उभ्भा कांड की दूसरी बरसीः गांव में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक, सार्वजनिक कार्यक्रम पर मनाही, जमीन विवाद में 11 लोगों की हुई थी हत्या
17 जुलाई 2019 को सोनभद्र का गुमनाम गांव उभ्भा उस समय पूरे देश में सुर्खियों में छा गया, जब एक सोसाइटी की जमीन पर कब्जे को लेकर हुए विवाद में 11 आदिवासियों की हत्या कर दी गई थी। गोलियों की तड़तड़ाहट पूरे देश में सुनाई दी थी।
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उत्तर प्रदेश में सोनभद्र के उभ्भा गांव में भूमि विवाद में 11 लोगों की हत्या मामले की दूसरी बरसी शनिवार को है। आदिवासी समुदाय के लोग बरसी मनाने की तैयारी में थे। लेकिन राजनीतिक दलों के नेताओं के पहुंचने के आसार और कोरोना को देखते हुए सार्वजनिक कार्यक्रम करने पर रोक लगा दी गई।
इसके चलते तीन किलोमीटर के क्षेत्रफल में बैरियर लगा कर पूरे गांव को सील कर दिया गया है। गांव में शुक्रवार को पुलिस बल की तैनाती कर दी गई। अधिकारियों ने बाहरी लोगों के गांव में प्रवेश पर रोक लगा दी है। एसडीएम, सीओ समेत अन्य अधिकारियों ने मृतकों के परिजनों से मिलकर घरों में बरसी मनाने की अपील की।
बता दें कि उभ्भा कांड 17 जुलाई 2019 को हुआ था। पीड़ित परिवार एवं आदिवासी समुदाय के लोग शनिवार को उभ्भा कांड की बरसी मनाने के लिए तैयारी कर रहे थे। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रामराज गोंड़ व अन्य लोगों ने घटनास्थल पर सामूहिक रूप से बरसी मनाने की अनुमति मांगी थी लेकिन अधिकारियों ने कोविड संक्रमण को देखते हुए अनुमति देने से इनकार कर दिया।
उभ्भा जाने वाले रास्तों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है, ताकि बाहरी व राजनीतिक दलों के लोग गांव में न पहुंच सकें। गांव के आसपास तीन किलोमीटर के क्षेत्रफल में बैरियर लगाकर उभ्भा गांव को सील कर दिया गया। कन्हारी पुलिस चौकी के पास उभ्भा मार्ग पर, घटनास्थल, कन्हारी उभ्भा मार्ग पर मगरहा छलका, प्राथमिक विद्यालय और मूर्तिया समेत अन्य स्थानों पर बैरियर लगा कर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
जिले के विभिन्न थानों से पुलिस भी उभ्भा के लिए रवाना हो गई है। इसके साथ ही दिन और रात में निगरानी करने के लिए टीमें गठित की गई हैं। एसडीएम जैनेंद्र सिंह, सीओ शंकर प्रसाद, घोरावल एसएचओ बृजेश सिंह, उभ्भा चौकी प्रभारी धर्मेंद्र यादव लगातार उभ्भा और आसपास क्षेत्रों में निगरानी कर रहे हैं।
क्षेत्राधिकारी शंकर प्रसाद ने कहा कि कोरोना के चलते उभ्भा कांड की बरसी पर सार्वजनिक कार्यक्रम करने पर प्रतिबंध लगाया गया है। गांव को चारों तरफ से सील कर दिया गया है। गांव में बाहरी लोगों के प्रवेश प्रतिबंधित किया गया है।
दो बार सीएम पहुंचे थे उभ्भा
उभ्भा कांड के बाद सबसे पहले 18 जुलाई को कांग्रेस विधानमंडल दल के तत्कालीन नेता अजय कुमार लल्लू उभ्भा पहुंचे। इसके बाद 23 जुलाई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह, मुख्य सचिव, डीजीपी इत्यादि उभ्भा पहुंचे।
इसके बाद दोबारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 13 सितंबर को उभ्भा आए। फिर कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, भाकपा महासचिव डी. राजा,सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल, बसपा के प्रदेश अध्यक्ष आरएस कुशवाहा, भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण, वृंदा करात, सुभाषिनी अली समेत तमाम दिग्गज नेता उभ्भा गांव पहुंचे।
सरकार द्वारा प्रत्येक मृतकों के आश्रितों को विभिन्न मदों में 18.50 लाख रुपये, प्रत्येक घायलों को ढाई लाख रुपये, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा द्वारा मृतक आश्रितों को 10 लाख रुपए व घायलों को एक एक लाख रुपए आर्थिक सहायता प्रदान की गई। समाजवादी पार्टी द्वारा मृतक आश्रितों को एक एक लाख रुपए व घायलों को 50-50 हजार रुपए की सहायता प्रदान की गई।