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Sonebhadra News: दो दिन बाद बिजली आई तो लो वोल्टेज की समस्या

Sun, 25 May 2025 11:04 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 25 May 2025 11:04 PM IST
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When electricity came after two days, there was a problem of low voltage
अनपरा। शासन की तरफ से ग्रामीण इलाकों में 18 घंटे बिजली उपलब्ध कराने का दावा किया जा रहा है। लेकिन ऊर्जा नगरी के सुदूर इलाकों में इस पर अमल नहीं हो पा रहा है।
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हालत यह है कि दो-दो दिन तक बिजली नहीं मिल पा रही है। जोगेंद्र क्षेत्र में दो दिन बाद रविवार को बिजली आई भी तो लो वोल्टेज की समस्या रही। क्षेत्र में मुश्किल से 12 से 13 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। बारिश होने पर यह समस्या बढ़ जाती है। ग्रामीण इलाकों में जर्जर तार और अन्य उपकरण नहीं बदले जा सके हैं। इससे आगे भी समस्या से छुटकारा मिलता नहीं दिख रहा है।
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बिजली निगम ने ऊर्जा नगरी अनपरा के भाठ क्षेत्र के कुलडोमरी, रणहोर और जोगेन्द्रा में बिजली आपूर्ति के लिए करीब 200 किलोमीटर की हाईटेंशन लाइन जंगलों के बीच से ले जाई गई है। ठंड में तो बिजली की आपूर्ति सही रहती है, लेकिन हल्की बारिश और तेज हवाओं के चलने पर बाधित हो जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि फाॅल्ट ढूंढने के लिए लाइनमैन सुबह से शाम तक जंगलों में पेट्राेलिंग करते हैं। बारिश के कारण फाॅल्ट ढूंढने में समय लग जाता है। रणहोर गांव के ग्रामीणों का कहना है कि शुक्रवार को गांव में आंधी-पानी के समय बिजली गुल हो गई। दो दिन बाद रविवार की सुबह आई, लेकिन लो वोल्टेज रहा। पूरी बरसात बिजली की समस्या बनी रहती है। ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति के लिए जंगलों के बीच 11 हजार की हाईटेंशन की लाइन गुजरी है। ज्यादातर हाइटेंशन तारों के पास बड़े-बड़े पेड़ उग आए हैं। ये हवा चलने पर तारों में इनके सटते ही बिजली ट्रिप हो जाती है। वन विभाग भी एक डेढ़ फीट ही टहनियों को काटने की अनुमति देता है।
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पानी आपूर्ति पर भी असर
बिजली गुल होने के कारण मिर्चाधुरी रेलवे स्टेशन सहित जल जीवन मिशन की पानी सप्लाई पर भी असर पड़ता है। रेलवे ने स्टेशन पर डिजी सेट और इनवर्टर की व्यवस्था तो कर रखी है, लेकिन कर्मचारियों को अन्य कार्यों में परेशानी होती है। बिजली गुल होने पर पानी की सप्लाई भी बाधित होती है। टंकियों पर बिजली के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है।

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वर्जन:
बिजली फाॅल्ट होने पर तत्काल ठीक कराया जाता है। जंगलों और पहाड़ों के कारण थोड़ी समस्या होती है। - अतीक उर रहमान, एसडीओ विद्युत वितरण खंड पिपरी।
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