फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sonebhadra News ›   World Heart Day: Fast food and comfort are increasing heart disease

विश्व हृदय दिवस: फास्टफूड और आरामतलबी बढ़ा रहा दिल का रोग

Sun, 29 Sep 2024 01:14 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 29 Sep 2024 01:14 AM IST
विज्ञापन
World Heart Day: Fast food and comfort are increasing heart disease
दिल की बीमारी अब तेजी से बढ़ती जा रही है। पहले हार्ट अटैक के ज्यादातर मामले अधिक उम्र वालों में होते थे, मगर अब 35-40 आयु वर्ग वाले भी इसके शिकार हो रहे हैं। डॉक्टर इसे अनियमित दिनचर्या, फास्ट फूड का अत्यधिक उपयोग और आरामतलबी को कारण बता रहे हैं। उनका कहना है कि अगर खानपान में सावधानी नहीं बरती गई तो दिल की बीमारी किसी भी आयु वर्ग के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।
विज्ञापन

पिछले तीन महीने में ही जिले में हार्ट अटैक से 12 से अधिक मौतें हुई हैं। हर महीने अमूमन चार-पांच लोगों की जान इस बीमारी से जा रही है। कई बार काम करते-करते अचानक से लोग गिर जा रहे हैं और फिर दम तोड़ दे रहे हैं। उन्हें अस्पताल ले जाने का भी मौका नहीं मिलता। सीएमओ डॉ. अश्वनी कुमार का कहना है कि लोगों का रहन-सहन का तरीका काफी बदला है। सुविधाभोगी होने के चलते लोग शारीरिक श्रम कम कर रहे हैं। खानपान की शैली बदली है। फास्ट फूड और बाजार में मिल रहे तले-भूने सामानों का अत्यधिक सेवन शरीर को बीमार कर रहा है। इन खाद्य पदार्थों में होने वाला बैड फैट धमनियों में जाकर नुकसान पहुंचा रहा है, जिससे हार्ट अटैक के मामले आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि हृदय को स्वस्थ रखने के लिए सबसे जरूरी संयमित दिनचर्या है। अंकुरित अनाज, सलाद, अमरुद, पपीता जैसे फल, दूध-दही का सेवन करें। रोजाना व्यायाम, मेडिटेशन भी जरूरी है। पूरी नींद लें और तनाव से दूर रहें। कहा कि जिले के अस्पतालों में ईसीजी जांच की सुविधा है। हेल्थ एटीएम से ब्लड प्रेशर, लिपिड प्रोफाइल, कोलेस्ट्राल आदि की जांच की जाती है। इससे कुछ हद तक शरीर की स्थिति जानने में मदद मिलती है। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. एसएस पांडेय बताते हैं कि हार्ट के मरीजों में अब हर उम्र के लोग शामिल हैं। ओपीडी में हर रोज तीन-चार मामले आते हैं। ईसीजी व ब्लड जांच के आधार पर उन्हें दवा और परामर्श दिया जाता है।
विज्ञापन

केस एक::
एआरटीओ कार्यालय में पिछले साल कंप्यूटर पर काम करते समय डीवीआर बाबू अचानक कुर्सी से गिर पड़े। आनन-फानन सहकर्मी उन्हें अस्पताल ले आए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। उनकी उम्र महज 35 वर्ष थी। मौत का कारण हार्ट अटैक बताया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

केस दो::
करीब चार माह पहले रॉबर्ट्सगंज मंडी समिति के समीप युवा व्यापारी की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। वह अपनी दुकान पर मौजूद थे। ग्राहक को सामान देने के लिए उठे। अचानक सीने में तेज दर्द हुआ और वहीं गश खाकर गिर पड़े। कुछ देर बाद ही मौत हो गई।

दिल के मरीजों के उपचार की नहीं सुविधा
औद्योगिक जिले में हार्ट के मरीजों के उपचार की कोई सुविधा नहीं है। यहां के किसी भी अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ नहीं है। मरीजों का प्रारंभिक उपचार सिर्फ फिजिशियन के ही भरोसे होता हैं। इसके बाद उन्हें वाराणसी रेफर कर दिया जाता है। वाराणसी से रॉबर्ट्सगंज जिला मुख्यालय की दूरी करीब सौ किमी है। वहां तक जाने से पहले ही मरीज रास्ते में दम तोड़ देते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed