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श्रमिक बोले, तीन दिन बाद भरपेट भोजन हुआ नसीब

Mon, 18 May 2020 10:09 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 18 May 2020 10:09 PM IST
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Workers said, three days later there was a lot of food
सोनभद्र। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के फैलाव पर रोक के लिए केंद्र सरकार ने 18 मई से देश मे लॉकडाउन 4.0 लागू कर दिया है। उधर, रोजी रोटी की तलाश में गैर प्रांतों एवं जनपदों में गए प्रवासी मजदूरों का अपने घर लौटने का सिलसिला तेज हो गया है। सोमवार को गुजरात प्रांत के अहमदाबाद से राबर्ट्सगंज पहुंचे म्योरपुर ब्लॉक के झापर गांव निवासी रामखेलावन का कहना था कि वह क्रेन ऑपरेटर थे। आठ महीने से वह अहमदाबाद में एक कंपनी में क्रेन चलाते थे। 25 मार्च को लॉकडाउन घोषित होने पर कंपनी का काम बंद हो गया। अहमदाबाद से ट्रेन के जरिए लखनऊ पहुंचे। इसके बाद वहां से रोडवेज बस से मिर्जापुर छोड़ा गया। वहां से पैदल घर के लिए चल दिए। हिन्दुआरी के पास पुलिस कर्मियों ने रोककर वाहन से राबर्ट्सगंज भेजवाया।
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वहीं दिल्ली में रहकर राजगीर मिस्त्री का काम करने वाले चोपन ब्लॉक के डाला चूड़ी गली निवासी जितेन्द्र कुमार का कहना है कि लॉकडाउन घोषित होने पर मकान निर्माण के काम बंद हो गए। जब तक जेब में रुपये थे, तब तक वहां इसलिए रुके रहे कि शायद लॉकडाउन खुल जाए तो फिर से काम चालू हो जाएगा। लेकिन लॉकडाउन बढ़ता गया। तब वह पैदल ही घर के लिए निकल पड़े। दो दिन बिना खाए-पिए पैदल चलते रहे। रास्ते में प्रशासन की तरफ से थर्मल स्क्रीनिंग करके लखनऊ पहुंचे तब वहां से बस से मिर्जापुर आए। इसके बाद वह कुछ दूरी तक पैदल और फिर वाहन से राबर्ट्सगंज पहुंचे हैं। चार दिन बाद भोजन नसीब हुआ है। श्रमिकों को यहां राबर्ट्सगंज स्थित सेंट जेवियर्स उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में जय गुरुदेव संगत की तरफ से भोजन कराया गया।
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क्षेत्र में मेहनत मजदूरी कर चलाएंगे आजीविका
सोनभद्र। राबर्ट्सगंज पहुंचे रामखेलावन और जितेन्द्र कुमार का कहना है कि तमाम दुश्वारियों के बाद अपने जिले में पहुंचकर सुखद अनुभव हो रहा है। उनके घर पहुंचने से घरवाले खुश होंगे। जब तक बाहर थे, तब तक घरवाले चितिंत थे। बार-बार फोन करके हाल-चाल लेते रहते थे। रामलेखावन का कहना था कि घर पहुंचने पर परिवार की आजीविका चलाने के लिए कुछ न कुछ तो करना ही पड़ेगा। मेहनत मजदूरी व खेती बारी की जाएगी। वहीं जितेन्द्र का कहना है कि वह मनरेगा के तहत हो रहे निर्माण कार्य में राजगीर मिस्त्री का काम करेंगे। इससे रोजगार भी मिलेगा और घर पर रहकर खेती भी कर सकेंगे।
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