ओबरा। परगना अगोरी, दुद्धी और सिंगरौली के 433 गांवों में गवर्नमेंट ग्रांट एक्ट वर्ग 1-ख की भूमि को संक्रमणीय भूमिधर अधिकार देने की मांग तेज होती जा रही है। रविवार को जुगैल स्थित जिरही माता प्रांगण में मूल निवासी अधिकार मंच के बैनर तले जुटे ग्रामीणों ने आर पार के संघर्ष का एलान किया। मंच के संयोजक धर्मेंद्र सिंह ने आंदोलन की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि सभी प्रमुख मांगों को लेकर कानूनी और लोकतांत्रिक तरीके से प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही मामले में उच्च न्यायालय में पीआईएल दाखिल किया जाएगा। बैठक में मंच की ओर से तीनों परगना से जुड़े भूमि एवं राजस्व अभिलेखों के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया। ग्रामीणों की जमीन, मकान, आबादी, तालाब और सांस्कृतिक धरोहरों से संबंधित राजस्व अभिलेखों को सुरक्षित रखने, पूर्व में हुई सर्वे एवं अभिलेखीय कार्यवाही से उत्पन्न समस्याओं के समाधान की मांग रखी गई। इसके अलावा ग्रामीणों को खतौनी उपलब्ध कराने, स्थानीय मूल निवासियों को खनन गतिविधियों में अवसर देने और क्षेत्र के उद्योगों में स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया। संचालन पूर्व ग्राम प्रधान महेश जायसवाल और अध्यक्षता बच्चा यादव ने किया। बैठक में ग्राम प्रधान राम प्रताप साहनी, जनार्दन बैसवार, राम सजीवन यादव, दिनेश यादव, जमुना यादव, प्रभुनाथ खरवार, दयाराम बैसवार, राम नारायण पांडेय, राम जियावन गोंड, रामललित पांडेय, निर्भय कश्यप, अमरेश गुर्जर, राम प्रसाद खरवार आदि मौजूद रहे।