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पानी के लिए ग्रामीणों ने लगाया जाम, फूंका पुतला
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दुद्धी । पेयजल संकट और इसके निदान के नाम पर दूषित पानी की आपूर्ति से क्षुब्ध झारोकला ग़ांव के ग्रामीणों ने बुधवार को भी सड़क पर उतरकर आवाज उठाई। प्रधान का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया। नारे लगाते हुए दुद्धी-गोविंदपुर आश्रम मार्ग जाम कर दिया। इसके चलते एक किमी दूरी तक वाहनों की कतार लग गई। नियमित आपूर्ति के आश्वासन और तत्काल एक टैंकर पानी पहुंचने के बाद ग्रामीण किसी तरह शांत हुए। तब जाकर घंटे भर बाद आवागमन बहाल हुआ।
झारोकला गांव में कन्हैया, घुटरा, धरिकार बस्ती के लोग पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। सोमवार की रात्रि पेयजल के नाम पर जब टैंकर से प्रदूषित पानी की आपूर्ति पहुंची तो ग्रामीण भड़क उठे। वहीं पर्याप्त पानी की आपूर्ति न होने को लेकर भी नाराजगी जताते हुए ग्रामीण बुधवार सुबह करीब 10 बजे झारोकला गांव से गुजरे दुद्धी-गोविंदुपर आश्रम मार्ग पर जाम लगा दिया। प्रधान के घर का भी घेराव कर आवाज बुलंद की। प्रतीकात्मक पुतला फूंका। कहा कि एक तरफ बूंद-बूंद पानी की मारामारी मची है। वहीं प्रदूषित पानी की आपूर्ति के चलते मजबूरी में इसे ही सेवन कर पड़ रहा है। बुधवार की रात हुई पानी की आपूर्ति के सेवन से गांव के कई बच्चे बीमार पड़ गए। मंगलवार को सिर्फ एक समय ही पानी की आपूर्ति दी गई। बुधवार को भी सुबह साढ़े सात बजे तक पानी का टैंकर बस्ती नहीं पहुंचा। इससे लोगों को दिनचर्या के लिए पानी नहीं मिल पाया। इस कारण बस्ती के तमाम कामकाजी लोग रेणुकूट काम पर नहीं जा पाए। नन्हकू ने कहा कि बस्ती में 15 सौ की आबादी पानी की किल्लत से जूझ रही है। ज्यादातर हैंडपंप जवाब दे चुके हैं। पुलिस ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया।
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झारोकला गांव में कन्हैया, घुटरा, धरिकार बस्ती के लोग पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। सोमवार की रात्रि पेयजल के नाम पर जब टैंकर से प्रदूषित पानी की आपूर्ति पहुंची तो ग्रामीण भड़क उठे। वहीं पर्याप्त पानी की आपूर्ति न होने को लेकर भी नाराजगी जताते हुए ग्रामीण बुधवार सुबह करीब 10 बजे झारोकला गांव से गुजरे दुद्धी-गोविंदुपर आश्रम मार्ग पर जाम लगा दिया। प्रधान के घर का भी घेराव कर आवाज बुलंद की। प्रतीकात्मक पुतला फूंका। कहा कि एक तरफ बूंद-बूंद पानी की मारामारी मची है। वहीं प्रदूषित पानी की आपूर्ति के चलते मजबूरी में इसे ही सेवन कर पड़ रहा है। बुधवार की रात हुई पानी की आपूर्ति के सेवन से गांव के कई बच्चे बीमार पड़ गए। मंगलवार को सिर्फ एक समय ही पानी की आपूर्ति दी गई। बुधवार को भी सुबह साढ़े सात बजे तक पानी का टैंकर बस्ती नहीं पहुंचा। इससे लोगों को दिनचर्या के लिए पानी नहीं मिल पाया। इस कारण बस्ती के तमाम कामकाजी लोग रेणुकूट काम पर नहीं जा पाए। नन्हकू ने कहा कि बस्ती में 15 सौ की आबादी पानी की किल्लत से जूझ रही है। ज्यादातर हैंडपंप जवाब दे चुके हैं। पुलिस ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया।
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