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Sonebhadra News: रेणुकूट-अनपरा मार्ग पर 36 घंटे तक रेंगते रहे वाहन

Mon, 02 Dec 2024 10:45 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 02 Dec 2024 10:45 PM IST
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Vehicles kept crawling on Renukoot-Anpara road for 36 hours
रेणुकूट। नगर में रविवार की सुबह से शुरू हुआ ट्रैफिक जाम सोमवार की शाम तक लगा रहा। करीब 20 किमी तक वाहनों की कतार लगी रही। वाहन रेंगते रहे। रेणुकूट से अनपरा के बीच कई जगह ओवरलोड वाहनों के खराब होने से राहगीर जाम से बेहाल रहे। जाम के चलते छात्र स्कूल और श्रमिक ड्यूटी पर नहीं पहुंच सके। पुलिस पूरे दिन वाहनों को हटवाने में लगी रही। आए दिन लग रहे जाम से नगर के लोगों में आक्रोश है।
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रविवार की सुबह वन देवी मंदिर के आसपास से शुरू हुआ जाम का सिलसिला रविवार की शाम तक मुर्धवा मोड़ तक पहुंच गया। सोमवार की सुबह यह बीजपुर मार्ग पर और हाथीनाला की ओर जाने वाले रास्ते पर भी बढ़ गया। इससे लोगों को काफी परेशानी हुई। सोमवार की सुबह स्कूल के समय लगे जाम के कारण अभिभावकों को ज्यादा परेशानी हुई और उन्हें बच्चों को बाइक से स्कूल छोड़ना पड़ा। कुछ स्कूलों में सोमवार से ही परीक्षाएं शुरू हुई थीं, जिसके कारण स्कूल जाना बच्चों की विवशता हो गई थी। जाम लगे रहने के कारण कुछ स्कूलों में छुट्टी करनी पड़ी। बसों के जाम में फंसे रहने के कारण बच्चे स्कूल तक पहुंच नहीं सके। जगह-जगह ओवरलोड वाहनों का खराब होना इस जाम का प्रमुख कारण रहा है। पिपरी पुलिस और स्थानीय प्रशासन जाम को खुलवाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन लगातार खराब हो रहे ओवरलोड राख लदे वाहनों के कारण स्थिति में खास सुधार नहीं हो पाया है।
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चार किमी पैदल चलकर पहुंचे बच्चे

रेणुकूट। नगर में सोमवार को जाम की वजह से ग्रामीण क्षेत्र से आए दो छोटे-छोटे बच्चे चार किमी की दूरी तय कर दूध बेचने रेणुकूट पहुंचे। म्योरपुर थाना क्षेत्र के गंभीरपुर गांव निवासी विशाल (11) और उसका छोटा भाई विवेकानंद (8) सोमवार की सुबह झोले और बाल्टे में दूध लेकर बेचने आए थे। विशाल ने बताया कि उसके बाबा प्रतिदिन दूध लेकर आते हैं। रविवार की रात में उनकी तबीयत खराब होने की वजह से उसे खुद आना पड़ा। जाम लगने के कारण दोनों बच्चे मुर्धवा से एक किमी पहले ही जंगल में उतर गए और वहां से पैदल ही दूध बांटने रेणुकूट तक आए।
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