UP News: फर्जी आर्डर पर छुड़वा लिए गए थानों में बंद वाहन, परिवहन विभाग में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा आया सामने
खनन विभाग, वाणिज्य कर विभाग और परिवहन विभाग की ओर से सैकड़ों वाहनों को सीज कर राबर्ट्सगंज, चोपन समेत कई थानों में खड़ा कराया गया था। मई और जून में संबंधित थानों में परिवहन विभाग का फर्जी रिलीज आर्डर दिखाकर 200 से अधिक वाहन छुड़वा लिए गए।
विस्तार
परिवहन विभाग में फर्जीवाड़े का नया मामला सामने आया है। फर्जी आर्डर के जरिये थानों में बंद वाहनों को रिलीज करा दिया गया। पिछले ढाई महीने में सैकड़ों वाहन फर्जी आर्डर के आधार पर छुड़वाए गए हैं। अब मामला संज्ञान में आने पर महकमे में हड़कंप मच गया है।
मिर्जापुर के आरटीओ प्रवर्तन ने पत्र लिखकर एआरटीओ को थाने से ऐसे वाहनों का ब्योरा तलब करते हुए विधिक कार्रवाई के लिए कहा है। बुधवार को आरआई आलोक यादव ने सदर कोतवाली में पहुंचकर इससे संबंधित दस्तावेज जुटाने की कोशिश करते रहे।
200 से अधिक वाहन छुड़वा लिए गए
विभागीय सूत्रों की मानें तो खनन विभाग, वाणिज्य कर विभाग और परिवहन विभाग की ओर से विभिन्न तिथियों में सैकड़ों वाहनों को सीज कर राबर्ट्सगंज, चोपन समेत कई थानों में खड़ा कराया गया था। मई और जून में संबंधित थानों में परिवहन विभाग का फर्जी रिलीज आर्डर दिखाकर 200 से अधिक वाहन छुड़वा लिए गए।
मामला परिवहन विभाग के उच्चाधिकारियों के पास पहुंचा। मामले को गंभीरता से लेते हुए आरटीओ मिर्जापुर संजय तिवारी ने मिर्जापुर के एआरटीओ की अगुवाई में टीम गठित कर मामले की जांच कराई तब इसका खुलासा हुआ।
एआरटीओ अनिल तिवारी ने कहा कि एआरटीओ प्रशासन पीएस राय को मामले से डीएम-एसपी को अवगत कराते हुए सभी फर्जी रिलीज आर्डर वाले मामले में विधिक मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है। उधर बुधवार को एआरटीओ कार्यालय में तैनात आरआई आलोक यादव ने सदर कोतवाली पहुंच कर पुलिस से मई से अब तक रिलीज हुए वाहनों की सूची, रिलीजिंग आर्डर की कॉपी आदि मुहैया कराने की मांग की।
एआरटीओ को कार्रवाई के लिए लिखा पत्र
फर्जी रिलीजिंग आर्डर पर वाहनों को छुड़ाने का मामला गरमा गया है। मिर्जापुर के आरटीओ प्रवर्तन राजेश कुमार वर्मा ने जिले के एआरटीओ प्रवर्तन द्वितीय पीएस राय को पत्र लिखकर परिवहन विभाग की ओर से विभिन्न थानों में बंद किए गए वाहनों को फर्जी तरीके से मुक्त कराने के प्रकरण में आवश्यक विधिक कार्रवाई को कहा है।
पत्र में लिखा है कि ऐसे समस्त प्रकरण जिनमें वाहन कार्यालय अभिलेखानुसार अवमुक्त नहीं किए गए हैं लेकिन संबंधित थानों से वाहन चालकों/स्वामियों द्वारा फर्जी तरीके से वाहन अवमुक्त करा लिए गए हैं और संभागीय निरीक्षक (प्राविधिक) सोनभद्र के माध्यम से थानों से संपर्क कर आवश्यक जानकारी एकत्र कर प्राप्त कराए जा चुके हैं, उनमें जो भी मामले परीक्षण उपरांत फर्जी पाये गये हैं, ऐसे समस्त प्रकरणों में तत्काल आवश्यक विधिक कार्यवाही करना सुनिश्चित करें।