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हम पढ़ना चाहते हैं सर, पर नहीं जाने दिया जा रहा स्कूल...
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सोनभद्र। सर, हम लोग पढ़ना चाहते हैं। आगे बढ़ना चाहते हैं, लेकिन हमें स्कूल नहीं जाने दिया जा रहा। दूसरे बच्चों को जब स्कूल जाते देखते हैं तो मन मसोस कर रह जाता है। हम पढ़ेंगे नहीं तो हमारा भविष्य का अंधेरा कैसे छंटेगा। कुछ ऐसे ही अल्फाज थे बालगृह बालिका में रह रही बालिकाओं के। सीडीओ ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए अधीक्षिका को चेतावनी देते हुए बालिकाओं का नामांकन स्कूलों में कराने का निर्देश दिया। उन्होंने प्रभारी जिला प्रोबेशन अधिकारी से स्पष्टीकरण तलब करते हुए अगले आदेश तक वेतन भुगतान पर रोक लगाने की संस्तुति की।
महिला कल्याण विभाग से वित्तपोषित पूर्ववासी ग्रामीण उत्थान विकास सेवा समिति के माध्यम से इंद्रपुरी कॉलोनी में संचालित बालगृह बालिका का सीडीओ डॉ. अमित पाल शर्मा ने औचक निरीक्षण किया। केंद्र में चार नवजात समेत 31 बालिकाओं का पंजीकरण है। शेष 27 में से महज सात के ही स्कूल जाने की जानकारी हुई। सीडीओ ने जब बालिकाओं से पूछा तो पता चला कि जनवरी से पहले आई बालिकाएं स्कूल जाना चाहती हैं, लेकिन अधीक्षिका उन्हें स्कूल भेजने के लिए प्रोत्साहित नहीं कर रहीं। इस कारण बालिकाएं शिक्षा से वंचित हो रही हैं।
सीडीओ ने अधीक्षिका नीलम सिंह को चेतावनी देते हुए तत्काल बीएसए और डीआईओएस से संपर्क कर बालिकाओं का संबंधित कक्षाओं में नामांकन कराने को कहा। प्रभारी जिला प्रोबेशन अधिकारी का वेतन अगले आदेश तक रोकते हुए उनसे तीन दिन में स्पष्टीकरण देने को कहा है। कहा कि तीन दिन बाद वह फिर से निरीक्षण करेंगे, अगर आदेश का अनुपालन नहीं हुआ तो संस्था प्रमुख और प्रोबेशन अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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महिला कल्याण विभाग से वित्तपोषित पूर्ववासी ग्रामीण उत्थान विकास सेवा समिति के माध्यम से इंद्रपुरी कॉलोनी में संचालित बालगृह बालिका का सीडीओ डॉ. अमित पाल शर्मा ने औचक निरीक्षण किया। केंद्र में चार नवजात समेत 31 बालिकाओं का पंजीकरण है। शेष 27 में से महज सात के ही स्कूल जाने की जानकारी हुई। सीडीओ ने जब बालिकाओं से पूछा तो पता चला कि जनवरी से पहले आई बालिकाएं स्कूल जाना चाहती हैं, लेकिन अधीक्षिका उन्हें स्कूल भेजने के लिए प्रोत्साहित नहीं कर रहीं। इस कारण बालिकाएं शिक्षा से वंचित हो रही हैं।
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सीडीओ ने अधीक्षिका नीलम सिंह को चेतावनी देते हुए तत्काल बीएसए और डीआईओएस से संपर्क कर बालिकाओं का संबंधित कक्षाओं में नामांकन कराने को कहा। प्रभारी जिला प्रोबेशन अधिकारी का वेतन अगले आदेश तक रोकते हुए उनसे तीन दिन में स्पष्टीकरण देने को कहा है। कहा कि तीन दिन बाद वह फिर से निरीक्षण करेंगे, अगर आदेश का अनुपालन नहीं हुआ तो संस्था प्रमुख और प्रोबेशन अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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