{"_id":"95d97eccdf4cafb2cec598460d2eb048","slug":"yielding-performance-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बेदखल करने के विरोध में प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बेदखल करने के विरोध में प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो, सोनभद्र
Updated Wed, 15 Jul 2015 10:29 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के बैनर तले बुधवार को आदिवासियों और वनवासियों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। उन्होंने डीएम से वनाधिकार कानून के तहत वनभूमि पर वर्षों से गुजर-बसर कर रहे आदिवासियों और वनवासियों को बेदखल न करने की मांग की। कहा कि घोरावल तहसील क्षेत्र के उभ्भा समेत अन्य गांवों के लोगों के लोगों को वन भूमि से बेदखल करने की साजिश की जा रही है। इसे किसी सूरत में बर्दाश्त नही किया जाएगा।
दोपहर करीब 12 बजे गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के रमाशंकर पोयाम के नेतृत्व में आदिवासी, वनवासी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां आयोजित सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि घोरावल तहसील के उभ्भा, मसी, बभनी, सेमरा, परसौना, कर्री, पेढ़, नौगढ़वा, बसुंधरी में वर्षों से वन भूमि पर मकान बना कर रह रहे लोगों को उजाड़ने की साजिश की जा रही है। जबकि वनाधिकार कानून के तहत लोगों ने दावा किया है। लेकिन प्रशासन आवेदकों के दावा को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। कहा कि घोरावल तहसील के अधिकारी पात्र व्यक्तियों को वनाधिकार कानून का लाभ नहीं दे रहे हैं।
आदिवासियों और वनवासियों का उत्पीड़न किसी सूरत में बर्दाश्त नही किया जाएगा। शांती देवी, राम सिंह, राजकुमार सिंह, हीरालाल, अखिलेश चेरो, हरिकिशुन आदि मौजूद रहे। संचालन रामनरेश पोया ने किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
दोपहर करीब 12 बजे गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के रमाशंकर पोयाम के नेतृत्व में आदिवासी, वनवासी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां आयोजित सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि घोरावल तहसील के उभ्भा, मसी, बभनी, सेमरा, परसौना, कर्री, पेढ़, नौगढ़वा, बसुंधरी में वर्षों से वन भूमि पर मकान बना कर रह रहे लोगों को उजाड़ने की साजिश की जा रही है। जबकि वनाधिकार कानून के तहत लोगों ने दावा किया है। लेकिन प्रशासन आवेदकों के दावा को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। कहा कि घोरावल तहसील के अधिकारी पात्र व्यक्तियों को वनाधिकार कानून का लाभ नहीं दे रहे हैं।
विज्ञापन
आदिवासियों और वनवासियों का उत्पीड़न किसी सूरत में बर्दाश्त नही किया जाएगा। शांती देवी, राम सिंह, राजकुमार सिंह, हीरालाल, अखिलेश चेरो, हरिकिशुन आदि मौजूद रहे। संचालन रामनरेश पोया ने किया।
विज्ञापन