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Sonebhadra News: दो माह में पूरा करना था काम, सात महीने के बाद भी अधूरा
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चोपन। वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग पर डाला में रेलवे ओवरब्रिज से आवागमन शुरू होने में अभी लंबा इंतजार करना पड़ेगा। दो माह के लक्ष्य के सापेक्ष सात महीने बीतने के बाद भी ओवरब्रिज की मरम्मत का काम पूरा नहीं हो पाया है। बसों समेत अन्य भारी वाहन खनन क्षेत्र से होकर गुजर रहे हैं। बदहाल सड़कों और धूल-मिट्टी के बीच गहरी खदानों के पास से वाहनों के आवागमन से बराबर खतरे का अंदेशा बना हुआ है। स्टेट हाईवे पर स्थित डाला में रेलवे ओवरब्रिज के पिलर के पास दरारें आने के चलते सुरक्षा के मद्देनजर पुल से आवागमन रोक दिया गया था। बाइक, कार सहित छोटे वाहन तो इससे गुजर रहे हैं, लेकिन बस, ट्रक जैसे अन्य वाहनों को ओबरा के गजराजनगर से बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र होते हुए आवागमन करना पड़ रहा है। पिछले साल 19 अगस्त से जब मार्ग डायवर्ट किया गया था तो दावा किया गया था कि दो माह के अंदर मरम्मत कार्य पूरा कर आवागमन बहाल कर दिया जाएगा। तब से सात माह बीतने के बाद भी काम पूरा नहीं हो पाया है। कार्यदाई संस्था से जुड़े सूत्राें के मुताबिक अभी भी दो माह से अधिक का समय लग सकता है। उत्तर प्रदेश स्टेट हाईवे अथारिटी की ओर से मरम्मत का अधिकांश कार्य पूरा कर लिया गया है। अब रेलवे को ड्राइंग भेजकर एनओसी मांगी गई है ताकि उनके सुझावों के अनुसार आगे काम किया जा सके। अभी तक रेलवे की ओर से कोई जवाब नहीं मिला है। ऐसे में काम लंबा खींचने के आसार बने हुए हैं। मार्ग से जुड़े लोगों की परेशानी बढ़ी हुई है।
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रोज लग रहा जाम, यात्रियों की फजीहत
मुख्य मार्ग को डायवर्ट किए जाने का सीधा असर इस रूट पर बसों में सफर करने वाले यात्रियों पर पड़ रहा है। उन्हें दस किमी की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। खनन क्षेत्र से होकर बसों के जाने से बराबर खतरे का अंदेशा बना रहता है। सड़क के किनारे ही गहरी खदानें हैं। सड़क भी पूरी तरह गड्ढे में तब्दील है। गिट्टी-कोयला लदे वाहनों की आवाजाही से इस पर उड़ती धूल से भी यात्री परेशान रहते हैं। सिंगल सड़क होने के कारण इस पर अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है।
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वर्जन...
रेल ओवरब्रिज के मरम्मत का कार्य हमारे स्तर से लगभग पूरा हो चुका है। रेलवे को ड्राइंग भेजी गई है। उनकी ओर से एनओसी या किसी तरह का सुझाव मिलते ही उसके अनुसार कार्य को फाइनल टच देते हुए आवागमन शुरू करा दिया जाएगा। -रमजान पटेल, प्रबंधक एसीपी टोलवेज।
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रोज लग रहा जाम, यात्रियों की फजीहत
मुख्य मार्ग को डायवर्ट किए जाने का सीधा असर इस रूट पर बसों में सफर करने वाले यात्रियों पर पड़ रहा है। उन्हें दस किमी की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। खनन क्षेत्र से होकर बसों के जाने से बराबर खतरे का अंदेशा बना रहता है। सड़क के किनारे ही गहरी खदानें हैं। सड़क भी पूरी तरह गड्ढे में तब्दील है। गिट्टी-कोयला लदे वाहनों की आवाजाही से इस पर उड़ती धूल से भी यात्री परेशान रहते हैं। सिंगल सड़क होने के कारण इस पर अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है।
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वर्जन...
रेल ओवरब्रिज के मरम्मत का कार्य हमारे स्तर से लगभग पूरा हो चुका है। रेलवे को ड्राइंग भेजी गई है। उनकी ओर से एनओसी या किसी तरह का सुझाव मिलते ही उसके अनुसार कार्य को फाइनल टच देते हुए आवागमन शुरू करा दिया जाएगा। -रमजान पटेल, प्रबंधक एसीपी टोलवेज।
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