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निगम की छह इकाइयों से उत्पादन शून्य
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बिजली की मांग में अचानक से चार हजार मेवा की कमी होने से बिजली इकाइयों को थर्मल बैकिंग के आसार पर निजी क्षेत्र की एक और निगम की छह इकाइयों से उत्पादन शून्य करना पड़ा। बिजली की मांग में अचानक से चार हजार मेवा की कमी भी दर्ज की गई।
सूबे में लगातार हो रही बारिश के बाद भी बिजली की मांग में कोई खास कमी दर्ज नहीं की जा रही थी लेकिन शुक्रवार को अचानक से बिजली की मांग चार हजार मेगावाट कम होने से परियोजनाओं ने छह इकाइयों से उत्पादन शून्य कर दिया। ऐसे में अनपरा ए की 210 मेगावाट की तीसरी, हरदुआगंज की 105 मेगावाट, हरदुआगंज सी की 500 मेगावाट की दो इकाइयों से उत्पादन शून्य किया गया। वहीं पारीक्षा की दो इकाइयों से उत्पादन लगभग एक माह से शून्य ही है। निजी क्षेत्र की लैंको की 500 मेगावाट की पहली इकाई से भी उत्पादन शून्य रहा। बृहस्पतिवार तक 24 हजार मेगावाट के पार चल रही बिजली की मांग का आंकड़ा अचानक से शुक्रवार को 20359 मेगावाट पर आ गई। बिजली की न्यूनतम मांग भी 11772 मेगावाट रही। वहीं परियोजना के अधिकारियों ने बताया कि मौसम के रुख को देखते हुए बिजली की मांग में तेजी से कमी दर्ज होने के कारण होने वाली थर्मल बैकिंग के आसार पर इकाइयों को बंद किया गया है।
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सूबे में लगातार हो रही बारिश के बाद भी बिजली की मांग में कोई खास कमी दर्ज नहीं की जा रही थी लेकिन शुक्रवार को अचानक से बिजली की मांग चार हजार मेगावाट कम होने से परियोजनाओं ने छह इकाइयों से उत्पादन शून्य कर दिया। ऐसे में अनपरा ए की 210 मेगावाट की तीसरी, हरदुआगंज की 105 मेगावाट, हरदुआगंज सी की 500 मेगावाट की दो इकाइयों से उत्पादन शून्य किया गया। वहीं पारीक्षा की दो इकाइयों से उत्पादन लगभग एक माह से शून्य ही है। निजी क्षेत्र की लैंको की 500 मेगावाट की पहली इकाई से भी उत्पादन शून्य रहा। बृहस्पतिवार तक 24 हजार मेगावाट के पार चल रही बिजली की मांग का आंकड़ा अचानक से शुक्रवार को 20359 मेगावाट पर आ गई। बिजली की न्यूनतम मांग भी 11772 मेगावाट रही। वहीं परियोजना के अधिकारियों ने बताया कि मौसम के रुख को देखते हुए बिजली की मांग में तेजी से कमी दर्ज होने के कारण होने वाली थर्मल बैकिंग के आसार पर इकाइयों को बंद किया गया है।
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