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लेखपाल करेंगे तहसील दिवस का बहिष्कार
ब्यूरो, सोनभद्र, अमर उजाला
Updated Mon, 19 Jan 2015 11:31 PM IST
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ट्रेन से कटकर लेखपाल अशोक चौबे की मौत के बाद लेखपाल संघ ने दुद्धी के एसडीएम और तहसीलदार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को संघ से जुडे़ लेखपाल डीएम और एडीएम से मिले। उन्हें चार सूत्री मांगपत्र सौंपा। साथ ही अनिश्चितकाल के लिए तहसील दिवस के बहिष्कार की घोषणा की। चेताया कि यदि मृतक की तेरही के पूर्व मांगें पूर्ण नहीं हुईं तो बड़ा आंदोलन होगा।
दुद्धी तहसील क्षेत्र के लेखपाल अशोक कुमार चौबे की मौत ने वहां के एसडीएम और तहसीलदार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा कर दिया है। साथ ही सिस्टम में फैले भ्रष्टाचार की भी पोल खोलकर रख दी है। इस मौत से क्षुब्ध लेखपाल संघ ने एसडीएम और तहसीलदार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
सोमवार को लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र नाथ मिश्र की अगुवाई में पदाधिकारी डीएम और एडीएम से मिलने पहुंचे। वहां उनकी दोनों अफसरों के साथ बंद कमरे में वार्ता हुई। इस दौरान लेखपालों ने डीएम को चार सूत्री मांगपत्र सौंपा। जिलाध्यक्ष ने बताया कि ज्ञापन में मृतक की तेरही से पूर्व उसके आश्रित को नौकरी और 50 लाख रुपये मुआवजा देने, लेखपाल की पत्नी को पारिवारिक पेंशन और समस्त जायज देयों का भुगतान करने, लेखपाल के मृत्यु की न्यायिक जांच कराने और एसडीएम व तहसीलदार का तत्काल स्थानांतरण करने की मांग की गई है।
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उन्होंने बताया कि डीएम और एडीएम को ज्ञापन देकर 20 जनवरी से अनिश्चितकाल तक तहसील दिवस का बहिष्कार करने के निर्णय से अवगत करा दिया गया है। ज्ञापन सौंपने वालों में शिवशंकर सिंह यादव, अंबिका शुक्ला, बृज बिहारी मौर्या, प्रभु नारायण मिश्र, रमेश मिश्रा शामिल रहे।
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दुद्धी तहसील क्षेत्र के लेखपाल अशोक कुमार चौबे की मौत ने वहां के एसडीएम और तहसीलदार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा कर दिया है। साथ ही सिस्टम में फैले भ्रष्टाचार की भी पोल खोलकर रख दी है। इस मौत से क्षुब्ध लेखपाल संघ ने एसडीएम और तहसीलदार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
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सोमवार को लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र नाथ मिश्र की अगुवाई में पदाधिकारी डीएम और एडीएम से मिलने पहुंचे। वहां उनकी दोनों अफसरों के साथ बंद कमरे में वार्ता हुई। इस दौरान लेखपालों ने डीएम को चार सूत्री मांगपत्र सौंपा। जिलाध्यक्ष ने बताया कि ज्ञापन में मृतक की तेरही से पूर्व उसके आश्रित को नौकरी और 50 लाख रुपये मुआवजा देने, लेखपाल की पत्नी को पारिवारिक पेंशन और समस्त जायज देयों का भुगतान करने, लेखपाल के मृत्यु की न्यायिक जांच कराने और एसडीएम व तहसीलदार का तत्काल स्थानांतरण करने की मांग की गई है।
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उन्होंने बताया कि डीएम और एडीएम को ज्ञापन देकर 20 जनवरी से अनिश्चितकाल तक तहसील दिवस का बहिष्कार करने के निर्णय से अवगत करा दिया गया है। ज्ञापन सौंपने वालों में शिवशंकर सिंह यादव, अंबिका शुक्ला, बृज बिहारी मौर्या, प्रभु नारायण मिश्र, रमेश मिश्रा शामिल रहे।