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Sonebhadra News: पीछे देखा तो धसक गई मिट्टी आंखों के सामने छा गया अंधेरा
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घटना स्थल पर मौजूद लोग। संवाद
- फोटो : संवाद
म्योरपुर (सोनभद्र)। किरवानी जंगल में मिट्टी का टीला ढहने से हुए हादसे का मंजर रोंगटे खड़े करने वाला था। पल भर में ही तीन जिंदगियां मिट्टी में समा गईं। इस घटना की प्रत्यक्षदर्शी और हादसे में सुरक्षित बची नजीबुन्निशा की आंखों के सामने वह दृश्य बार-बार घूम रहा था। महज चंद पलों के अंदर ही उसका अपनी ननद सद्दीकुन्निशा से साथ छूट गया। मलबे में दबकर उसकी मौत हो गई।
अली शेर की पत्नी नजीबुन्निशा अपनी ननद बड़होर निवासी सद्दीकुनिशा (35) के साथ सफेद मिट्टी लेने गई हुई थी। हादसे का जिक्र करते हुए उसने बताया कि तीनों महिलाएं अंदर सुरंग में घुसी हुई थीं। वह बाहर ही मिट्टी पकड़ने के लिए खड़ी थी। अंतिम बार उसकी ननद मिट्टी लेकर आई। उनसे मिट्टी लेकर उसने पीछे मुड़कर रखा। जैसे ही उसकी ननद सुरंग में दोबारा घुसी, तभी अचानक टीला धसक गया। उसकी आंखों के सामने अंधेरा छा गया। इस दौरान उसके होश फाख्ता हो गए। वह चिल्लाने लगी। सुरंग के अंदर से कोई आवाज नहीं आई। उसने तुरंत अपने फोन से घर वालों को सूचित किया। सूचना पर घर वालों के साथ ग्रामीण भी मौके पर बड़ी संख्या में जमा हो गए और उन्हें निकाले जाने का प्रयास किया जाने लगा। हादसे में मृतक सद्दीकुनिशा शनिवार को अपने पिता अहमद अली की तबीयत खराब होने पर उन्हें देखने के लिए मायके किरवानी आई थी और सुबह अपनी भाभी के साथ मिट्टी लेने जंगल चली गई। घटना की सूचना के बाद म्योरपुर अस्पताल पहुंचे उसके पांचों बच्चों और पति का रो-रोकर हाल बेहाल था।
बड़ी मां की मौत पर बिलखते रहे बच्चे
हादसे में जान गंवाने वाली अनीशा खातून की मौत के बाद पति और ससुराल वाले बेहाल थे। उसके अपने बच्चे नहीं थे, लेकिन वह अपने देवर सेराज के तीनों बच्चों अफसा बानो, गुलरेज अहमद और गुलजान अहमद की परवरिश करती थी। तीनों का उससे गहरा लगाव था। यही कारण था कि अनीशा के मौत की खबर पाकर बच्चे फफक-फफक कर रो रहे थे। ससुर शाहजहां का भी बुरा हाल था। वह इतनी मिलनसार थी कि आसपास के लोग भी मातम में डूबे हुए थे। पति मेराज अलीगढ़ में काम करता है। फोन से सूचना के बाद वह भी अलीगढ़ से चल दिया है। हादसे में जान कमाने वाली सीता का पति देवबरन अहमदाबाद में काम करता है। मृतक सीता भी अपने 13 माह की ज्योति, स्वाति 6 वर्ष और दिनेश 3 वर्ष को घर पर छोड़कर मिट्टी लेने गई हुई थी, मां की मौत की जानकारी के बाद बच्चों का रोकर हाल बेहाल है।
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मिट्टी निकालने के दौरान पहले भी हुए हादसे
11 फरवरी 2024 को अनपरा थाना क्षेत्र के बिछड़ी स्थित हनुमान मंदिर के पास की पहाड़ी से सफेद मिट्टी निकालने के लिए ओबरा थाना क्षेत्र के बैरपुर गांव के ग्रामीण आए थे। इसी दौरान मिट्टी का बड़ा टीला ढहने से बैरपुर गांव के मदरहां टोला निवासी शिवकुमारी उर्फ लोली (35) पत्नी अमेरिका गुर्जर, रामसूरत भारती (35) पुत्र रामप्यारे, रामेश्वरी देवी (50) पत्नी रामकेश्वर भारती की मौत हो गई थी। रामजतन गुर्जर को घंटों मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला लिया।
18 फरवरी 2020 को म्योरपुर के रनटोला जंगल में मिट्टी का टीला ढहने से किरबिल निवासी नंदलाल प्रजापति के पुत्र अमरेश (12) की मौत हो गई। वह सातवीं में पढ़ता था। वह अपनी मां और आसपास की दर्जनभर महिलाओं के साथ मिट्टी लेने के लिए रनटोला आया हुआ था।
22 फरवरी 2020 को चोपन थाना क्षेत्र के बेलछ ग्राम पंचायत के टेकमा टोला स्थित छुइया टोला नाले के पास सफेद मिट्टी की खोदाई करते समय पांच लोग मिट्टी का टीला ढहने से उसमें दब गए। इसमें राॅबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के लोढ़ी गांव निवासी सुरेंद्र (14) और सुशीला (35) की मौत हो गई। विपिन (22), हीरावती (50) नरेश और अंजू देवी (40) गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
जंगल में कई और सुरंंगों से भी निकाली जा रही मिट्टी
संवाद न्यूज एजेंसी
म्योरपुर (सोनभद्र)। थाना क्षेत्र के किरवानी जंगल में सोमवार को मिट्टी का टीला धसकने से तीन महिलाओं की मौत के बाद प्रशासन हरकत में आया। डीएम बद्रीनाथ सिंह और एसपी अभिषेक वर्मा ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। हादसे के कारणों की बारीकी से पड़ताल की। इस दौरान ग्रामीणों ने जंगल में ऐसे कई अन्य सुरंगों से भी मिट्टी निकालने की जानकारी दी।
एसडीएम निखिल यादव और सीओ राजेश राय ने घटनाक्रम की क्रमवार जानकारी दी। डीएम ने मृत महिलाओं के परिजनों से मुलाकात कर शोक व्यक्त किया और हर संभव सहायता का भरोसा दिया। उन्होंने एसडीएम को निर्देशित किया कि शासन स्तर से उपलब्ध आर्थिक सहायता तत्काल दिलाई जाए और अन्य जरूरी मदद भी प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जाए। एसपी अभिषेक वर्मा ने कहा कि इस प्रकार की अवैध और असुरक्षित सुरंगों पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी। इस दौरान खैराही प्रधान प्रतिनिधि सीताराम, किरवानी प्रधान प्रतिनिधि बुद्धिनारायण गुप्ता और रनटोला ग्राम प्रधान दिनेश जायसवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधियों से भी अधिकारियों ने बातचीत की। ग्राम प्रधानों ने प्रशासन को बताया कि क्षेत्र में कई स्थानों पर सफेद मिट्टी की सुरंगें बनाई गई हैं और अब भी मिट्टी निकासी का कार्य जारी है, जिससे भविष्य में भी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। अधिकारियों ने ग्राम प्रधानों से अपील की कि गांव स्तर पर लोगों को जागरूक किया जाए और जोखिम भरे कार्यों से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जाए। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।
पोस्टमार्टम के लिए सीएमओ को दिए निर्देश
थाना क्षेत्र के किरवानी जंगल में हुए दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाली तीनों महिलाओं के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। डीएम ने सीएमओ को निर्देशित किया कि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शीघ्रता से कराई जाए, ताकि परिजनों को अनावश्यक विलंब का सामना न करना पड़े। चिकित्सकीय टीम को पूरी सावधानी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने को कहा। पुलिस ने म्योरपुर सीएचसी में पंचनामा के बाद शवों को दुद्धी स्थित अस्पताल भेजा गया।
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अली शेर की पत्नी नजीबुन्निशा अपनी ननद बड़होर निवासी सद्दीकुनिशा (35) के साथ सफेद मिट्टी लेने गई हुई थी। हादसे का जिक्र करते हुए उसने बताया कि तीनों महिलाएं अंदर सुरंग में घुसी हुई थीं। वह बाहर ही मिट्टी पकड़ने के लिए खड़ी थी। अंतिम बार उसकी ननद मिट्टी लेकर आई। उनसे मिट्टी लेकर उसने पीछे मुड़कर रखा। जैसे ही उसकी ननद सुरंग में दोबारा घुसी, तभी अचानक टीला धसक गया। उसकी आंखों के सामने अंधेरा छा गया। इस दौरान उसके होश फाख्ता हो गए। वह चिल्लाने लगी। सुरंग के अंदर से कोई आवाज नहीं आई। उसने तुरंत अपने फोन से घर वालों को सूचित किया। सूचना पर घर वालों के साथ ग्रामीण भी मौके पर बड़ी संख्या में जमा हो गए और उन्हें निकाले जाने का प्रयास किया जाने लगा। हादसे में मृतक सद्दीकुनिशा शनिवार को अपने पिता अहमद अली की तबीयत खराब होने पर उन्हें देखने के लिए मायके किरवानी आई थी और सुबह अपनी भाभी के साथ मिट्टी लेने जंगल चली गई। घटना की सूचना के बाद म्योरपुर अस्पताल पहुंचे उसके पांचों बच्चों और पति का रो-रोकर हाल बेहाल था।
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बड़ी मां की मौत पर बिलखते रहे बच्चे
हादसे में जान गंवाने वाली अनीशा खातून की मौत के बाद पति और ससुराल वाले बेहाल थे। उसके अपने बच्चे नहीं थे, लेकिन वह अपने देवर सेराज के तीनों बच्चों अफसा बानो, गुलरेज अहमद और गुलजान अहमद की परवरिश करती थी। तीनों का उससे गहरा लगाव था। यही कारण था कि अनीशा के मौत की खबर पाकर बच्चे फफक-फफक कर रो रहे थे। ससुर शाहजहां का भी बुरा हाल था। वह इतनी मिलनसार थी कि आसपास के लोग भी मातम में डूबे हुए थे। पति मेराज अलीगढ़ में काम करता है। फोन से सूचना के बाद वह भी अलीगढ़ से चल दिया है। हादसे में जान कमाने वाली सीता का पति देवबरन अहमदाबाद में काम करता है। मृतक सीता भी अपने 13 माह की ज्योति, स्वाति 6 वर्ष और दिनेश 3 वर्ष को घर पर छोड़कर मिट्टी लेने गई हुई थी, मां की मौत की जानकारी के बाद बच्चों का रोकर हाल बेहाल है।
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मिट्टी निकालने के दौरान पहले भी हुए हादसे
11 फरवरी 2024 को अनपरा थाना क्षेत्र के बिछड़ी स्थित हनुमान मंदिर के पास की पहाड़ी से सफेद मिट्टी निकालने के लिए ओबरा थाना क्षेत्र के बैरपुर गांव के ग्रामीण आए थे। इसी दौरान मिट्टी का बड़ा टीला ढहने से बैरपुर गांव के मदरहां टोला निवासी शिवकुमारी उर्फ लोली (35) पत्नी अमेरिका गुर्जर, रामसूरत भारती (35) पुत्र रामप्यारे, रामेश्वरी देवी (50) पत्नी रामकेश्वर भारती की मौत हो गई थी। रामजतन गुर्जर को घंटों मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला लिया।
18 फरवरी 2020 को म्योरपुर के रनटोला जंगल में मिट्टी का टीला ढहने से किरबिल निवासी नंदलाल प्रजापति के पुत्र अमरेश (12) की मौत हो गई। वह सातवीं में पढ़ता था। वह अपनी मां और आसपास की दर्जनभर महिलाओं के साथ मिट्टी लेने के लिए रनटोला आया हुआ था।
22 फरवरी 2020 को चोपन थाना क्षेत्र के बेलछ ग्राम पंचायत के टेकमा टोला स्थित छुइया टोला नाले के पास सफेद मिट्टी की खोदाई करते समय पांच लोग मिट्टी का टीला ढहने से उसमें दब गए। इसमें राॅबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के लोढ़ी गांव निवासी सुरेंद्र (14) और सुशीला (35) की मौत हो गई। विपिन (22), हीरावती (50) नरेश और अंजू देवी (40) गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
जंगल में कई और सुरंंगों से भी निकाली जा रही मिट्टी
संवाद न्यूज एजेंसी
म्योरपुर (सोनभद्र)। थाना क्षेत्र के किरवानी जंगल में सोमवार को मिट्टी का टीला धसकने से तीन महिलाओं की मौत के बाद प्रशासन हरकत में आया। डीएम बद्रीनाथ सिंह और एसपी अभिषेक वर्मा ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। हादसे के कारणों की बारीकी से पड़ताल की। इस दौरान ग्रामीणों ने जंगल में ऐसे कई अन्य सुरंगों से भी मिट्टी निकालने की जानकारी दी।
एसडीएम निखिल यादव और सीओ राजेश राय ने घटनाक्रम की क्रमवार जानकारी दी। डीएम ने मृत महिलाओं के परिजनों से मुलाकात कर शोक व्यक्त किया और हर संभव सहायता का भरोसा दिया। उन्होंने एसडीएम को निर्देशित किया कि शासन स्तर से उपलब्ध आर्थिक सहायता तत्काल दिलाई जाए और अन्य जरूरी मदद भी प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जाए। एसपी अभिषेक वर्मा ने कहा कि इस प्रकार की अवैध और असुरक्षित सुरंगों पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी। इस दौरान खैराही प्रधान प्रतिनिधि सीताराम, किरवानी प्रधान प्रतिनिधि बुद्धिनारायण गुप्ता और रनटोला ग्राम प्रधान दिनेश जायसवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधियों से भी अधिकारियों ने बातचीत की। ग्राम प्रधानों ने प्रशासन को बताया कि क्षेत्र में कई स्थानों पर सफेद मिट्टी की सुरंगें बनाई गई हैं और अब भी मिट्टी निकासी का कार्य जारी है, जिससे भविष्य में भी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। अधिकारियों ने ग्राम प्रधानों से अपील की कि गांव स्तर पर लोगों को जागरूक किया जाए और जोखिम भरे कार्यों से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जाए। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।
पोस्टमार्टम के लिए सीएमओ को दिए निर्देश
थाना क्षेत्र के किरवानी जंगल में हुए दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाली तीनों महिलाओं के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। डीएम ने सीएमओ को निर्देशित किया कि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शीघ्रता से कराई जाए, ताकि परिजनों को अनावश्यक विलंब का सामना न करना पड़े। चिकित्सकीय टीम को पूरी सावधानी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने को कहा। पुलिस ने म्योरपुर सीएचसी में पंचनामा के बाद शवों को दुद्धी स्थित अस्पताल भेजा गया।