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Sonebhadra News: रिहंद जलाशय का घटने लगा जलस्तर, बिजली उत्पादन हो सकता है प्रभावित

Tue, 28 May 2024 04:56 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 28 May 2024 04:56 AM IST
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Water level of Rihand reservoir starts decreasing, power production may be affected
अनपरा (सोनभद्र)। भीषण गर्मी का असर अब रिहंद जलाशय पर भी दिखने लगा है। गर्मी के कारण रिहंद जलाशय का जलस्तर तेजी से घट रहा है। मई माह के अंत में ही रिहंद का जलस्तर 839.1 फीट पर आ गया है, जो न्यूनतम निशान से मात्र चार फीट ही अधिक है। अगर, समय पर मानसून नहीं आता है तो ताप विद्युत परियोजनाओं के साथ ही पेयजल परियोजना पर इसका विपरीत असर पड़ सकता है।
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रिहंद जलाशय से जुड़ी परियोजनाओं से कुल 20 हजार मेगावाट का उत्पादन होता है। विद्युत परियोजनाएं चिमनियों को ठंडा करने के लिए रिहंद जलाशय से भारी मात्रा में पानी लेती हैं। इसके साथ ही सरकार की हर घर नल योजना की पेयजल परियोजनाएं भी इसी रिहंद जलाशय से पानी ले रही हैं। मई माह में जून वाली गर्मी पड़ने के कारण रिहंद का जलस्तर तेजी से नीचे जाने लगा है। सोमवार को रिहंद का जलस्तर 839.1 फीट पर आ गया, जबकि आज ही के दिन पिछले वर्ष रिहंद का जलस्तर 840.8 फीट था।
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जलस्तर घटने की वजह से जल विद्युत परियोजनाओं से उत्पादन बंद कर दिया गया है। भीषण गर्मी के कारण बिजली की मांग ने भी इस वर्ष पिछले सभी रिकार्ड को तोड़ दिया है। ऐसे में मई माह में ही जलस्तर न्यूनतम निशान से मात्र चार फीट ही अधिक है। मानसून आने में अभी एक महीना का समय है। यदि समय से मानसून नही आता है तो रिहंद जलाशय के जलस्तर बनाए रखने के लिए ताप विद्युत परियोजनाओं पर थर्मल बैकिंग भी लग सकती है।
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500 मेगावाट की सातवीं इकाई से उत्पादन शुरू : अनपरा। प्रदेश में बढ़ती बिजली के मांग के बीच अनपरा की 500 मेगावाट की सातवीं इकाई से उत्पादन शुरू हो गया है। इससे निगम को थोड़ी राहत की सांस मिली है। बीते शुक्रवार को अनपरा की सातवीं इकाई बीटीएल के कारण बंद हो गई थी, जिसे परियाेजना कर्मियों ने युद्धस्तर पर लगकर रविवार की देर रात ठीक कर लिया। दूसरे दिन सोमवार की सुबह इकाई से पुन: उत्पादन शुरू हो गया। सातवीं इकाई से उत्पादन शुरू होने पर उत्पादन निगम ने राहत की सांस ली। सोमवार को पीक ऑवर में बिजली की अधिकतम मांग 29084 मेगावाट और न्यूनतम मांग 21643 मेगावाट पर रही। देर शाम निगम की सभी इकाइयों से 4837 मेगावाट का उत्पादन जारी रहा।
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