सोनभद्रः खेत में काम कर रही महिला अचानक हुई बेहोश, भूत का साया बताकर परिजनों ने किया हंगामा
महिला पर भूत-प्रेत करने का आरोप लगाते हुए परिजन एक ओझा को पकड़कर बभनी थाने लाए और कार्रवाई की मांग की। पुलिस वाले कुछ करते, इससे पहले ही एक दूसरे ओझा ने महिला के ऊपर से भूत उतारकर उसकी तबीयत ठीक करने का दावा किया।
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आधुनिक युग में भी आदिवासी क्षेत्रों में लोग भूत-प्रेत के प्रभाव वाली बातों से उबर नहीं पाए हैं। शनिवार को सोनभद्र के बभनी थाना क्षेत्र में ऐसा ही एक मामला आया तो लोग हैरान रह गए। महिला पर भूत-प्रेत करने का आरोप लगाते हुए परिजन एक ओझा को पकड़कर थाने लाए और कार्रवाई की मांग करने लगे।
पुलिस वाले कुछ करते, इससे पहले ही एक दूसरे ओझा ने महिला के ऊपर से भूत उतारकर उसकी तबीयत ठीक करने का दावा किया। इस दौरान लोग वापस लौट गए। बभनी गांव के धनभहवा टोला निवासी महिला (20) खेत में उड़द काटते समय अचानक बेहोश होकर गिर पड़ी। कुछ ही देर बाद वह एक ओझा का नाम लेकर उस पर भूत का असर करने का आरोप लगाते हुए बुदबुदाने लगी।
परिवार के लोग महिला को बेहोशी की हालत में बभनी थाने के पास ले गए। कुछ देर बाद आरोपी ओझा को भी पकड़ ले गए। ओझा और परिजनों के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया। इस बाबत थाना प्रभारी अजय सिंह ने बताया कि थाने में ऐसा कोई मामला संज्ञान में नहीं आया है। बाहर कुछ हुआ होगा तो जानकारी नहीं है। भूत-प्रेत की बातें सिर्फ अंधविश्वास है।
प्रसूता की मौत के बाद परिजनों ने किया हंगामा
म्योरपुर सीएचसी में प्रसूता की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा मचाया। स्वास्थ्य कर्मियों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। काचन गांव निवासी मानती देवी (24) पत्नी रामप्रकाश को शुक्रवार की शाम प्रसव पीड़ा होने पर म्योरपुर सीएचसी में भर्ती किया गया था। शनिवार की सुबह करीब सात बजे महिला ने बच्चे को जन्म दिया।
परिजनों का आरोप है कि आठ बजे तक जिस नर्स की ड्यूटी थी उसने ठीक तरह से देखभाल नहीं की। नर्स की लापरवाही से मानती की मौत हो गई। हंगामा कर रहे परिजनों के मुताबिक प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ थे। बच्चे को जन्म देने के एक घंटे बाद महिला को पेट में दर्द महसूस हो रहा था।
पति ने स्टाफ नर्स को कई बार बताया, लेकिन नर्स ने गंभीरता से नहीं लिया। पेट में दर्द बढ़ने से उसने दम तोड़ दिया। मृतका के पति रामप्रकाश ने कहा कि मामले की जांच कर दोषी स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।