फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sonebhadra News ›   Yoga of Gita is devoid of world's coincidence and disconnection: Arun Choubey

संसार के संयोग-वियोग से रहित है गीता का योग: अरुण चौबे

Tue, 14 Dec 2021 07:06 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 14 Dec 2021 07:06 PM IST
विज्ञापन
Yoga of Gita is devoid of world's coincidence and disconnection: Arun Choubey
राबर्ट्सगंज स्थित प्रभा मंडपम में गीता चौपाल में सत्यपाल जैन को सम्मानित करते डॉ.बी सिंह - फोटो : SONBHADRA
योग केवल आसन-व्यायाम भर नहीं है, योग आत्मा का परमात्मा से मेल कराने की विधि है। योग मानव जीवन का अभीष्ट प्राप्त करने की कुंजी है। गीता के अनुसार योग परम आराध्य तक की दूरी तय करने का साधन है। ये बातें गीता जयंती पर मंगलवार को राबर्ट्सगंज के जयप्रभा मंडपम में गीता में वर्णित योग विषय पर आयोजित विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने कहीं। यह कार्यक्रम गीता जयंती समारोह समिति की तरफ से आयोजित किया गया।
विज्ञापन

अध्यक्षता करते हुए साहित्यकार अजय शेखर ने कहा कि मानव जीवन संघर्ष से भरा रहता है। गीता का योग उस संघर्ष से निकलने का पथ प्रशस्त करता है। यह आध्यात्म की राह है। स्वागत करते हुए कवि जगदीश पंथी ने धार्मिक भ्रांतियों के निवारण पर बल दिया। संयोजक डॉ. बी सिंह ने कहा कि महर्षि पतंजलि ने गीता के योग का ही एक सरल स्वरूप प्रस्तुत किया। वास्तव में गीता का योग आत्मा को परमात्मा से मिलाने की कुंजी है। उन्होंने कहा कि पूरी की पूरी गीता आध्यात्म है। विषय प्रवर्तन करते हुए अरुण चौबे ने कहा कि गीता के अनुसार जो संसार के संयोग वियोग से रहित है उसी का नाम योग है। योगाचार्य सचिन तिवारी ने प्रचलित योग और आध्यात्मिक योग में सामंजस्य स्थापित करते हुए बहिरंग और अंतरंग योग की व्याख्या की। डॉ. गोपाल सिंह, साहित्यकार पारसनाथ मिश्रा, भोलानाथ मिश्रा ने विचार रखे। गोष्ठी में यथार्थ गीता के अर्थों में गीता को राष्ट्रीय धर्मशास्त्र घोषित करने का प्रस्ताव पारित किया गया। इस मौके पर प्रदीप जायसवाल, पियुष त्रिपाठी, कृपाशंकर चौबे, प्रमोद श्रीवास्तव, दिलीप तिवारी, राजेश चौबे, राजू तिवारी, गणेश पाठक, रामसूरत सिंह, बृजेश सिंह, धीरेन्द्र दूबे, आशुतोष कुमार आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन

गीता के प्रचार-प्रसार के लिए इन्हें किया गया सम्मानित
गीता जयंती के अवसर पर आयोजित गोष्ठी के दौरान प्रचार-प्रसार में लगे पांच शख्सियतों को गीता जयंती समारोह समिति ने सम्मानित किया। हंसवाहिनी इंटर कॉलेज कसयां के प्रधानाचार्य उमाकांत मिश्र, उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यपाल जैन, आध्यात्मसेवी रामानुज पाठक, समाजसेवी रामसूरत पटेल तथा शिक्षक एवं पत्रकार विवेकानंद मिश्रा को शाल ओढ़ाकर तथा सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान गोष्ठी के संयोजक डा. कुसुमाकर ने असहायों में कंबल वितरित किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed