जालसाज चार दिन बाद सभी को लाइसेंस व पांच से आठ लाख रुपये तक सामान देने का झांसा देकर चले गए थे। चार दिन बाद किसानों को लाइसेंस व सामान नहीं मिला तो उन्होंने कंपनी के कर्मचारियों के दिए गए मोबाइल नंबर पर फोन किया लेकिन वह बंद मिला।
इससे परेशान होकर पीड़ित किसानों से मोतिगरपुर थाने में व जयसिंहपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराने के लिए प्रार्थनापत्र दिया था। कई दिनों तक थाने व कोतवाली का चक्कर काटने के बाद भी किसानों का मुकदमा नहीं दर्ज किया गया। पीड़ित किसानों ने बुधवार को एएसपी के पास पहुंचकर जालसाजों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने और ठगी का रुपया वापस दिलाए जाने की मांग की है।
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पीड़ित किसानों ने मुकदमा दर्ज कराने के लिए स्थानीय थाने का कई दिनों तक चक्कर काटा लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बुधवार को ठगी के शिकार किसानों ने एएसपी से न्याय की गुहार लगाई। एएसपी ने थानाध्यक्ष को जांच के आदेश दिए हैं।
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बुधवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुुंचे मोतिगरपुर थाने के बेलहरी गांव निवासी रौनक सिंह, जयसिंहपुर कोतवाली क्षेत्र के महमूदपुर गांव निवासी अवधेश कुमार वर्मा, सदरपुर गांव के अखंड प्रताप सिंह और कालीगंज गांव निवासी गुड्डू यादव ने दिए गए प्रार्थनापत्र में कहा है कि उनके पास बीते सप्ताह चार पहिया वाहन से कुछ लोग आए थे।
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इन लोगों ने अपने को एक कंपनी का कर्मचारी बताकर कुछ उत्पाद दिखाया था। साथ ही कुछ उत्पाद इस्तेमाल करने के लिए दिया था। इन उत्पादों में जिंक, सल्फर व जायम शामिल है। इनका प्रयोग करने पर खेती में अच्छा असर दिखाई पड़ा था।
कंपनी में शामिल लोग जयसिंहपुर कोतवाली क्षेत्र के बरौसा चौराहे पर स्थित मकान में रह रहे थे। कंपनी में शामिल लोगों ने किसानों से लखनऊ व मुरादाबाद फोन करके कंपनी के लोगों से बात कराई थी।
किसानों से 1,54,500 रुपये की सिक्योरिटी राशि व 15,500 रुपये लाइसेंस के नाम पर रुपये देने की बात कही गई थी। ठगी का शिकार हुए अवधेश कुमार वर्मा ने बताया कि उनसे 1,70,000 रुपये, रौनक सिंह से 1,80,000 रुपये, अखंड प्रताप सिंह से 1,80,000 रुपये और गुड्डू यादव से 2,20,000 रुपये ले लिया गया है।
इसी तरह से कई अन्य किसानों से 1,40,000 रुपये से लेकर 1,50,000 रुपये लेनेे की जानकारी मिली है। जालसाजों ने किसानों के आधार कार्ड, पडैन कार्ड व बैंक पासबुङक की फोटो कॉपी भी ले लिया है।
उन्होंने बताया कि कथित कंपनी में शामिल लोगों ने कहा था कि उत्पाद बेचने के लिए गोदाम देने पर साढ़े आठ हजार रुपये प्रतिमाह ेवेतन व सामान की बिक्री पर आठ प्रतिशत कमीशन दिया जाएगा। गोदाम नहीं देने पर सामान की बिक्री होने पर दो से लेकर पांच प्रतिशत तक कमीशन मिलेगा।
पीड़ित किसानों के मुताबिक कंपनी में शामिल जालसाज चार दिन बाद सभी को लाइसेंस व पांच से आठ लाख रुपये तक सामान देने का झांसा देकर चले गए थे। चार दिन बाद किसानों को लाइसेंस व सामान नहीं मिला तो उन्होंने कंपनी के कर्मचारियों के दिए गए मोबाइल नंबर पर फोन किया लेकिन वह बंद मिला।
इससे परेशान होकर पीड़ित किसानों से मोतिगरपुर थाने में व जयसिंहपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराने के लिए प्रार्थनापत्र दिया था। कई दिनों तक थाने व कोतवाली का चक्कर काटने के बाद भी किसानों का मुकदमा नहीं दर्ज किया गया। पीड़ित किसानों ने बुधवार को एएसपी के पास पहुंचकर जालसाजों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने और ठगी का रुपया वापस दिलाए जाने की मांग की है।