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छात्राओं का डांस न बंद हुआ तो मार देंगे गोली
ब्यूरो अमर उजाला, सोनभद्र
Updated Sun, 15 Feb 2015 11:02 PM IST
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बिहार की सीमा पर सोनभद्र के मड़पा के जंगल में रविवार को एक विद्यालय के वार्षिकोत्सव में छात्राओं का डांस करना नक्सलियों को नागवार गुजरा।
नक्सलियों ने एक व्यक्ति के जरिये संदेश भेजकर छात्राओं का कार्यक्रम बंद न होने पर गोली मारने की धमकी दी तो भगदड़ मच गई। सूचना पर पुलिस, पीएसी और सीआरपीएफ ने शाम तक जंगल में कांबिंग की,
लेकिन नक्सलियों का सुराग नहीं मिला। एसपी शिवशंकर यादव के मुताबिक हथियार बंद लोग टीपीसी (तृतीय प्रस्तुति कमेटी) के सदस्य थे।
मांची थानाक्षेत्र के चरगड़ा ग्राम पंचायत के मड़पा गांव में तैयब अली का वनवासी विद्यालय है। रविवार को विद्यालय के वार्षिकोत्सव में क्षेत्र के लोग पहुंचे थे।
इस दौरान छात्राएं डांस और कव्वाली पेश कर रही थीं। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम स्थल से तीन सौ मीटर दूर मड़पा के चुरू पहाड़ी पर तीन दर्जन हथियारबंद नक्सली मौजूद थे।
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इनको बालिकाओं का डांस करना नागवार लगा तो उन्होंने जंगल में घर बनाकर रह रहे शंभू खरवार को संदेश देकर कार्यक्रम स्थल पर भेजा।
शंभू ने लोगों को बताया कि नक्सलियों ने लड़कियों का कोई कार्यक्रम होने पर गोली मारने की चेतावनी दी है। बताया कि नक्सली सिर्फ लड़कों का कार्यक्रम देखना चाहते हैं
और वे यहां आना भी चाहते हैं। इस पर भगदड़ मच गई। लोग भागने लगे। किसी ने पुलिस को सूचना दी तो किसी ने उच्चाधिकारियों को बता दिया। इसके बाद सीआरपीएफ के साथ माची,
रायपुर और पन्नूगंज थाने की पुलिस जंगल की ओर कूच कर गई। बिहार की अधौरा पुलिस को भी जानकारी दी गई। दोनों राज्यों के बार्डर थानों की पुलिस ने जंगल में कांबिंग की।
तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। सोनभद्र एसपी शिवशंकर यादव और एएसपी नक्सल रामयज्ञ भी जंगल में पहुंचे और नक्सलियों के बारे में जानकारी ली।
शाम तक नक्सलियों की कोई जानकारी न होने पर पुलिस और सीआरपीएफ के जवान लौट गए। एसपी ने बताया कि नक्सलियों ने जिस शंभू खरवार को कार्यक्रम स्थल पर भेजा था, उससे घंटों पूछताछ की गई है।
उसने बताया कि 25 से 30 नक्सली हथियारों के साथ आए थे। वे टीपीसी (माओवादियों का बागी गुट) के सदस्य हैं। एसपी ने बताया कि नक्सलियों की चहलकदमी को देखते हुए बिहार और झारखंड बार्डर पर सतर्कता बरती जा रही है।
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नक्सलियों ने एक व्यक्ति के जरिये संदेश भेजकर छात्राओं का कार्यक्रम बंद न होने पर गोली मारने की धमकी दी तो भगदड़ मच गई। सूचना पर पुलिस, पीएसी और सीआरपीएफ ने शाम तक जंगल में कांबिंग की,
लेकिन नक्सलियों का सुराग नहीं मिला। एसपी शिवशंकर यादव के मुताबिक हथियार बंद लोग टीपीसी (तृतीय प्रस्तुति कमेटी) के सदस्य थे।
मांची थानाक्षेत्र के चरगड़ा ग्राम पंचायत के मड़पा गांव में तैयब अली का वनवासी विद्यालय है। रविवार को विद्यालय के वार्षिकोत्सव में क्षेत्र के लोग पहुंचे थे।
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इस दौरान छात्राएं डांस और कव्वाली पेश कर रही थीं। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम स्थल से तीन सौ मीटर दूर मड़पा के चुरू पहाड़ी पर तीन दर्जन हथियारबंद नक्सली मौजूद थे।
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इनको बालिकाओं का डांस करना नागवार लगा तो उन्होंने जंगल में घर बनाकर रह रहे शंभू खरवार को संदेश देकर कार्यक्रम स्थल पर भेजा।
शंभू ने लोगों को बताया कि नक्सलियों ने लड़कियों का कोई कार्यक्रम होने पर गोली मारने की चेतावनी दी है। बताया कि नक्सली सिर्फ लड़कों का कार्यक्रम देखना चाहते हैं
और वे यहां आना भी चाहते हैं। इस पर भगदड़ मच गई। लोग भागने लगे। किसी ने पुलिस को सूचना दी तो किसी ने उच्चाधिकारियों को बता दिया। इसके बाद सीआरपीएफ के साथ माची,
रायपुर और पन्नूगंज थाने की पुलिस जंगल की ओर कूच कर गई। बिहार की अधौरा पुलिस को भी जानकारी दी गई। दोनों राज्यों के बार्डर थानों की पुलिस ने जंगल में कांबिंग की।
तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। सोनभद्र एसपी शिवशंकर यादव और एएसपी नक्सल रामयज्ञ भी जंगल में पहुंचे और नक्सलियों के बारे में जानकारी ली।
शाम तक नक्सलियों की कोई जानकारी न होने पर पुलिस और सीआरपीएफ के जवान लौट गए। एसपी ने बताया कि नक्सलियों ने जिस शंभू खरवार को कार्यक्रम स्थल पर भेजा था, उससे घंटों पूछताछ की गई है।
उसने बताया कि 25 से 30 नक्सली हथियारों के साथ आए थे। वे टीपीसी (माओवादियों का बागी गुट) के सदस्य हैं। एसपी ने बताया कि नक्सलियों की चहलकदमी को देखते हुए बिहार और झारखंड बार्डर पर सतर्कता बरती जा रही है।