उभ्भा कांड: दूसरी बरसी मनाने जा रहे कांग्रेस जिलाध्यक्ष समेत 14 गिरफ्तार, मृतकों के परिजन धरने पर बैठे
उभ्भा कांड की दूसरी बरसी पर प्रशासन की ओर से प्रतिबंध लगाने के कारण सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं हुआ। उभ्भा गांव चारों तरफ से सील कर दिया गया था। चप्पे-चप्पे पर पुलिस व पीएसी के जवान तैनात रहे।
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कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उभ्भा कांड की दूसरी बरसी शनिवार को घरों में मनाई गई। सोनभद्र प्रशासन से अनुमति न मिलने के बाद भी घटनास्थल पर ही बरसी मनाने की जिद पर अड़े उभ्भा कांड में मृतकों के परिजन और कांग्रेस नेताओं की पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई। रोकटोक से नाराज लोग धरने पर बैठ गए तो पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामराज गोड़ समेत 14 लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
गांव में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद शनिवार की दोपहर साढ़े 12 बजे अचानक गांव में हलचल तेज हुई और करीब 60 लोग कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामराज गोंड़ के आवास पर एकत्रित हो गए। उभ्भा कांड के पीड़ित परिवार मृतकों की तस्वीर हाथों में लेकर कांग्रेस नेताओं के साथ श्रद्धांजलि कार्यक्रम के लिए घटनास्थल पर जाने लगे।
इसकी सूचना मिलते ही एसडीएम जैनेंद्र सिंह, सीओ शंकर प्रसाद, प्रभारी निरीक्षक बृजेश सिंह फोर्स के साथ वहां पहुंचे और सभी को प्राथमिक विद्यालय के पास रोक दिया। इससे नाराज लोग वहीं धरने पर बैठ गए। पुलिस प्रशासन के अधिकारी करीब पौने एक घंटे तक उन्हें घटनास्थल पर न जाने और श्रद्धांजलि कार्यक्रम न करने के लिए समझाते रहे।
प्रियंका गांधी ने दिया था उभ्भा गांव जाने का निर्देश
काफी कोशिशों के बाद भी बात नहीं बनी तो अंतत: पुलिस ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामराज गोंड़, महासचिव बद्री सिंह गोंड सहित 14 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इन्हें घोरावल ले जाकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय आश्रम पद्धति विद्यालय में रखा गया।
पुलिस प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए छह कांग्रेस नेता उभ्भा गांव पहुंच गए। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रामराज गोंड़ ने बताया कि प्रियंका गांधी के लखनऊ व अन्य जगहों पर कार्यक्रम के कारण वे लखनऊ गए थे। लेकिन प्रियंका गांधी ने उन्हें उभ्भा कांड की बरसी के मद्देनजर उभ्भा जाने का निर्देश दिया। इसके बाद वे शनिवार की भोर में उभ्भा पहुंच गए।
उभ्भा गांव चारों तरफ से रहा सील, बाहरी लोगों को नहीं आने दिया गया
गांव में पूरे दिन जिले एवं तहसील के आला अफसरों समेत खुफिया एजेंसियों के लोग डटे रहे। आदिवासी बहुल उभ्भा गांव में गांव में 17 जुलाई 2019 को जमीनी विवाद में हुए खूनी संघर्ष में गोंड़ समुदाय के 4 महिलाओं समेत 11 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 28 लोग घायल हुए थे। शनिवार को मृतकों की दूसरी बरसी को लेकर प्रशासन पहले से ही सतर्क था। चार दिनों से उभ्भा गांव में गांव में जिले के आला पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों का लगातार दौरा हो रहा था।