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निजीकरण का हर स्तर पर करेंगे विरोध
अमर उजाला ब्यूराो/सोनभद्र
Updated Thu, 22 Mar 2018 10:55 PM IST
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तापीय परियोजना अनपरा के बिजली कर्मियों का विरोध प्रदर्शन गुरुवार को भी जारी रहा। परियोजना गेट के सामने कर्मियों ने नारेबाजी की। वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश के पांच शहरों का फ्रेंचाइजीकरण नहीं होने दिया जाएगा और हर स्तर पर इसका विरोध जारी रहेगा।
वक्ताओं ने कहा कि निजीकरण का हर स्तर पर विरोध होगा। 23 मार्च को पावर कारपोरेशन के चेयरमैन की वीडिओ कांफ्रेसिंग का बहिष्कार किया जाएगा। कर्मचारियों ने पांच शहरों के फ्रेंचाइजीकरण की नीति और नीयत पर सवाल खड़ा किया।
दावा किया कि जिन पांच शहरों के निजीकरण का फैसला लिया गया है, उन शहरों में बिजली राजस्व में वृद्धि और मिलने वाला राजस्व आगरा फ्रेंचाइजी टोरेंट से मिलने वाले राजस्व से अधिक है। ऐसे में सरकार को यह बताना चाहिए कि इन शहरों के निजीकरण का आधार क्या है।
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बिजली कर्मियों ने बिजली बेचने वाली निजी कंपनियों रिलायंस, बजाज, लैंको, जेपी, जीवीके आदि का भी सीएजी आडिट कराए जाने की मांग की है, ताकि महंगी बिजली खरीद का फर्जीवाड़ा उजागर हो सके।
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वक्ताओं ने कहा कि निजीकरण का हर स्तर पर विरोध होगा। 23 मार्च को पावर कारपोरेशन के चेयरमैन की वीडिओ कांफ्रेसिंग का बहिष्कार किया जाएगा। कर्मचारियों ने पांच शहरों के फ्रेंचाइजीकरण की नीति और नीयत पर सवाल खड़ा किया।
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दावा किया कि जिन पांच शहरों के निजीकरण का फैसला लिया गया है, उन शहरों में बिजली राजस्व में वृद्धि और मिलने वाला राजस्व आगरा फ्रेंचाइजी टोरेंट से मिलने वाले राजस्व से अधिक है। ऐसे में सरकार को यह बताना चाहिए कि इन शहरों के निजीकरण का आधार क्या है।
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बिजली कर्मियों ने बिजली बेचने वाली निजी कंपनियों रिलायंस, बजाज, लैंको, जेपी, जीवीके आदि का भी सीएजी आडिट कराए जाने की मांग की है, ताकि महंगी बिजली खरीद का फर्जीवाड़ा उजागर हो सके।