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सीटिया के पदाधिकारियों ने की जोरदार नारेबाजी
अमर उजाला ब्यूरो, सोनभद्र
Updated Thu, 27 Aug 2015 11:57 PM IST
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कोल इंडिया सहित अन्य सार्वजनिक उपक्रमों में श्रम कानूनों में प्रस्तावित फेरबदल के विरोध में दो सितंबर को होने वाली हड़ताल को सफल बनाने की तैयारियां तेज हो गई हैं। गुरुवार को कोल इंडिया आईटीआई इंपलाइज एसोसिएशन (सीटिया) के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने एनसीएल की ककरी, बीना, कृष्णशिला, खडिय़ा, जयंत, अमलोरी, गोरबी एवं अन्य परियोजना के महाप्रबंधक कार्यालयों पर नारेबाजी कर आवाज उठाई।
क्षेत्रीय सचिव बीके पटेल, प्रशांत सिंह, जितेंद्र वर्मा, सत्यजीत आदि का कहना था कि केंद्र सरकार श्रम कानूनों में फेरबदल को लेकर हठवादी रवैया अपनाए हुए है। कोल इंडिया के दस फीसदी शेयर बेचने को लेकर भी प्रक्रिया अपनाई जा रही है। जबकि इस मसले को लेकर की गई पिछली हड़ताल के दौरान स्पष्ट रूप से आश्वासन दिया गया था कि ऐसा कुछ नहीं होगा। जहां तक श्रम कानूनों में संशोधन की बात है, इसके लिए मजदूर संगठनों के प्रतिनिधियों से वार्ता कर सहमति बनाई जाएगी, इसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई पहल सामने नहीं आई है। इसलिए सीटिया भी पांचों प्रमुख श्रमिक संगठन बीएमएस, सीटू, एटक, इंटक एवं एचएमएस की ओर से दो सितंबर को प्रस्तावित हड़ताल को समर्थन देने के साथ ही इसमें शामिल हो रहा है।उधर, अनपरा में ठेका मजदूर यूनियन ने अनपरा के लाल टावर मैदान में बैठक कर आंदोलन के सफलता की रणनीति बनाई। जिलाध्यक्ष सुरेंद्र पाल ने लंबे समय से ही एक ही परियोजना में काम करने वाले संविदा मजदूरों के नियमितीकरण सहित श्रमिकों से जुड़े कई मुद्दों पर अब तक कोई प्रभावी पहल सामने नहीं आ सकी। जो श्रम कानून हैं भी तो उसे केंद्र सरकार शिथिल करने की कोशिश में लगी हुई है। गणेश सिंह, केदार सिंह, मुश्ताक अंसारी, अजीत लकड़ा, ओमप्रकाश आदि ने कहा कि अब संघर्ष ही रास्ता बचा है। दो सितंबर की राष्ट्रव्यापी हड़ताल में ठेमयू भी बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेगा।संजय शर्मा, मुकेश, ब्रदी प्रसाद, रामकेवल यादव, पृथ्वीराज सिंह, विकास आदि मौजूद रहे।
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