फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sonebhadra News ›   Went from Kashi to Ayodhya on bike to participate in Ram Mandir Kar Seva, saw structure collapsing in front

Ram Mandir: आंखों के सामने गिरता देखा ढांचा अब उसी जगह बना रहा मंदिर, राम मंदिर की कहानी..भक्तों की जुबानी

Sun, 07 Jan 2024 02:05 PM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनभद्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनभद्र Published by: किरन रौतेला Updated Sun, 07 Jan 2024 02:05 PM IST
सार

Ramlala Pran Pratishtha: अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दिन जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं भक्तों में उत्साह बढ़ता ही जा रहा है। यूपी के सोनभद्र में एक शख्स ऐसे हैं जिन्होंने श्रीराम के मंदिर के लिए शुरू हुई कारसेवा में हिस्सा लिया था और आज मंदिर का निर्माण हो रहा हो तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं है। पढ़ें- राम मंदिर की कहानी भक्तों की जुबानी..

विज्ञापन
Went from Kashi to Ayodhya on bike to participate in Ram Mandir Kar Seva, saw structure collapsing in front
राम मंदिर की कहानी..भक्तों की जुबानी - फोटो : संवाद

विस्तार

प्रभु श्रीराम के मंदिर के लिए कारसेवा शुरू हुई तो देश के काेने-कोने से भक्त अयोध्या पहुंचे थे। सोनभद्र से भी हजारों राम भक्त अलग-अलग टोलियों में अयोध्या गए थे। कुछ स्टेशन पर ही गिरफ्तार कर लिए गए तो कुछ विवादित ढांचा के एकदम पास तक पहुंचने में कामयाब रहे। अपनी आंखों के सामने ढांचा गिरता और फिर उसी जगह भव्य मंदिर का निर्माण देखने वाले भक्त भावविह्वल हैं। उनका रोम-रोम पुलकित है। उन्हें अब उस घड़ी का बेसब्री से इंतजार है, जब उनके आराध्य को दिव्य-भव्य धाम में विराजमान किया जाएगा।

विज्ञापन

राजा शारदा महेश इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य पद से सेवानिवृत्त शिवधारी शरण राय भी उनमें से एक हैं। करीब तीन दशक पुराना दृश्य उनकी आंखों में आज भी ताजा है। जोशीले युवाओं के जत्थे का मानव श्रृंखला बनाकर ढांचे के शीर्ष तक पहुंचने और कारसेवा करने को याद कर वह रोमांचित हो जाते हैं। बताते हैं कि बड़हर स्टेट के छोटे भइया के साथ वह बाइक से काशी से अयोध्या पहुंचे थे। जगह-जगह नाकेबंदी से होकर किसी तरह वह दोनों ढांचे के पीछे स्थित बगीचे तक पहुंचे थे।
विज्ञापन

बैंगन के पौधों के बीच खड़े होकर वह ढांचा विंध्वस के दृश्य को देखते रहे। एैरे-गैरे नत्थू खैरे, तेरी क्या औकात है, रामजी की बात-रामजी की बात है... का उद्घोष करते युवा कारसेवा में जुटे थे। इंटर कॉलेज में पढ़ाई कर रहे सिद्धी व आसपास के अन्य गांवों के युवा भी अयोध्या पहुंचे थे। वह लोग वहां से ईंट भी लेकर लौटे थे। बताया कि छह दिसंबर की घटना के बाद कई दिनों वह और छोटे भइया एक साथ रिश्तेदारों के यहां रुके रहे। वापस राबर्ट्सगंज पहुंचकर भी वह छिपते-छिपाते रहे। बताया कि वह खुद को सौभाग्यशाली मान रहे हैं। अपनी आंखों के सामने ढांचा गिरते देखा था और अब उसी जगह अपने प्रभु के भव्य मंदिर को आकार लेते देख रहे हैं। 22 जनवरी उनके जीवन का सबसे यादगार दिन बनने जा रहा है, जब रामलला अपने भव्य-नव्य धाम में विराजमान होंगे। कहा कि जिस तरह पांच सौ सालों से विवाद चला आ रहा था, उससे कल्पना भी नहीं की थी कि जीते जी यह दृश्य देखने का अवसर मिलेगा। अब इसके साकार होने से गदगद हूं। रोम-रोम प्रफुल्लित है। बड़ी इच्छा है कि अयोध्या पहुंचकर नए मंदिर श्रीरामचंद्र जी का दर्शन करूं, लेकिन मोदी जी के आह्वान का पालन करते हुए 22 को अयोध्या नहीं जाएंगे। घर पर ही रुककर उत्सव मनाएंगे। राम ज्योति जलाएंगे और मोहल्ले वालों को भी प्रेरित करेंगे। सही मायने में यही असली दीपावली होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed