सोनभद्र में राज्यपाल बोलीं: आगे बढ़ने का सबसे उपयोगी शस्त्र है शास्त्र, आदिवासी परिवारों से अपील- बच्चों को दें अच्छी शिक्षा
राज्यपाल आनंदी बेन पटेल सोनभद्र के दो दिवसीय दौरे के अंतिम दिन गुरुवार को
बभनी के सेवा समर्पण संस्थान सेवाकुंज आश्रम चपकी पहुंचीं। यहां उन्होंने अपने संबोधन में आदिवासी समाज के विकास के लिए बच्चों की अच्छी शिक्षा पर जोर दिया।
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राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने आदिवासी समाज के विकास के लिए बच्चों की अच्छी शिक्षा पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाएं हमें बुनियादी जरूरतों के लिए आश्वस्त करती हैं, लेकिन सिर्फ उसके सहारे हम आगे नहीं बढ़ सकते। आगे बढ़ने के लिए शास्त्र ही सबसे उपयोगी शस्त्र है। अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए हर आदिवासी-वनवासी परिवार उन्हें बेहतर शिक्षा देने का संकल्प लें।
सोनभद्र जिले के बभनी स्थित सेवा समर्पण संस्थान सेवाकुंज आश्रम चपकी में राज्यपाल ने सात आदिवासी परिवारों को वनाधिकार कानून के तहत पट्टे का प्रमाण पत्र वितरित किया। इस दौरान 123 आंगनबाड़ी केंद्रों को विभिन्न संस्थाओं को गोद दिया गया। सफाई कर्मचारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, बेहतर कार्य करने वाली सामाजिक संस्थाओं को सम्मानित किया।
महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए संकल्प
उन्होंने वर्ष 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाने, कुपोषण मिटाने और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए लोगों को संकल्प दिलाया। कार्यक्रम में काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनंद त्यागी, आचार्य नरेंद्र देव विश्वविद्यालय के कुलपति बिजेंद्र सिंह, समाज कल्याण विभाग के राज्य मंत्री संजीव गोंड, दुद्धी विधायक रामदुलार गोंड, सेवा समर्पण संस्थान के अध्यक्ष श्रीराम पाठक, संगठन मंत्री आनंद, डीएम चंद्र विजय सिंह, एसपी अमरेंद्र प्रसाद आदि मौजूद रहे। धन्यवाद ज्ञापन राज्य सभा सांसद रामशकल ने किया।
करोड़ों साल पुराने जीवाश्म का भंडार देख राज्यपाल हुईं हैरान
दो दिवसीय भ्रमण पर बुधवार की देर शाम सोनभद्र पहुंचीं राज्यपाल आनंदी बेन पटेल सलखन में करोड़ों साल पुराने जीवाश्म का भंडार देख चौंक गईं। राज्यपाल ने पूरे पार्क का गहनता से निरीक्षण किया। उसकी प्राचीनता और खूबियों की जानकारी ली।
उसे संरक्षित करने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए यहां फॉसिल्स टूरिज्म एजुकेशन सेंटर खोलने का सुझाव दिया। राज्यपाल ने सोन ईको प्वाइंट से मारकुंडी घाटी में प्रकृति का सौंदर्य भी निहारा। यहां आदिवासी कलाकारों ने परंपरागत करमा नृत्य से उनका स्वागत किया।
निर्धारित कार्यक्रम से करीब दो घंटे विलंब से पहुंचीं राज्यपाल का सर्किट हाउस में डीआईजी आरके भारद्वाज, सोनभद्र डीएम चंद्र विजय सिंह, मिर्जापुर के डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार ने पुष्प देकर स्वागत किया।