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बेमौसम की बारिश ने फेर दिया अरमानों पर पानी
ब्यूरो अमर उजाला, सोनभद्र
Updated Thu, 16 Apr 2015 11:16 PM IST
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जिले के विभिन्न इलाकों में बुधवार की रात फिर बारिश हुई। इससे खेतों में बारिश का पानी भर गया और गेहूं की बची फसल भी बर्बाद हो गई। उधर घोरावल में एसडीएम हर्षदेव पांडेय ने कई क्षेत्रों में जाकर किसानों की फसलों की क्षति का जायजा लिया।
जिले में पिछले कई दिनों से हो रही बारिश ने किसानों के माथे पर बल ला दिया है। लगातार बारिश के चलते गेहूं की फसल लगभग पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। दलहन और तिलहन पर भी बारिश का सीधा प्रभाव पड़ा है। चतरा और नगवां क्षेत्र में भी कई जगहों पर रात में बारिश हुई। विण्ढमगंज में बुधवार की रात तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। इससे खेतों में पानी भर गया और फसल बर्बाद हो गई।
मेदनीखाड़ में आकाशीय बिजली गिरने से दो मवेशियों की मौत हो गई। गांव के रामभजन और रामविनय पुत्र चंद्रमणि कुशवाहा ने दो गाय घर के सामने बांधा था। हरनाकछार गांव के रामेश्वर गुप्ता ने बताया कि कई बीघे में लगा गेहूं बारिश के चलते चौपट हो गया है। धूमा निवासी प्रेम प्रकाश यादव ने बताया कि ब्याज पर पैसा लेकर गेहूं की खेती की गई थी। जब फसल कटने का समय आया तो बारिश ने सारे अरमानों पर पानी फेर दिया।
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घोरावल में बारिश और ओलावृष्टि से परेशान किसानों का प्रतिनिधिमंडल एसडीएम से मिला। क्षतिग्रस्त फसल का सही आंकलन करने के लिए मांगपत्र सौंपा। किसानों के लौटने के बाद एसडीएम हर्षदेव पांडेय ने घोरावल और शाहगंज इलाके का भ्रमण कर फसलों की क्षति का हाल जाना। किसानों को आश्वासन दिया कि नुकसान का सही आंकलन करने के लिए लेखपालों और कानूनगो को लगाया गया है। जांच में किसानों का अहित नहीं होने दिया जाएगा। पत्र देने वालों में लालजी तिवारी, गजेंद्र बहादुर सिंह, अमरनाथ आदि रहे।
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जिले में पिछले कई दिनों से हो रही बारिश ने किसानों के माथे पर बल ला दिया है। लगातार बारिश के चलते गेहूं की फसल लगभग पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। दलहन और तिलहन पर भी बारिश का सीधा प्रभाव पड़ा है। चतरा और नगवां क्षेत्र में भी कई जगहों पर रात में बारिश हुई। विण्ढमगंज में बुधवार की रात तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। इससे खेतों में पानी भर गया और फसल बर्बाद हो गई।
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मेदनीखाड़ में आकाशीय बिजली गिरने से दो मवेशियों की मौत हो गई। गांव के रामभजन और रामविनय पुत्र चंद्रमणि कुशवाहा ने दो गाय घर के सामने बांधा था। हरनाकछार गांव के रामेश्वर गुप्ता ने बताया कि कई बीघे में लगा गेहूं बारिश के चलते चौपट हो गया है। धूमा निवासी प्रेम प्रकाश यादव ने बताया कि ब्याज पर पैसा लेकर गेहूं की खेती की गई थी। जब फसल कटने का समय आया तो बारिश ने सारे अरमानों पर पानी फेर दिया।
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घोरावल में बारिश और ओलावृष्टि से परेशान किसानों का प्रतिनिधिमंडल एसडीएम से मिला। क्षतिग्रस्त फसल का सही आंकलन करने के लिए मांगपत्र सौंपा। किसानों के लौटने के बाद एसडीएम हर्षदेव पांडेय ने घोरावल और शाहगंज इलाके का भ्रमण कर फसलों की क्षति का हाल जाना। किसानों को आश्वासन दिया कि नुकसान का सही आंकलन करने के लिए लेखपालों और कानूनगो को लगाया गया है। जांच में किसानों का अहित नहीं होने दिया जाएगा। पत्र देने वालों में लालजी तिवारी, गजेंद्र बहादुर सिंह, अमरनाथ आदि रहे।